{"_id":"66980e5fd370920cc70e1c88","slug":"preparation-to-take-action-against-missing-gynecologists-under-disaster-act-champawat-news-c-229-1-shld1026-110401-2024-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: नदारद गायनाकोलॉजिस्टों पर आपदा अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: नदारद गायनाकोलॉजिस्टों पर आपदा अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी
विज्ञापन
चंपावत। जिला अस्पताल में तैनात गायनाकोलॉजिस्टों के खिलाफ आपदा अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। दोनों को 24 घंटे में अस्पताल में उपस्थित होने का नोटिस भेजा गया है। अगर तय समय में वे नहीं आईं तो आपदा अधिनियम के तहत कार्रवाई होना तय है। हालांकि गर्भवतियों के लिए राहत भरी खबर भी है। दोनों गायनाकोलॉजिस्ट के नहीं आने पर अल्मोड़ा की गायनाकोलॉजिस्ट प्रसव कराएंगी।
सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में तैनात गायनाकोलॉजिस्ट को 24 घंटे में उपस्थित होने का नोटिस भेजा गया है। अस्पताल में तैनात एक गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका कांडपाल दो सप्ताह के मेडिकल अवकाश पर हैं जबकि दूसरी डॉ. मंदाकिनी ने तबीयत खराब होने की बात कहकर तीन जुलाई से अस्पताल में नहीं आई हैं। यह गायनोकॉलोजिस्ट पूर्व में मातृत्व अवकाश पर भी थीं। अब गायनाकोलॉजिस्ट बिना किसी लिखित पत्र के अवकाश पर चली गई हैं लेकिन वह कब आएंगी इसकी जानकारी किसी को नहीं है। अमर उजाला ने पांच जुलाई के अंक में गायनाकोलॉजिस्ट नहीं, कैसे होंगे प्रसव शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेकर अस्पताल प्रबंधन ने एलएमओ को सामान्य प्रसव की जिम्मेदारी दी थी। बीते सोमवार को सामान्य प्रसव के बाद प्रसूता की मौत ने इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
-- -- -- -
प्रसूता की मौत के बाद जागा स्वास्थ्य महकमा
चंपावत। लोहाघाट की प्रसूता अमिशा की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग जगा है। अस्थायी तौर पर अब अल्मोड़ा से गायनाकोलॉजिस्ट को अस्पताल में तैनात करने आदेश जारी किए गए हैं। दोनों गायनाकोलॉजिस्ट के नहीं आने तक डॉ. प्रियंका लस्पाल को जिला अस्पताल से संबद्ध किया गया है। उनका वेतन अल्मोड़ा से आहरण होता रहेगा, लेकिन वह कब तक आएंगी इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण देहरादून ने निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण कुमाऊं मंडल के पत्र के अनुपालन में अल्मोड़ा की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका को अग्रिम आदेशों तक चंपावत अस्पताल से संबद्ध किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में तैनात गायनाकोलॉजिस्ट को 24 घंटे में उपस्थित होने का नोटिस भेजा गया है। अस्पताल में तैनात एक गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका कांडपाल दो सप्ताह के मेडिकल अवकाश पर हैं जबकि दूसरी डॉ. मंदाकिनी ने तबीयत खराब होने की बात कहकर तीन जुलाई से अस्पताल में नहीं आई हैं। यह गायनोकॉलोजिस्ट पूर्व में मातृत्व अवकाश पर भी थीं। अब गायनाकोलॉजिस्ट बिना किसी लिखित पत्र के अवकाश पर चली गई हैं लेकिन वह कब आएंगी इसकी जानकारी किसी को नहीं है। अमर उजाला ने पांच जुलाई के अंक में गायनाकोलॉजिस्ट नहीं, कैसे होंगे प्रसव शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेकर अस्पताल प्रबंधन ने एलएमओ को सामान्य प्रसव की जिम्मेदारी दी थी। बीते सोमवार को सामान्य प्रसव के बाद प्रसूता की मौत ने इस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन
प्रसूता की मौत के बाद जागा स्वास्थ्य महकमा
चंपावत। लोहाघाट की प्रसूता अमिशा की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग जगा है। अस्थायी तौर पर अब अल्मोड़ा से गायनाकोलॉजिस्ट को अस्पताल में तैनात करने आदेश जारी किए गए हैं। दोनों गायनाकोलॉजिस्ट के नहीं आने तक डॉ. प्रियंका लस्पाल को जिला अस्पताल से संबद्ध किया गया है। उनका वेतन अल्मोड़ा से आहरण होता रहेगा, लेकिन वह कब तक आएंगी इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण देहरादून ने निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण कुमाऊं मंडल के पत्र के अनुपालन में अल्मोड़ा की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका को अग्रिम आदेशों तक चंपावत अस्पताल से संबद्ध किया है।
विज्ञापन