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सिंगदा के ग्रामीणों ने मलबा खाई में डालने पर जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूराे लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Fri, 18 May 2018 11:38 PM IST
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नकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में निर्माणाधीन बारहमासी सड़क में सिंगदा के पास इस प्रकार खाई में डाला जा रहा मलवा।
- फोटो : अमर उजाला
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बारहमासी सड़क के चौड़ीकरण के दौरान कार्यदायी संस्था के ठेकेदारों द्वारा मलबा सड़क से नीचे फेंके जाने से सिंगदा गांव के लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। परेशान ग्रामीणों ने मलबे को सड़क से नीचे डालने का विरोध जताते हुए प्रशासन से ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बीडीसी सदस्य मनोज सामंत, शंकर सिंह, भूपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, पूरन सिंह, गंगा सिंह आदि लोगों का कहना है बागधारा सिंगदा में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान ठेकेदारों की ओर से सड़क कटान में निकलने वाले मलबे को डंपिंग जोन में न डालकर उसे खाई में धकेला जा रहा है। जिससे पेड़ पौधों, ग्रामीणों की जमीनों, और मकानों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
उनका कहना है कि मलबे से निकलने वाली धूल से उनका जीना मुश्किल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बाग धारा और खैरनी स्थान काफी संवेदनशील है, यहां मलबा डालने से यहां की जमीन खिसकने का भय बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से गांव स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों को राहत देने की मांग की है। चेतावनी दी है कि यदि इसी प्रकार मनमाने ढंग से मलबे को नीचे धकेला जाएगा तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे।
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बीडीसी सदस्य मनोज सामंत, शंकर सिंह, भूपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, पूरन सिंह, गंगा सिंह आदि लोगों का कहना है बागधारा सिंगदा में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान ठेकेदारों की ओर से सड़क कटान में निकलने वाले मलबे को डंपिंग जोन में न डालकर उसे खाई में धकेला जा रहा है। जिससे पेड़ पौधों, ग्रामीणों की जमीनों, और मकानों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
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उनका कहना है कि मलबे से निकलने वाली धूल से उनका जीना मुश्किल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बाग धारा और खैरनी स्थान काफी संवेदनशील है, यहां मलबा डालने से यहां की जमीन खिसकने का भय बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से गांव स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों को राहत देने की मांग की है। चेतावनी दी है कि यदि इसी प्रकार मनमाने ढंग से मलबे को नीचे धकेला जाएगा तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य हो जाएंगे।
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