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बस्तिया में हाथी का फिर उत्पात
अमर उजाला ब्यूराे टनकपुर (चंपावत)।
Updated Sun, 13 May 2018 11:04 PM IST
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बस्तिया में हाथी द्वारा तोड़ा गया आम का पेड़ दिखाता ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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बस्तिया गांव में फिर आए एक हाथी ने उत्पात मचाकर ग्रामीणों की आम, केले, लीची के पेड़ों को तहस-नहस करने के साथ ही गडेरी, चरी, मक्का आदि फसलों को रौंदकर नष्ट कर दिया। ग्रामीणों के भगाने की कोशिश पर हाथी हमले के लिए पीछे भी दौड़ा। हाथी के उग्र तेवर से ग्रामीणों में दहशत बनी है। सूचना पर सुबह वन कर्मी ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन किया और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों की दी है।
शनिवार रात करीब दो बजे बूम रेंज से लगे बस्तिया गांव में घुसे हाथी ने गंगा दत्त जोशी, नारायण दत्त जोशी एवं हरी दत्त के आम, लीची, केले के पेड़ों को तहस-नहस करने के साथ ही गडेरी, चरी, मक्का आदि फसलों को तबाह किया है। समाजसेवी हरीश लापड़ के मुताबिक हाथी के गांव में घुसने का पता चलने पर ग्रामीण जाग गए। शोर मचाकर भगाने की कोशिश करने पर हाथी पीछे दौड़कर हमले का प्रयास करता रहा। करीब ढाई घंटे तक गांव में उत्पात मचाने के बाद हाथी बमुश्किल सुबह साढ़े चार बजे जंगल की ओर गया। सूचना पर बूम रेंज के वन रक्षक ने क्षति का मौका मुआयना किया। ग्राम प्रधान नवीन सिंह, पूर्व प्रधान सरोज देवी, पूर्व प्रधान मिलाप सिंह, शंकर सिंह, चंचल सिंह, हरीश लापड़ आदि ग्रामीणों ने वन विभाग एवं प्रशासन से हाथी और अन्य वन्यजीवों से सुरक्षा की गुुहार लगाई है।
कहीं मखना प्रजाति का तो नहीं हाथी
गांवों में अकेले घुसकर उत्पात मचा रहे हाथी के मखना प्रजाति का होने के अंदेशे से ग्रामीण खासे भयभीत हैं। बता दें कि मखना प्रजाति का हाथी झगड़ालू प्रवृत्ति का होता है, जो झुंड से अलग रहकर घूमता है। ऐसे में अकेला रहने के कारण असुरक्षा के भय से वह हमेशा हमलावर तेवर में रहता है।
शनिवार रात करीब दो बजे बूम रेंज से लगे बस्तिया गांव में घुसे हाथी ने गंगा दत्त जोशी, नारायण दत्त जोशी एवं हरी दत्त के आम, लीची, केले के पेड़ों को तहस-नहस करने के साथ ही गडेरी, चरी, मक्का आदि फसलों को तबाह किया है। समाजसेवी हरीश लापड़ के मुताबिक हाथी के गांव में घुसने का पता चलने पर ग्रामीण जाग गए। शोर मचाकर भगाने की कोशिश करने पर हाथी पीछे दौड़कर हमले का प्रयास करता रहा। करीब ढाई घंटे तक गांव में उत्पात मचाने के बाद हाथी बमुश्किल सुबह साढ़े चार बजे जंगल की ओर गया। सूचना पर बूम रेंज के वन रक्षक ने क्षति का मौका मुआयना किया। ग्राम प्रधान नवीन सिंह, पूर्व प्रधान सरोज देवी, पूर्व प्रधान मिलाप सिंह, शंकर सिंह, चंचल सिंह, हरीश लापड़ आदि ग्रामीणों ने वन विभाग एवं प्रशासन से हाथी और अन्य वन्यजीवों से सुरक्षा की गुुहार लगाई है।
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कहीं मखना प्रजाति का तो नहीं हाथी
गांवों में अकेले घुसकर उत्पात मचा रहे हाथी के मखना प्रजाति का होने के अंदेशे से ग्रामीण खासे भयभीत हैं। बता दें कि मखना प्रजाति का हाथी झगड़ालू प्रवृत्ति का होता है, जो झुंड से अलग रहकर घूमता है। ऐसे में अकेला रहने के कारण असुरक्षा के भय से वह हमेशा हमलावर तेवर में रहता है।
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