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शारदा के तटीय इलाकों में हुए खनन से गांवों को पैदा हो सकता खतरा, ग्रामीण चिंतित
Sun, 02 Jun 2019 11:42 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sun, 02 Jun 2019 11:42 PM IST
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शारदा के तटीय क्षेत्र में खनन से गांव की छोर में नदी के हाल।
- फोटो : अमर उजाला
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शारदा के तटीय इलाकों में हुए खनन से इस बार नदी किनारे बसे आधा दर्जन गांवों के लिए पैदा हुए खतरे ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। शारदा घाट क्षेत्र में हो रहा बाढ़ सुरक्षा कार्य भी जल्द पूरा नहीं हुआ तो शारदा चुंगी कॉलोनी भी खतरे की जद में आ सकती है। इधर खनन से जिला न्यास प्राधिकरण में मोटी रकम जमा हुई है लेकिन प्रभावित क्षेत्रों की बाढ़ से सुरक्षा के लिए अब तक कोई खर्च नहीं किया गया है।
जून से शुरू होने वाले वर्षाकाल में बरसाती नदी-नालों के साथ ही शारदा के तटीय इलाकों में कटाव से बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। वर्ष 2013 के जून माह में शारदा की बाढ़ ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। शारदा स्नान घाट के साथ ही कई मकान कटाव की जद में आकर जमींदोज हुए। वहीं कई एकड़ कृषि भूमि रोखड़ में तब्दील हो गई थी। मौसम विभाग के मुताबिक हालांकि इस बार मानसून विलंब से आएगा लेकिन मानसून आने से पहले प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य न कराए जाने से तबाही की आशंका से ग्रामीण चिंतित हैं।
बताया गया कि नदी का जल स्तर अधिक होने से इस बार शारदा खनन में लगे ट्रैक्टर-ट्रालियां व अन्य वाहन नदी पार नहीं जा सके। नदी के तटीय इलाकों में खनन कर बनाए गए गड्ढों से नदी का रुख खेतखेड़ा, सुवागोठ, गैंड़ाखाली, उचौलीगोठ 28 हेक्टेयर राजस्व क्षेत्र की ओर मुड़ने की आशंका बनी हुई है। वहीं शारदा घाट में हो रहा बाढ़ सुरक्षा कार्य भी जल्द पूरा नहीं हुआ तो नदी शारदा चुंगी कॉलोनी में भी तबाही मच सकती है।
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जिला न्यास प्राधिकरण में जमा है 1.83 करोड़
टनकपुर (चंपावत)। खनन प्रभारी हरीश पाल के मुताबिक शारदा में चले खनन से जिला न्यास प्राधिकरण में करीब 1.83 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। वन निगम की ओर से एक रुपये प्रति क्विंटल और वाहन स्वामी द्वारा 75 पैसे प्रति क्विंटल के हिसाब से जिला न्यास प्राधिकरण मद में जमा किया गया है। खनन से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की सुरक्षा और विकास में न्यास प्राधिकरण मद का बजट खर्च किया जाता है।
जल्द पूरा कराया जाएगा कार्य
शारदा घाट में चल रहा बाढ़ सुरक्षा कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है, जिसे जल्द पूरा करा लिया जाएगा। आरके यादव, एई सिंचाई विभाग, टनकपुर।
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जून से शुरू होने वाले वर्षाकाल में बरसाती नदी-नालों के साथ ही शारदा के तटीय इलाकों में कटाव से बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। वर्ष 2013 के जून माह में शारदा की बाढ़ ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। शारदा स्नान घाट के साथ ही कई मकान कटाव की जद में आकर जमींदोज हुए। वहीं कई एकड़ कृषि भूमि रोखड़ में तब्दील हो गई थी। मौसम विभाग के मुताबिक हालांकि इस बार मानसून विलंब से आएगा लेकिन मानसून आने से पहले प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य न कराए जाने से तबाही की आशंका से ग्रामीण चिंतित हैं।
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बताया गया कि नदी का जल स्तर अधिक होने से इस बार शारदा खनन में लगे ट्रैक्टर-ट्रालियां व अन्य वाहन नदी पार नहीं जा सके। नदी के तटीय इलाकों में खनन कर बनाए गए गड्ढों से नदी का रुख खेतखेड़ा, सुवागोठ, गैंड़ाखाली, उचौलीगोठ 28 हेक्टेयर राजस्व क्षेत्र की ओर मुड़ने की आशंका बनी हुई है। वहीं शारदा घाट में हो रहा बाढ़ सुरक्षा कार्य भी जल्द पूरा नहीं हुआ तो नदी शारदा चुंगी कॉलोनी में भी तबाही मच सकती है।
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जिला न्यास प्राधिकरण में जमा है 1.83 करोड़
टनकपुर (चंपावत)। खनन प्रभारी हरीश पाल के मुताबिक शारदा में चले खनन से जिला न्यास प्राधिकरण में करीब 1.83 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। वन निगम की ओर से एक रुपये प्रति क्विंटल और वाहन स्वामी द्वारा 75 पैसे प्रति क्विंटल के हिसाब से जिला न्यास प्राधिकरण मद में जमा किया गया है। खनन से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की सुरक्षा और विकास में न्यास प्राधिकरण मद का बजट खर्च किया जाता है।
जल्द पूरा कराया जाएगा कार्य
शारदा घाट में चल रहा बाढ़ सुरक्षा कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है, जिसे जल्द पूरा करा लिया जाएगा। आरके यादव, एई सिंचाई विभाग, टनकपुर।