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पर्वतीय क्षेत्रों में अनिंद्रा की समस्या का प्रतिशत अधिक:डा.खंडूरी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 19 Mar 2021 11:45 PM IST
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Percentage of sleeplessness in mountainous areas is high: Dr. Khanduri
चंपावत में विश्व निंद्रा दिवस पर आयोजित गोष्ठी में मौजूद लोग। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। विश्व निद्रा दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिनी कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने चिकित्सा अधिकारियों को मरीज के निदान और उपचार में नींद के आंकलन को ध्यान में रखने के टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि एक शोध में पर्वतीय क्षेत्रों में अनिद्रा की समस्या का प्रतिशत ज्यादा पाया गया है, जो कि अनेक शारीरिक व मानसिक समस्याओं का कारण बनता है।
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सीएमओ कार्यालय सभागार में हुई इस कार्यशाला में एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पांडेय ने नींद को सबसे कारगर मेडिटेशन बताते हुए एक वयस्क के लिए कम से कम आठ घंटे की नींद को आवश्यक बताया। मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार यादव ने प्रतिभागियों के साथ रोल प्ले कर के अनिद्रा जन्य विकारों के उपचार पर चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन करते हुए साइकेट्रिक सोशल वर्कर हेम बहुगुणा ने अनिंद्रा के उपचार में औषधिरहित तकनीकों और स्लीप हाइजीन की जानकारी दी। कार्यशाला को डॉ. श्वेता खर्कवाल, डॉ. कुलदीप सिंह यादव ने भी संबोधित किया। इस दौरान डॉ. गौरांग, डॉ. ज्ञानेश्वर, डॉ. अंकुर बिष्ट, डॉ. छाया बोरा, डॉ. कीर्ति मेहता, डॉ. निवेदिता, डॉ. राजा प्रसाद, डॉ. हिमांशु कुकरेती, डॉ. प्रियदर्शिका आदि उपस्थित रहे।
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