फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Patients waiting for doctors here

यहां डॉक्टरों का इंतजार करते रहे मरीज

Sat, 06 May 2017 11:07 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंपावत Updated Sat, 06 May 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
जिले के सबसे बड़े अस्पताल जिला चिकित्सालय में व्यवस्थाएं पटरी से उतरी हुई हैं। यहां मरीजों को बेहतर इलाज तो दूर, वक्त पर डॉक्टरों का पहुंचना भी कठिन हो रहा है। अक्सर मरीजों को डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ता है। अमर उजाला की पड़ताल के दौरान शनिवार को अस्पताल में यहीं स्थितियां देखने को मिली। अस्पताल खुलने के वक्त सुबह 8 बजे सिर्फ दो डॉक्टर अस्पताल में मौजूद थे। अस्पताल में तैनात दस डॉक्टरों में से पांच अवकाश पर थे।


गर्मी के सीजन में जिला अस्पताल की आउटडोर (ओपीडी) रोगियों के लिए सुबह आठ बजे से खुल जाती है, लेकिन इस वक्त तक यहां सिर्फ सर्जन डॉ.आरपी खंडूरी और नेत्र विशेषज्ञ डॉ.उदय शंकर ही अस्पताल में मौजूद थे। अस्पताल खुलने के 15 मिनट तक डिस्पेंसरी में ताला लटका था। ताला खोलने आए फार्मेसिस्ट ने बताया कि वे दवा लेने स्टोर में गए थे।
विज्ञापन



पंचेश्वर से शेर सिंह, सायली से गर्भवती महिला गंगा देवी, ढकना से माहेश्वरी और सोनू, खेतीखान से हेमा देवी और चंपावत से माया देवी पर्ची कटवा कर डॉक्टर का इंतजार करते नजर आए। इसी दौरान जनरल वार्ड में डॉ.आरपी खंडूरी दमा की मरीज नारायणी देवी की नब्ज देख रहे थे। करीब दस मिनट बाद अस्पताल पहुंचने वाली तीसरी डॉक्टर श्वेता खर्कवाल अपने चैंबर में पहुंची। इसके बाद सायली गांव की गर्भवती महिला गंगा देवी का चेकअप हुआ। सुबह करीब दस बजे डॉ.आरपी खंडूरी और डॉ.उदय शंकर पोस्टमार्टम के लिए पोस्टमार्टम हाउस चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन



जिला अस्पताल में डॉक्टरों के 26 पदों में से इस वक्त 10 डॉक्टर है। शनिवार को इन डॉक्टरों में से पांच ही हाजिर थे। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एचसी त्रिपाठी, गायिनोलॉजिस्ट डॉ. संगीता त्रिपाठी, निश्चेतक डॉ. ठाकुर, डॉ. राजेश गुप्ता और डॉ. इंद्रजीत पांडेय छुट्टी में थे।



महज पांच डॉक्टरों से संचालित अस्पताल में मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। इससे निपटने के लिए शनिवार को मुख्य चिकित्साधीक्षक (सीएमएस) डॉ. आरके जोशी ने भी मरीजों का इलाज किया। उनका कहना है कि डॉक्टरों की कमी और मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए अस्पताल के प्रशासनिक कामों को छोड़कर इलाज करना पड़ा।


्र

कोट---
जिला अस्पताल में 26 डॉक्टरों के सापेक्ष इस वक्त दस ही तैनात है। शनिवार को पांच डॉक्टर अवकाश पर थे। देर से आने वाले डॉक्टरों से जवाब-तलब किया जाएगा। -डॉ. आरके जोशी, मुख्य चिकित्साधीक्षक, जिला अस्पताल चंपावत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed