{"_id":"660aeea4ea3d4aef760f9d23","slug":"punishment-for-foreign-citizen-for-going-abroad-without-immigration-check-champawat-news-c-229-1-shld1026-106854-2024-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: बिना इमीग्रेशन जांच के विदेश जाने के मामले में विदेशी नागरिक को सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: बिना इमीग्रेशन जांच के विदेश जाने के मामले में विदेशी नागरिक को सजा
Mon, 01 Apr 2024 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 01 Apr 2024 10:58 PM IST
विज्ञापन
चंपावत। बिना इमिग्रेशन जांच के नेपाल जाने के मामले में विदेशी नागरिक को छह माह के कारावास और 10 हजार जुर्माने से दंडित किया गया है। सिविल जज सीनियर डिविजन एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमंत राणा की अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
वर्ष 2019 में इजराइली नागरिक बेनैम यानिव बनबसा से इमिग्रेशन जांच से बचते हुए नेपाल की ओर जा रहा था। इमिग्रेशन कार्यालय के कर्मियों ने बिना जांच के भारत से नेपाल जाने पर इजारइली नागरिक को रोका। पासपोर्ट जांच में उसके पास वैध वीजा नहीं पाया गया। विदेशी नागरिक के पास भारत से बाहर निकलने की प्राविष्टि भारतीय आव्रजन कार्यालय से नहीं होने के कारण उसको वापस भारतीय आव्रजन कार्यालय बनबसा भेजा गया लेकिन वह दोबारा नेपाल की तरफ जाने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। आरोपी नागरिक पर सीबीआई ने रेड नोटिस वर्ष 2010 में जारी किया था लेकिन नोटिस सितंबर 2011 में नोटिस को निरस्त कर दिया गया था। अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता एससी जोशी, मनीषा उप्रेती और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता दीपक जोशी रहे।
विज्ञापन
वर्ष 2019 में इजराइली नागरिक बेनैम यानिव बनबसा से इमिग्रेशन जांच से बचते हुए नेपाल की ओर जा रहा था। इमिग्रेशन कार्यालय के कर्मियों ने बिना जांच के भारत से नेपाल जाने पर इजारइली नागरिक को रोका। पासपोर्ट जांच में उसके पास वैध वीजा नहीं पाया गया। विदेशी नागरिक के पास भारत से बाहर निकलने की प्राविष्टि भारतीय आव्रजन कार्यालय से नहीं होने के कारण उसको वापस भारतीय आव्रजन कार्यालय बनबसा भेजा गया लेकिन वह दोबारा नेपाल की तरफ जाने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। आरोपी नागरिक पर सीबीआई ने रेड नोटिस वर्ष 2010 में जारी किया था लेकिन नोटिस सितंबर 2011 में नोटिस को निरस्त कर दिया गया था। अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता एससी जोशी, मनीषा उप्रेती और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता दीपक जोशी रहे।
विज्ञापन