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लाल धान बनेगा चंपावत जिले की विशिष्ट पहचान
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चंपावत। जिले में कृषि विभाग की ओर से ‘एक जिला एक उत्पाद’ मिशन के तहत घाटी वाले क्षेत्रों में उत्पादित होने वाले लाल धान को विशिष्ट पहचान दिलाई जाएगी। इसके लिए जिले के चारों विकासखंडों के लिए एक कार्ययोजना तैयार की गई है। जिसमें चारों विकासखंडों में लाल धान और मंडुवा प्रसंस्करण इकाइयों के अलावा तेजपात, अदरक एवं मसालों की प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना भी की जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार कर कृषि और उद्यान निदेशालय को भेजा गया है।
प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना करने के साथ ही स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग शुरू हो जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा। मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती के अनुसार किसानों की आजीविका बढ़ाने के लिए एक जिला एक उत्पाद को लेकर बीते दिनों हुई जिला स्तरीय बैठक में जिले के विभिन्न उत्पादों को वरीयता के आधार पर प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के लिए चयनित किया गया है। जिले में चार प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए कृषि और उद्यान निदेशालय को प्रस्ताव भेजकर धनराशि की मांग की गई है।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार
चंपावत। एक जिला एक उत्पाद के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के बाद स्थानीय उत्पादों को आसानी से बाजार मिल सकेगा। कृषि विभाग की ओर से काश्तकारों को लाल धान की खेती करने के साथ मंडुवे की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती के अनुसार जिले में प्रसंस्करण इकाइयों के खुलने से काश्तकारों की आजीविका में भी बढ़ोतरी होगी।
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लाल चावल के लाभ
चंपावत के मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती बताते हैं कि लाल चावल मधुमेह में सबसे ज्यादा लाभकारी है। फाइबरयुक्त होने से ये चावल सुपाच्य होने के साथ ही पौष्टिकता से भी भरपूर होता है। मोटापा कम करने और अस्थमा से लड़ने में भी सहायक है।
मंडवा : कई जगह इसे रागी के नाम से जाना जाता है। इसमें 80 प्रतिशत तक कैल्शियम की मात्रा पाई जाती है। रक्तचाप नियंत्रित करने के साथ ही इसमें आयरन भरपूर मात्रा में होता है। शूगर के मरीजों के लिए भी यह आटा फायदेमंद है।
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प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना करने के साथ ही स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग शुरू हो जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा। मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती के अनुसार किसानों की आजीविका बढ़ाने के लिए एक जिला एक उत्पाद को लेकर बीते दिनों हुई जिला स्तरीय बैठक में जिले के विभिन्न उत्पादों को वरीयता के आधार पर प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के लिए चयनित किया गया है। जिले में चार प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए कृषि और उद्यान निदेशालय को प्रस्ताव भेजकर धनराशि की मांग की गई है।
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स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार
चंपावत। एक जिला एक उत्पाद के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के बाद स्थानीय उत्पादों को आसानी से बाजार मिल सकेगा। कृषि विभाग की ओर से काश्तकारों को लाल धान की खेती करने के साथ मंडुवे की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती के अनुसार जिले में प्रसंस्करण इकाइयों के खुलने से काश्तकारों की आजीविका में भी बढ़ोतरी होगी।
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लाल चावल के लाभ
चंपावत के मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती बताते हैं कि लाल चावल मधुमेह में सबसे ज्यादा लाभकारी है। फाइबरयुक्त होने से ये चावल सुपाच्य होने के साथ ही पौष्टिकता से भी भरपूर होता है। मोटापा कम करने और अस्थमा से लड़ने में भी सहायक है।
मंडवा : कई जगह इसे रागी के नाम से जाना जाता है। इसमें 80 प्रतिशत तक कैल्शियम की मात्रा पाई जाती है। रक्तचाप नियंत्रित करने के साथ ही इसमें आयरन भरपूर मात्रा में होता है। शूगर के मरीजों के लिए भी यह आटा फायदेमंद है।