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नए जिले तो ठीक लेकिन पुरानी प्रशासनिक इकाइयों की भी सुध लो सरकार
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चंपावत। प्रदेश सरकार पांच नए जिले बनाने पर विचार कर रही है। दूसरी तरफ इस जिले में पहले से बनी कई छोटी प्रशासनिक इकाइयों में स्टाफ और संसाधनों की कमी है। पांचों तहसीलों में से एक में भी नायब तहसीलदार नहीं हैं। वर्ष 2014 में बनी बाराकोट तहसील में तहसीलदार, नायब तहसीलदार दोनों नहीं हैं। इस कारण लोगों को मामूली काम के लिए भी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। एसडीएम का पद यहां सृजित नहीं है। इस तहसील की बागडोर 13 किमी दूर लोहाघाट के हवाले है।
जिले में चंपावत, टनकपुर, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट की पांच तहसीलोें में से चार में प्रभारी तहसीलदार हैं जबकि नायब तहसीलदार एक में भी नहीं हैं। मंच और गुमदेश के उप तहसीलों में भी नायब तहसीलदार के पद खाली हैं। लोगों का कहना है कि बाराकोट में तहसीलदार और नायब तहसीलदार के दोनों पद खाली होने से आय, जाति, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, दाखिल खारिज, भूलेख संबंधी काम में देरी हो रही है।
उप तहसील की जिम्मेदारी भी तहसील के अधिकारियों की है। इस साल जुलाई से संचालित गुमदेश उप तहसील में सिर्फ खतौनी मिल पा रही है। शेष कार्यों के लिए लोहाघाट जाना पड़ रहा है।जून में खुली मंच उप तहसील में स्टाफ की कमी समेत कमजोर इंटरनेट नेटवर्क भी परेशानी पैदा कर रहे हैं।
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बाराकोट में अधिकारियों की तैनाती न होने से सामान्य कामकाज भी ठीक से नहीं हो पा रहा है। तहसील से संबंधित काम बाधित होने के साथ लोगों की मामूली शिकायतों के भी निराकरण में काफी समय लगता है। बीडीसी की बैठक सहित कई मंचों पर पदों को भरने की आवाज उठाने के बाद भी तैनाती नहीं हो सकी है। - विनीता फर्त्याल, ब्लॉक प्रमुख, बाराकोट।
तहसीलदार और नायब तहसीलदार के कई पद खाली हैं। इन्हें भरने के लिए शासन को अनुस्मरण पत्र भेजा गया है। पाटी के एसडीएम का अतिरिक्त दायित्व लोहाघाट के एसडीएम को दिया गया है। - नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत।
पाटी तहसील चार माह बाद फिर एसडीएम विहीन
पाटी (चंपावत)। पाटी तहसील की प्रशासनिक कुर्सी चार माह बाद फिर खाली हो गई है। मई में पाटी भेजे गए एसडीएम मनीष बिष्ट का यहां से स्थानांतरण हो गया है। शासन ने उन्हें ऊधमसिंह नगर भेजा है। उनके स्थान पर अभी किसी अधिकारी को नहीं भेजा गया है। पाटी का अतिरिक्त कार्यभार 31 किमी दूर लोहाघाट के एसडीएम रिंकू बिष्ट के जिम्मे है।
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जिले में चंपावत, टनकपुर, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट की पांच तहसीलोें में से चार में प्रभारी तहसीलदार हैं जबकि नायब तहसीलदार एक में भी नहीं हैं। मंच और गुमदेश के उप तहसीलों में भी नायब तहसीलदार के पद खाली हैं। लोगों का कहना है कि बाराकोट में तहसीलदार और नायब तहसीलदार के दोनों पद खाली होने से आय, जाति, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, दाखिल खारिज, भूलेख संबंधी काम में देरी हो रही है।
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उप तहसील की जिम्मेदारी भी तहसील के अधिकारियों की है। इस साल जुलाई से संचालित गुमदेश उप तहसील में सिर्फ खतौनी मिल पा रही है। शेष कार्यों के लिए लोहाघाट जाना पड़ रहा है।जून में खुली मंच उप तहसील में स्टाफ की कमी समेत कमजोर इंटरनेट नेटवर्क भी परेशानी पैदा कर रहे हैं।
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बाराकोट में अधिकारियों की तैनाती न होने से सामान्य कामकाज भी ठीक से नहीं हो पा रहा है। तहसील से संबंधित काम बाधित होने के साथ लोगों की मामूली शिकायतों के भी निराकरण में काफी समय लगता है। बीडीसी की बैठक सहित कई मंचों पर पदों को भरने की आवाज उठाने के बाद भी तैनाती नहीं हो सकी है। - विनीता फर्त्याल, ब्लॉक प्रमुख, बाराकोट।
तहसीलदार और नायब तहसीलदार के कई पद खाली हैं। इन्हें भरने के लिए शासन को अनुस्मरण पत्र भेजा गया है। पाटी के एसडीएम का अतिरिक्त दायित्व लोहाघाट के एसडीएम को दिया गया है। - नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत।
पाटी तहसील चार माह बाद फिर एसडीएम विहीन
पाटी (चंपावत)। पाटी तहसील की प्रशासनिक कुर्सी चार माह बाद फिर खाली हो गई है। मई में पाटी भेजे गए एसडीएम मनीष बिष्ट का यहां से स्थानांतरण हो गया है। शासन ने उन्हें ऊधमसिंह नगर भेजा है। उनके स्थान पर अभी किसी अधिकारी को नहीं भेजा गया है। पाटी का अतिरिक्त कार्यभार 31 किमी दूर लोहाघाट के एसडीएम रिंकू बिष्ट के जिम्मे है।