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रेफर महिला मरीज के आड़े आ रही गरीबी

Sun, 14 May 2017 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत Updated Sun, 14 May 2017 11:00 PM IST
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Referral Women's Poverty
जिला अस्पताल में भर्ती महिला - फोटो : अमर उजाला

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जिले के सबसे बड़े अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी मरीजों के लिए मुसीबत का सबब बन रही है। कार्डियोलॉजिस्ट (हृदयरोग विशेषज्ञ) एवं छाती रोग विशेषज्ञ के नहीं होने से जिला अस्पताल में एक महिला मरीज जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। यह महिला मरीज 16 दिनों से जिला अस्पताल में भर्ती है। मरीज के तीमारदार इलाज में हीलाहवाली का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, बिगड़ती हालत को देखते हुए महिला को रेफर किया जा रहा है, लेकिन गरीबी के चलते महिला के परिजन उसे यहां से कहीं अन्य जाने की स्थिति में भी नहीं है।

जिला मुख्यालय से करीब 39 किलोमीटर दूर तल्ली खटोली गांव की नारायणी (55) पत्नी भवान सिंह दमे से पीड़ित है। परिजनों का कहना है कि कुछ महीने पहले खटीमा एवं हल्द्वानी में इलाज कराने के बाद तबियत सुधरने पर उन्हें घर लाया गया। घर पहुंचने के कुछ दिनों बाद महिला की तबियत बिगड़ी, तो 29 अप्रैल को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीमार नारायणी के पति भवान सिंह का कहना है कि डा.आरपी खंडूरी के इलाज के बाद से तबियत में कुछ सुधार हुआ। इलाज कर रहे चिकित्सक इस बीच विभागीय कार्य से देहरादून गए।
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नारायणी की तबियत फिर से बिगडने लगी, तो अस्पताल प्रशासन ने उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने के चलते रेफर करने का सुझाव दिया, लेकिन गरीबी के चलते परिजनों को इलाज के लिए आगे ले जाने में परेशानी आ रही है। भवान सिंह के पास बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) कार्ड तो है, लेकिन मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का कार्ड नहीं है। वहीं मरीज के तीमारदार एवं छात्रसंघ के उपाध्यक्ष प्रवीण सिंह ने आरोप लगाया कि नारायणी के इलाज में बीते चार दिनों से अस्पताल में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर शिकायत भी की गई, मगर हालात में कोई सुधार नहीं हुआ।
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बता दें कि जिला अस्पताल में 26 डॉक्टरों में से बमुश्किल 10 की ही तैनाती है। फिजीशियन, हृदय रोग विशेषज्ञ, न्यूरो सर्जन, यूरोलॉजिस्ट, प्लास्टिक सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, चर्म रोग, ईएनटी, अस्थिरोग विशेषज्ञ सहित 16 डॉक्टरों के पद फिलहाल रिक्त है। डॉक्टरों की कमी से मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।

नारायणी देवी 16 दिनों से अस्पताल में भर्ती है। उसे दमा की शिकायत के अलावा हृदय रोग संबंधी दिक्कत भी है। इलाज में लापरवाही नहीं की जा रही है। फिलहाल ऑक्सीजन के जरिए उनका इलाज किया जा रहा है, मगर यहां हृदय रोग और छाती रोग विशेषज्ञ नहीं होने से नारायणी को रेफर करना जरूरी है। -डा.आरके जोशी, मुख्य चिकित्साधीक्षक, जिला अस्पताल, चंपावत।



तीमारदारों के व्यवहार से डॉक्टर परेशान
जिला अस्पताल के डॉक्टर और कई पैरा मेडिकल स्टाफ का कहना है कि वे जिला अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के हिसाब से बेहतरीन इलाज करने का प्रयास करता है, लेकिन कई तीमारदार अस्पताल स्टाफ से बदसलूकी कर रहे हैं। इससे उनका मनोबल और कार्यक्षमता पर विपरीत असर पड़ रहा है।
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