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पेयजल संकट : रात में भी हैंडपंपों पर लग रही भीड़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 19 Apr 2017 11:16 PM IST
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चंपावत में रात के वक्त हैंडपंप से पानी भरते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के विभिन्न स्थानों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। स्थिति ये है कि रात में भी हैंडपंपों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। महिलाओं और छोटे बच्चों का अधिकांश समय पीने का पानी जुटाने में खर्च हो रहा है। उधर, जिला उद्योग केंद्र परिसर में स्थित औद्योगिक आस्थान और छतार में भी पीने के पानी का संकट पैदा हो गया है।
औद्योगिक आस्थान में तीस संयोजन हैं, इनके लिए पचास हजार लीटर क्षमता का टैंक बनाया गया है, लेकिन आस्थान में कुछ लोगों की ओर से टुल्लू पंप लगाकर सारा पानी खींच लेने से अन्य लोगों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। इसका असर आस्थान में चल रहे विभिन्न उद्योगों को उठाना पड़ रहा है।
औद्योगिक आस्थान से ही लगे छतार वार्ड में भी पेयजल संकट दिनोंदिन गहराता जा रहा है। उपभोक्ताओं की ओर से यहां टैंकर के माध्यम से पेयजल वितरित करने की मांग उठाई है। जल संस्थान के जलकल अभियंता एसएस थापा का कहना है कि पेयजल वितरण पर लगातार नजर रखी जा रही है। पीक आवर में मोटर अथवा टुल्लू पंप चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
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औद्योगिक आस्थान में तीस संयोजन हैं, इनके लिए पचास हजार लीटर क्षमता का टैंक बनाया गया है, लेकिन आस्थान में कुछ लोगों की ओर से टुल्लू पंप लगाकर सारा पानी खींच लेने से अन्य लोगों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। इसका असर आस्थान में चल रहे विभिन्न उद्योगों को उठाना पड़ रहा है।
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औद्योगिक आस्थान से ही लगे छतार वार्ड में भी पेयजल संकट दिनोंदिन गहराता जा रहा है। उपभोक्ताओं की ओर से यहां टैंकर के माध्यम से पेयजल वितरित करने की मांग उठाई है। जल संस्थान के जलकल अभियंता एसएस थापा का कहना है कि पेयजल वितरण पर लगातार नजर रखी जा रही है। पीक आवर में मोटर अथवा टुल्लू पंप चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
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