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प्रधानमंत्री ड्रोन से करेंगे निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Thu, 22 Mar 2018 11:12 PM IST
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चंपावत जिले में बारहमासी सड़क चौड़ीकरण कार्य में लगी पोकलेंड मशीन।
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चार धाम यात्रा मार्ग के साथ ही टनकपुर और पिथौरागढ़ के बीच निर्माणाधीन बारहमासी सड़क (ऑल वैदर रोड) के निर्माण कार्यों की अब तक की प्रगति की समीक्षा स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। प्रधानमंत्री ड्रोन कैमरों के माध्यम से बारहमासी सड़क की प्रगति की समीक्षा करने के साथ अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से रूबरू भी होंगे। प्रधानमंत्री की समीक्षा के लिए टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच निर्माणाधीन सड़क में धौन और बनलेख के बीच ड्रोन उड़ाया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड के अधिकारी तैयारियों में जुटे हुए हैं।
राजमार्ग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला के अनुसार प्रधानमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग 23 से 28 मार्च तक प्रस्तावित है। बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी बारहमासी सड़क परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 125 को टनकपुर से पिथौरागढ़ तक बारहमासी सड़क में तब्दील किया जा रहा है। इन दिनों इस सड़क पर दिन रात निर्माण कार्य चल रहा है। ताकि वर्ष 2019 तक निर्माण कार्य को निर्धारित समय में पूरा कराया जा सके। टनकपुर से पिथौरागढ़ तक 150 किलोमीटर सड़क को बारहमासी सड़क बनाने में 1626.84 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें चंपावत जिला मुख्यालय और उपनगर लोहाघाट में बाइपास का निर्माण भी किया जाना है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच निर्माणाधीन बारहमासी सड़क सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां चीन सीमा तक सड़क के अलावा रेल सेवा का विस्तार कर चुका है। वहीं भारत की सीमा की सुरक्षा में लगे सैनिकों तक पहुंचने के लिए अब तक एक भी सुरक्षित और वैकल्पिक मार्ग नहीं है। बारहमासी सड़क बनने से जहां क्षेत्र में पर्यटन विकास को पंख लगेंगे, वहीं बहुउद्देशीय पंचेश्वर बांध परियोजना के निर्माण में सहायता मिलेगी।
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राजमार्ग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला के अनुसार प्रधानमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग 23 से 28 मार्च तक प्रस्तावित है। बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी बारहमासी सड़क परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 125 को टनकपुर से पिथौरागढ़ तक बारहमासी सड़क में तब्दील किया जा रहा है। इन दिनों इस सड़क पर दिन रात निर्माण कार्य चल रहा है। ताकि वर्ष 2019 तक निर्माण कार्य को निर्धारित समय में पूरा कराया जा सके। टनकपुर से पिथौरागढ़ तक 150 किलोमीटर सड़क को बारहमासी सड़क बनाने में 1626.84 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें चंपावत जिला मुख्यालय और उपनगर लोहाघाट में बाइपास का निर्माण भी किया जाना है।
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टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच निर्माणाधीन बारहमासी सड़क सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां चीन सीमा तक सड़क के अलावा रेल सेवा का विस्तार कर चुका है। वहीं भारत की सीमा की सुरक्षा में लगे सैनिकों तक पहुंचने के लिए अब तक एक भी सुरक्षित और वैकल्पिक मार्ग नहीं है। बारहमासी सड़क बनने से जहां क्षेत्र में पर्यटन विकास को पंख लगेंगे, वहीं बहुउद्देशीय पंचेश्वर बांध परियोजना के निर्माण में सहायता मिलेगी।
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