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च नौती बन गया राष्ट्रीय राजमार्ग खोलना, लगातार दूसरे दिन बंद रहा
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में धौन के पास आए मलबे को हटाने में जुटी जेसीबी मशीन।
- फोटो : CHAMPAWAT
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) में निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग को आवाजाही के लिए सुचारू करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो रहा है। यह मार्ग 5 अगस्त की रात 10.28 बजे से बंद है।
धौन और स्वांला के पास दोनों तरफ से जेसीबी, पोकलैंड और लोडर होने के बावजूद पहाड़ी की तरफ से मलबा गिरने और पानी निकलने से रोड का काम निरंतर नहीं चल पा रहा है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीम को सड़क खोलने में जुटी है। चंपावत से मैदानी क्षेत्र को जाने वाले लोग अब सूखीढांग-डांडा-मीडार या देवीधुरा होते हुए आगे बढ़ रहे है।
बुधवार को चंपावत के एसडीएम अनिल गर्ब्याल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथैला, सहायक अभियंता वीके सक्सेना, कनिष्ठ अभियंता बीसी जोशी, नीरज श्रीवास्तव, शिवालय कंपनी के निदेशक सुरेंद्र राणा, जीव सौन, सुनील अगारी, तुलसी भट्ट, त्वरित कार्यवाही दल (क्यूआरटी) शंकर वर्मा, राजस्व उपनिरीक्षक छत्तर सिंह आदि मौके पर डटे रहे।
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वहीं कुछ लोगों ने सूखीढांग-डांडा-मीडार मोटर मार्ग के जरिए टनकपुर और चंपावत के बीच आवाजाही की। इस मार्ग से चंपावत और टनकपुर के बीच की दूरी 75 किमी के बजाय 150 किमी हो जाती है। मार्ग बंद होने से चंपावत बाजार और स्टेशन में भी सन्नाटा पसरा रहा।
मुसाफिर परेशान, निगम को घाटा
चंपावत/लोहाघाट। एनएच बंद होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं रोडवेज की आमदनी भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। रोडवेज के वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी भुवन चंद्र आर्या ने बताया कि बुधवार को भी सात बसों का संचालन बंद रहा।
इसके चलते नैनीताल, गुड़गांव, बरेली रूट की सेवाएं प्रभावित रही। अलबत्ता छह बसों को देवीधुरा होते हुए आगे भेजा गया। बस सेवा बाधित होने से तीन दिनों में करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान निगम को हो चुका है। इधर, चंपावत रोडवेज बस स्टेशन में आवाजाही ठप होने से स्टेशन का मुख्य द्वार भी बंद कर दिया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग को खोलने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि बृहस्पतिवार तक सड़क को पूरी तरह खोल दिया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर आवाजाही कम करना उचित है। जरूरी होने पर लोग सूखीढांग-डांडा-मीडार मार्ग या देवीधुरा होते हुए आवाजाही करें।
-सुरेंद्र नारायण पांडेय, जिलाधिकारी, चंपावत।
लोहाघाट डिपो की देवीधुरा होते हुए बुधवार को भेजी गई बसें:
दिल्ली के लिए 3 बसें, देहरादून के लिए 2 बसें, हल्द्वानी के लिए एक बस।
चंपावत जिले की सात सड़कें बंद
मंच-नीड़ मार्ग :सुबह 7.30 बजे से बंद।
खटोली-मल्ली मार्ग: सुबह 7.48 बजे से बंद।
स्याला-पोथ मार्ग :सुबह 7.35 बजे से बंद।
खटोली मल्ला-वैला मार्ग: सुबह 11.30 बजे से बंद।
रौसाल-चछिलकोट मार्ग : सुबह 7.30 बजे से बंद।
बांकू-सुल्ला-पासम :सुबह 7.15 बजे से बंद।
पुनाबे-सिप्टी मार्ग :सुबह 6.00 बजे से बंद।
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धौन और स्वांला के पास दोनों तरफ से जेसीबी, पोकलैंड और लोडर होने के बावजूद पहाड़ी की तरफ से मलबा गिरने और पानी निकलने से रोड का काम निरंतर नहीं चल पा रहा है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीम को सड़क खोलने में जुटी है। चंपावत से मैदानी क्षेत्र को जाने वाले लोग अब सूखीढांग-डांडा-मीडार या देवीधुरा होते हुए आगे बढ़ रहे है।
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बुधवार को चंपावत के एसडीएम अनिल गर्ब्याल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथैला, सहायक अभियंता वीके सक्सेना, कनिष्ठ अभियंता बीसी जोशी, नीरज श्रीवास्तव, शिवालय कंपनी के निदेशक सुरेंद्र राणा, जीव सौन, सुनील अगारी, तुलसी भट्ट, त्वरित कार्यवाही दल (क्यूआरटी) शंकर वर्मा, राजस्व उपनिरीक्षक छत्तर सिंह आदि मौके पर डटे रहे।
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वहीं कुछ लोगों ने सूखीढांग-डांडा-मीडार मोटर मार्ग के जरिए टनकपुर और चंपावत के बीच आवाजाही की। इस मार्ग से चंपावत और टनकपुर के बीच की दूरी 75 किमी के बजाय 150 किमी हो जाती है। मार्ग बंद होने से चंपावत बाजार और स्टेशन में भी सन्नाटा पसरा रहा।
मुसाफिर परेशान, निगम को घाटा
चंपावत/लोहाघाट। एनएच बंद होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं रोडवेज की आमदनी भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। रोडवेज के वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी भुवन चंद्र आर्या ने बताया कि बुधवार को भी सात बसों का संचालन बंद रहा।
इसके चलते नैनीताल, गुड़गांव, बरेली रूट की सेवाएं प्रभावित रही। अलबत्ता छह बसों को देवीधुरा होते हुए आगे भेजा गया। बस सेवा बाधित होने से तीन दिनों में करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान निगम को हो चुका है। इधर, चंपावत रोडवेज बस स्टेशन में आवाजाही ठप होने से स्टेशन का मुख्य द्वार भी बंद कर दिया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग को खोलने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि बृहस्पतिवार तक सड़क को पूरी तरह खोल दिया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर आवाजाही कम करना उचित है। जरूरी होने पर लोग सूखीढांग-डांडा-मीडार मार्ग या देवीधुरा होते हुए आवाजाही करें।
-सुरेंद्र नारायण पांडेय, जिलाधिकारी, चंपावत।
लोहाघाट डिपो की देवीधुरा होते हुए बुधवार को भेजी गई बसें:
दिल्ली के लिए 3 बसें, देहरादून के लिए 2 बसें, हल्द्वानी के लिए एक बस।
चंपावत जिले की सात सड़कें बंद
मंच-नीड़ मार्ग :सुबह 7.30 बजे से बंद।
खटोली-मल्ली मार्ग: सुबह 7.48 बजे से बंद।
स्याला-पोथ मार्ग :सुबह 7.35 बजे से बंद।
खटोली मल्ला-वैला मार्ग: सुबह 11.30 बजे से बंद।
रौसाल-चछिलकोट मार्ग : सुबह 7.30 बजे से बंद।
बांकू-सुल्ला-पासम :सुबह 7.15 बजे से बंद।
पुनाबे-सिप्टी मार्ग :सुबह 6.00 बजे से बंद।

टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में धौन के पास आया भारी मलबा।- फोटो : CHAMPAWAT