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Champawat News: स्टॉक से क्रशरों में खनिज की बिक्री पर रोक हटाने की उठाई मांग
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सीएम कैंप कार्यालय में ज्ञापन सौंपते शारदा खनन से जुड़े कारोबारी। संवाद
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। स्टॉक से क्रशरों में खनिज की बिक्री पर रोक और पट्टों की रायल्टी में वृद्धि ने रीवर ड्रेनिज नीति के खनन कारोबारियों को चिंता को डाल दिया है। कारोबारियों ने कैंप कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर स्टॉक बिक्री पर रोक हटाने और रायल्टी दर कम करने की मांग की है।
सीएम कैंप कार्यालय में सौंपे गए ज्ञापन में कारोबारियों ने कहा है कि जिले में रीवर ड्रेनिज नीति के तहत चूका और चल्थी क्षेत्र में होने वाले खनन का 90 प्रतिशत खनिज टनकपुर के स्टॉककर्ताओं के भंडारण में एकत्र होता है जिसे वह स्थानीय और सितारगंज के स्टोन क्रशरों में बेचते आए हैं लेकिन अब स्टॉक का खनिज क्रशरों में बेचने पर रोक से उनके सामने खनिज बेचने का संकट पैदा हो गया है।
वहीं दूसरी तरफ सरकार द्वारा नदियों की रायल्टी तो कम की गई है लेकिन रीवर ड्रेनिज नीति के तहत पर्वतीय क्षेत्र में होने वाले खनन की रायल्टी दर बढ़ा दी है। कहा कि पूर्व में पर्वतीय क्षेत्र में 3.50 रुपये प्रति क्विंटल और मैदानी क्षेत्र में 7 रुपये प्रति क्विंटल रायल्टी दर थी लेकिन अब सरकार द्वारा पर्वतीय क्षेत्र की रायल्टी दर बढ़ाने से खनन करना संभव नहीं है। ज्ञापन देने वालों में योगेंद्र सिंह ज्याल योगी, महेश सिंह, जगदीश खर्कवाल, विनोद भट्ट, भुवन महरा, कमल दत्त, देवेंद्र, विजय सिंह, मोहन सिंह आदि शामिल थे।
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सीएम कैंप कार्यालय में सौंपे गए ज्ञापन में कारोबारियों ने कहा है कि जिले में रीवर ड्रेनिज नीति के तहत चूका और चल्थी क्षेत्र में होने वाले खनन का 90 प्रतिशत खनिज टनकपुर के स्टॉककर्ताओं के भंडारण में एकत्र होता है जिसे वह स्थानीय और सितारगंज के स्टोन क्रशरों में बेचते आए हैं लेकिन अब स्टॉक का खनिज क्रशरों में बेचने पर रोक से उनके सामने खनिज बेचने का संकट पैदा हो गया है।
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वहीं दूसरी तरफ सरकार द्वारा नदियों की रायल्टी तो कम की गई है लेकिन रीवर ड्रेनिज नीति के तहत पर्वतीय क्षेत्र में होने वाले खनन की रायल्टी दर बढ़ा दी है। कहा कि पूर्व में पर्वतीय क्षेत्र में 3.50 रुपये प्रति क्विंटल और मैदानी क्षेत्र में 7 रुपये प्रति क्विंटल रायल्टी दर थी लेकिन अब सरकार द्वारा पर्वतीय क्षेत्र की रायल्टी दर बढ़ाने से खनन करना संभव नहीं है। ज्ञापन देने वालों में योगेंद्र सिंह ज्याल योगी, महेश सिंह, जगदीश खर्कवाल, विनोद भट्ट, भुवन महरा, कमल दत्त, देवेंद्र, विजय सिंह, मोहन सिंह आदि शामिल थे।
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