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धौन-बडोली मार्ग निर्माण को लेकर प्रदर्शन किया
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Tue, 13 Jun 2017 10:50 PM IST
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चंपावत में प्रदर्शन करते धौन मझेड़ा के ग्रामीण।
- फोटो : amar ujala
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रस्तावित धौन-मझेड़ा-बडोली मार्ग के गलत सर्वे को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि धौन-मझेड़ा-बडोली नाम से स्वीकृत हुई सड़क का कार्यदायी संस्था द्वारा गलत सर्वे कर इसे स्वांला से बडोली तक कर दिया गया है।
इससे मझेड़ा के ग्रामीणों की अधिकांश नाप भूमि को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने इस संबंध में जिला मुख्यालय पहुंचे क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा को ज्ञापन भी सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में एसडीएम सदर की ओर से प्रस्तावित सड़क के सर्वे को लेकर मौका मुआयना किया था, तब गलत सर्वे की शिकायत सही पाई गई थी।
एसडीएम की ओर से डीएम को भेजी गई रिपोर्ट में भी सड़क को धौन-मझेड़ा से बडोली तक बनाए जाने की संस्तुति की गई थी, लेकिन इसके बाद भी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारी मोटर मार्ग का सर्वे स्वांला से किए जाने पर आमादा हैं।
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ग्रामीणों का कहना था कि यदि मार्ग का सर्वे सही तरीके से किया जाता तो मझेड़ा के ग्रामीणों को भी सड़क का लाभ मिलता। सड़क निर्माण के लिए जरूरी जनसंख्या के मानक मझेड़ा ग्राम पंचायत ही पूरा कर रही है, लेकिन कार्यदायी संस्था ग्रामीणों के विरोध को नजरअंदाज कर रही हैं।
इससे लोगों की जनभावनाएं आहत हुई हैं। वहां लीलाधर भट्ट, दुर्गादत्त भट्ट, बचीराम, गोपाल दत्त, डुंगरदेव, सुरेश चंद्र, हरीश चंद्र, रमेश चंद्र, गिरीश चंद्र, भुवन चंद्र सहित तमाम ग्रामीण शामिल रहे।
स्वांला-बडोली प्रस्तावित सर्वे में आ रहे हैं सैकड़ों पेड़
ग्रामीणों का कहना है कि स्वांला से बडोली तक प्रस्तावित सड़क के सर्वे में चीड़ सहित सैकड़ों फलदार पेड़ आ रहे हैं, लेकिन कार्यदायी संस्था की ओर से एक भी पेड़ नहीं होने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग उठाई है।
उनका कहना है कि यदि कार्यदायी संस्था जबरन गलत सर्वे के आधार पर रोड का निर्माण करती है तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
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इससे मझेड़ा के ग्रामीणों की अधिकांश नाप भूमि को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने इस संबंध में जिला मुख्यालय पहुंचे क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा को ज्ञापन भी सौंपा।
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ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में एसडीएम सदर की ओर से प्रस्तावित सड़क के सर्वे को लेकर मौका मुआयना किया था, तब गलत सर्वे की शिकायत सही पाई गई थी।
एसडीएम की ओर से डीएम को भेजी गई रिपोर्ट में भी सड़क को धौन-मझेड़ा से बडोली तक बनाए जाने की संस्तुति की गई थी, लेकिन इसके बाद भी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारी मोटर मार्ग का सर्वे स्वांला से किए जाने पर आमादा हैं।
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ग्रामीणों का कहना था कि यदि मार्ग का सर्वे सही तरीके से किया जाता तो मझेड़ा के ग्रामीणों को भी सड़क का लाभ मिलता। सड़क निर्माण के लिए जरूरी जनसंख्या के मानक मझेड़ा ग्राम पंचायत ही पूरा कर रही है, लेकिन कार्यदायी संस्था ग्रामीणों के विरोध को नजरअंदाज कर रही हैं।
इससे लोगों की जनभावनाएं आहत हुई हैं। वहां लीलाधर भट्ट, दुर्गादत्त भट्ट, बचीराम, गोपाल दत्त, डुंगरदेव, सुरेश चंद्र, हरीश चंद्र, रमेश चंद्र, गिरीश चंद्र, भुवन चंद्र सहित तमाम ग्रामीण शामिल रहे।
स्वांला-बडोली प्रस्तावित सर्वे में आ रहे हैं सैकड़ों पेड़
ग्रामीणों का कहना है कि स्वांला से बडोली तक प्रस्तावित सड़क के सर्वे में चीड़ सहित सैकड़ों फलदार पेड़ आ रहे हैं, लेकिन कार्यदायी संस्था की ओर से एक भी पेड़ नहीं होने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग उठाई है।
उनका कहना है कि यदि कार्यदायी संस्था जबरन गलत सर्वे के आधार पर रोड का निर्माण करती है तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।