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सेनानी की पत्नी के अंतिम संस्कार में नहीं हुई पहुंचे प्रशासनिक प्रतिनिधि
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय हरक सिंह भंडारी की धर्मपत्नी जैमंती देवी (फाइल फोटो)।
- फोटो : CHAMPAWAT
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पुल्ला क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. हरक सिंह भंडारी की पत्नी जैमंती देवी के अंतिम संस्कार में प्रशासन का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। प्रशासन के इस बेरुखेपन से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संगठन में नाराजगी है। सेनानी की पत्नी जैमंती देवी (93) का छह अक्तूबर को निधन हो गया था। वे अपने पीछे दो बेटों राम सिंह व लोक सिंह सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं।
स्वतंत्रता सेनानी हक सिंह भंडारी आजाद हिंद फौज के सदस्य थे और उन्होंने 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में बढ़चढ़ कर शिरकत की थी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन का कहना है कि सेनानी की पत्नी के अंतिम संस्कार में प्रशासन की ओर से कोई भी प्रतिनिधि मौजूद नहीं था और न ही उनके परिवार को अंत्येष्टि के लिए मिलने वाली पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई।
संगठन के जिलाध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी का कहना है कि अंतिम संस्कार में प्रशासन के किसी नुमाइंदे की मौजूदगी जरूर होनी चाहिए थी। ऐसा नहीं होने से सेनानी उत्तराधिकारी संगठन में नाराजगी है।
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इधर सेनानी संगठन के चक्रपाणि ओली, पूरन चंद्र उप्रेती, चंद्रमोहन जोशी, गुमान सिंह पृथोली, कल्याण सिंह अधिकारी, गोविंद जोशी, मोहन जोशी, डॉ.जनक चंद, कैप्टन त्रिलोक जोशी, श्याम दत्त जोशी, प्रकाश जोशी, प्रकाश चौड़ाकोटी, सुधीर साह आदि ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरक सिंह भंडारी की धर्मपत्नी जैमंती के निधन की जानकारी प्रशासन तक नहीं पहुंची। इस कारण प्रशासन का कोई प्रतिनिधि अंत्येष्टि में नहीं पहुंच सका। अलबत्ता निर्धारित नियमों के अनुरूप सेनानी परिवार को सभी सुविधा दी जाएगी।
आरसी गौतम, उप जिलाधिकारी, लोहाघाट।
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स्वतंत्रता सेनानी हक सिंह भंडारी आजाद हिंद फौज के सदस्य थे और उन्होंने 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में बढ़चढ़ कर शिरकत की थी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन का कहना है कि सेनानी की पत्नी के अंतिम संस्कार में प्रशासन की ओर से कोई भी प्रतिनिधि मौजूद नहीं था और न ही उनके परिवार को अंत्येष्टि के लिए मिलने वाली पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई।
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संगठन के जिलाध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी का कहना है कि अंतिम संस्कार में प्रशासन के किसी नुमाइंदे की मौजूदगी जरूर होनी चाहिए थी। ऐसा नहीं होने से सेनानी उत्तराधिकारी संगठन में नाराजगी है।
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इधर सेनानी संगठन के चक्रपाणि ओली, पूरन चंद्र उप्रेती, चंद्रमोहन जोशी, गुमान सिंह पृथोली, कल्याण सिंह अधिकारी, गोविंद जोशी, मोहन जोशी, डॉ.जनक चंद, कैप्टन त्रिलोक जोशी, श्याम दत्त जोशी, प्रकाश जोशी, प्रकाश चौड़ाकोटी, सुधीर साह आदि ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरक सिंह भंडारी की धर्मपत्नी जैमंती के निधन की जानकारी प्रशासन तक नहीं पहुंची। इस कारण प्रशासन का कोई प्रतिनिधि अंत्येष्टि में नहीं पहुंच सका। अलबत्ता निर्धारित नियमों के अनुरूप सेनानी परिवार को सभी सुविधा दी जाएगी।
आरसी गौतम, उप जिलाधिकारी, लोहाघाट।