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एनएच बंद होने से रोडवेज को 12 लाख से अधिक का नुकसान
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लोहाघाट रोडवेज स्टेशन पर खड़ी बसें। संवाद
- फोटो : LOHAGHAT
लोहाघाट (चंपावत)। भारी बारिश के चलते टनकपुर- पिथौरागढ़ एनएच चार दिनों से बड़े वाहनों के लिए बंद होने से रोडवेज को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही मैदानी क्षेत्रों को जाने वाले यात्रियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दशहरा पर्व निपटने के बाद हुई मूसलाधार बारिश के चलते टनकपुर एनएच बंद हो गया था। एनएच बंद होने से रोडवेज की सेवाएं ठप हो गई। यात्रियों को हल्द्वानी होते हुए दिल्ली, देहरादून, गुरूग्राम, बरेली आदि स्थानों को जाना पड़ा जिसके कारण अधिक समय लगने के साथ उन्हें अधिक किराया चुकाना पड़ा। रोडवेज के एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि चार दिनों तक एनएच बंद होने से लोहाघाट डिपो को करीब 12 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। एजीएम ने बताया कि प्रशासन की ओर से बुधवार को एनएच पर बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू करने के बाद टनकपुर के लिए एक बस भेजी गई जबकि वाया देवीधुरा होते हुए तीन बसों को हल्द्वानी भेजा गया।
टनकपुर में फंसी रोडवेज की 16 बसें
लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज के लोहाघाट डिपो में वर्तमान में 32 बसें संचालित हैं। एनएच बंद होने से 16 बसें टनकपुर में ही फंसी रहीं। बाद में इन बसों का टनकपुर से मैदानी क्षेत्रों के लिए संचालन किया गया। रोडवेज की ओर से प्रतिदिन लोहाघाट से दिल्ली, देहरादून, गुरूग्राम, बरेली, काशीपुर, हरिद्वार, नैनीताल, हल्द्वानी आदि स्थानों के लिए 16 बस सेवाओं का संचालन होता है। संवाद
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संविदा, एजेंसी चालक -परिचालकों को भी हुआ नुकसान
लोहाघाट (चंपावत)। एनएच बंद होने से बसों का संचालन न होने पर सबसे अधिक नुकसान रोडवेज के संविदा, एजेंसी, आउटसोर्स चालक-परिचालकों को हुआ है। जिन चालक-परिचालकों का भुगतान किलोमीटर के आधार पर होता है, बसों का संचालन ठप होने से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। एजीएम गौतम ने बताया कि लोहाघाट डिपो में करीब 141 चालक-परिचालक हैं, जिनमें से 80 फीसदी चालक-परिचालकों को किलोमीटर के हिसाब से वेतन का भुगतान किया जाता है। उन्होंने बताया कि एनएच बंद होने से अधिकांश संविदा, एजेंसी चालक परिचालकों को ड्यूटी देने का प्रयास किया गया है। संवाद
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दशहरा पर्व निपटने के बाद हुई मूसलाधार बारिश के चलते टनकपुर एनएच बंद हो गया था। एनएच बंद होने से रोडवेज की सेवाएं ठप हो गई। यात्रियों को हल्द्वानी होते हुए दिल्ली, देहरादून, गुरूग्राम, बरेली आदि स्थानों को जाना पड़ा जिसके कारण अधिक समय लगने के साथ उन्हें अधिक किराया चुकाना पड़ा। रोडवेज के एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि चार दिनों तक एनएच बंद होने से लोहाघाट डिपो को करीब 12 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। एजीएम ने बताया कि प्रशासन की ओर से बुधवार को एनएच पर बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू करने के बाद टनकपुर के लिए एक बस भेजी गई जबकि वाया देवीधुरा होते हुए तीन बसों को हल्द्वानी भेजा गया।
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टनकपुर में फंसी रोडवेज की 16 बसें
लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज के लोहाघाट डिपो में वर्तमान में 32 बसें संचालित हैं। एनएच बंद होने से 16 बसें टनकपुर में ही फंसी रहीं। बाद में इन बसों का टनकपुर से मैदानी क्षेत्रों के लिए संचालन किया गया। रोडवेज की ओर से प्रतिदिन लोहाघाट से दिल्ली, देहरादून, गुरूग्राम, बरेली, काशीपुर, हरिद्वार, नैनीताल, हल्द्वानी आदि स्थानों के लिए 16 बस सेवाओं का संचालन होता है। संवाद
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संविदा, एजेंसी चालक -परिचालकों को भी हुआ नुकसान
लोहाघाट (चंपावत)। एनएच बंद होने से बसों का संचालन न होने पर सबसे अधिक नुकसान रोडवेज के संविदा, एजेंसी, आउटसोर्स चालक-परिचालकों को हुआ है। जिन चालक-परिचालकों का भुगतान किलोमीटर के आधार पर होता है, बसों का संचालन ठप होने से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। एजीएम गौतम ने बताया कि लोहाघाट डिपो में करीब 141 चालक-परिचालक हैं, जिनमें से 80 फीसदी चालक-परिचालकों को किलोमीटर के हिसाब से वेतन का भुगतान किया जाता है। उन्होंने बताया कि एनएच बंद होने से अधिकांश संविदा, एजेंसी चालक परिचालकों को ड्यूटी देने का प्रयास किया गया है। संवाद