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Champawat News: एएनएम भवन में संचालित हो रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिंगराड़ा
Sat, 31 Jan 2026 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 31 Jan 2026 11:09 PM IST
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिंगराड़ा। संवाद
चंपावत। जिले के भिंगराड़ा क्षेत्र में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आज भी एएनएम भवन में संचालित हो रहा है। एएनएम भवन तक पहुंचने के लिए भी लोगों को मेहनत करनी पड़ती है। यहां पर प्रसव कक्ष की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में प्रसव कराना आसान नहीं होता है। सामान्य प्रसव के लिए एएनएम तो तैनात है लेकिन गंभीर स्थिति में जान आफत में आ जाती है।
20 ग्राम सभाओं की करीब 15 हजार की आबादी पीएचसी पर निर्भर है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों और खराब रास्तों के कारण यह सफर कई बार जानलेवा भी साबित हो जाता है। आपात स्थिति में मरीजों को इलाज के लिए 40 किमी दूर पाटी, 45 किमी दूर लोहाघाट या फिर 58 किमी दूर चंपावत जाना पड़ता है। दर्द से कराहते मरीज या प्रसव पीड़िता के लिए यह सफर आसान नहीं होता है। खराब सड़क और लंबी दूरी के चलते परिजन भी मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में खुद को असहाय महसूस करते हैं।
कोट
वर्तमान में गर्भवतियों को गंभीर स्थिति में प्रसव के लिए पाटी, लोहाघाट और चंपावत जाना पड़ता है। इससे आने-जाने में समय और धन की बर्बादी होती है। यदि स्थानीय अस्पताल में ही प्रसव के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की सुविधा शुरू कर दी जाएं तो इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत होंगी। - हेमलता, ग्रामीण
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क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। खासकर डिलीवरी के मामलों में महिलाओं को मजबूरी में दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय अस्पताल को आवश्यक संसाधनों और डॉक्टरों मिलें तो क्षेत्र की जनता को राहत मिलेगी। - दिनेश चंद्र भट्ट, अध्यक्ष, चौड़ामेहता सहकारिता समिति
क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। स्थानीय अस्पताल में डिलीवरी की सुविधा के लिए एएनएम तैनात की गई है। अस्पताल भवन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूर्व में प्रस्ताव भेजा गया है। अन्य जरूरी सेवाएं शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहें हैं। - डॉ. देवेश चौहान, सीएमओ, चंपावत
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20 ग्राम सभाओं की करीब 15 हजार की आबादी पीएचसी पर निर्भर है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों और खराब रास्तों के कारण यह सफर कई बार जानलेवा भी साबित हो जाता है। आपात स्थिति में मरीजों को इलाज के लिए 40 किमी दूर पाटी, 45 किमी दूर लोहाघाट या फिर 58 किमी दूर चंपावत जाना पड़ता है। दर्द से कराहते मरीज या प्रसव पीड़िता के लिए यह सफर आसान नहीं होता है। खराब सड़क और लंबी दूरी के चलते परिजन भी मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने में खुद को असहाय महसूस करते हैं।
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कोट
वर्तमान में गर्भवतियों को गंभीर स्थिति में प्रसव के लिए पाटी, लोहाघाट और चंपावत जाना पड़ता है। इससे आने-जाने में समय और धन की बर्बादी होती है। यदि स्थानीय अस्पताल में ही प्रसव के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक की सुविधा शुरू कर दी जाएं तो इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत होंगी। - हेमलता, ग्रामीण
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क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। खासकर डिलीवरी के मामलों में महिलाओं को मजबूरी में दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय अस्पताल को आवश्यक संसाधनों और डॉक्टरों मिलें तो क्षेत्र की जनता को राहत मिलेगी। - दिनेश चंद्र भट्ट, अध्यक्ष, चौड़ामेहता सहकारिता समिति
क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। स्थानीय अस्पताल में डिलीवरी की सुविधा के लिए एएनएम तैनात की गई है। अस्पताल भवन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूर्व में प्रस्ताव भेजा गया है। अन्य जरूरी सेवाएं शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहें हैं। - डॉ. देवेश चौहान, सीएमओ, चंपावत