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पर्व स्नान के साथ नगरुघाट मेले का समापन
अमर उजाला ब्यूरो, लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Sun, 05 Nov 2017 12:38 AM IST
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महिला-पुरुषों ने रात देर तक झोड़ों का गायन किया
- फोटो : अमर उजाला
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लोहाघाट (चंपावत)। भारत-नेपाल सीमा का विभाजन करने वाली महाकाली नदी के तट में स्थित नगरुघाट का मेला पर्व स्नान के साथ संपन्न हो गया। मेले में सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के अलावा नेपाल से लगे इलाके के श्रद्धालु भी शामिल हुए। महिला-पुरुषों ने रात देर तक झोड़ों का गायन कर भगवान नागार्जुन की आराधना की। कार्तिक पूर्णिमा पर शनिवार को तड़के सूर्योदय से पहले श्रद्धालुओं ने पर्व स्नान कर भगवान नागार्जुन के दर्शन किए।
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शुक्रवार देर रात सल्टा, बगोटी, जमरसों से देव रथ पहुंचे। वहीं सुनकुरी, लेटी, पासम, मंजपीपल गांवों से आए देवरथों, जत्थों ने मंदिर की परिक्रमा की। श्रद्धालु देव डांगरों को कंधों में बैठाकर मंदिर में लाए। शनिवार को महाकाली नदी के तट में मेला हुआ। इस दौरान यहां लगी दुकानों में खरीदारी भी हुई। मेला आयोजन समिति की ओर से बहादुर चंद, विक्रम सामंत, डॉ. सतीश पांडेय, अनिल पांडेय, मोहन पांडेय, खष्टी बल्लभ, हरीश बोहरा आदि ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। मेले के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, राजस्व पुलिस की टीमें मौजूद थीं।
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लधौनधुरा मेले में सैकड़ों लोगों ने शिरकत की
चंपावत। लधौनधुरा मेले का पूजा-पाठ के साथ शनिवार को समापन हो गया। सूर्योदय के समय शिव डोला खरही से लधौनधुरा शिव मंदिर पहुंचा। पुजारी पंडित प्रकाश शर्मा ने पूजा-अर्चना की। अब एक वर्ष के लिए यह डोला ईजर गांव के शिव मंदिर में रहेगा।
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भंडारे में सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष कैलाश महराना, दीपक जोशी, वीरु बिष्ट, बंटी महराना, बल्लू महराना, नवीन सिंह, भुप्पी महर, अशोक बिष्ट, रमेश जोशी, दीपक महराना, प्रकाश बोहरा, महेश सिंह, जगदीश चंद्र आदि ने सहयोग दिया।