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3 घंटे का इंतजार, 6 कॉल, तब आई 108 सेवा

Mon, 04 Mar 2019 10:31 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Mon, 04 Mar 2019 10:31 PM IST
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People had to wait for 108
चंपावत जिला अस्पताल से आपात चिकित्सा सेवा 108 में घायल भुवन पंत का इलाज करते स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : अमर उजाला

गंभीर रूप से चोटिल ढुंगाजोशी (बाराकोट) गांव के भुवन पंत को एक आपात सेवा 108 वाहन के लिए छह बार कॉल करने और तीन घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा।

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ढुंगाजोशी के भुवन पंत (49) घर की छत से गिरकर चोटिल हो गए थे। रविवार को उन्हें जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ.एचएस ऐरी ने बताया कि भुवन पंत की कूल्हे और दाहिनी कलाई की हड्डी टूट गई थी। रविवार देर शाम उनकी हालत बिगड़ने लगी। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने बताया कि भुवन पंत को रविवार रात को हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया।
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मरीज के तीमारदार विवेक जोशी ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 9 बजे 108 सेवा के लिए कॉल किया। मगर 108 सेवा ने वाहन उपलब्ध कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद 108 सेवा को पांच बार और कॉल किया गया। हर बार 108 सेवा ने ईंधन की कमी और अन्य कारण बताते हुए सेवा देने में असमर्थता जताते रहे।
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बाद में तीमारदारों ने हल्ला मचाया तो 108 सेवा हल्द्वानी के लिए वाहन उपलब्ध कराने को राजी हुआ। इसके बाद वाहन ने करीब 20 मिनट का समय ईंधन भरने में लगाया। फिर कहीं मध्यान्ह 12 बजे बाद मरीज को वाहन मिल सका।

सफाई के एवज में मांगी रकम
तीमारदार विवेक  जोशी ने आरोप लगाया कि अस्पताल के एक सफाई कर्मी ने बिस्तर और वार्ड की सफाई के लिए पैसे मांगे। उन्होंने 150 रुपये दिए तो सफाई हो सकी। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. आरके जोशी ने सफाई कर्मी को तलब करते हुए जरूरी कार्यवाही करने की बात कही है। अस्पताल प्रबंधन यह भी कह रहा है कि धन सफाई कर्मी ने नहीं मांगा था, बल्कि सफाई करने के लिए खुद मरीज के तीमारदार की ओर से पेशकश की गई थी।

चंपावत की आपात चिकित्सा सेवा 108 ईंधन की कमी से हल्द्वानी जाने की स्थिति में नहीं थी। इसके अलावा इस सेवा के हल्द्वानी जाने की दशा में लोकल कॉल अटेंड करने में दुश्वारी आती। बाद में हालात को देखते हुए ईंधन भरवाकर 108 सेवा मुहैय्या करा दी गई थी।

रजत उनियाल, जिला समन्वयक, आपात चिकित्सा सेवा 108

पिछले माह भी ईंधन डालकर गई थी 108 सेवा
बाराकोट के नौमाना गांव के प्रकाश जोशी को 1800 रुपये का ईंधन डालकर आपात चिकित्सा सेवा 108 को हल्द्वानी ले जाने को मजबूर होना पड़ा। दूसरे दिन हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

तीनों केकेएस को चाहिए नए टायर
चंपावत जिले में टनकपुर, चंपावत, लोहाघाट, पाटी और रीठा साहिब में आपात सेवा 108 वाहन हैं। इनमें रीठा साहिब को छोड़ शेष चार नए वाहन होने के बावजूद ईंधन की कमी आड़े आ रही है। अधिकांश वाहन 20 किमी के दायरे में ही सेवा दे रही हैं। वहीं जिले की खुशियों की सवारी (केकेएस) के हाल भी खराब है। तीनों के केएस लंबी दूरी नहीं कर पा रही है। आपात सेवा के जिला समन्वयक रजत उनियाल का कहना है कि तीनों वाहनों के लिए छह टायरों की मांग की गई है।

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