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सवा साल में महज दो संपर्क मार्ग बन पाए
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लोहाघाट में बदहाल सब्जी मंडी में वीरान पड़ी दुकानें।
- फोटो : LOHAGHAT
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नगर पंचायत के ऋषेश्वर वार्ड की पहचान पौराणिक महत्व के ऋषेश्वर महादेव मंदिर से है। कई मान्यताओं वाले इस देवालय में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजन को आते हैं लेकिन आध्यात्मिक धुरी वाले ऋषेश्वर वार्ड में समस्याओं की लंबी फेहरिस्त है। पेयजल किल्लत से लोग परेशान हैं। नागरिकों का कहना है कि पंचायत के गठन होने के सवा साल बाद यहां महज दो संपर्क मार्गों का निर्माण हुआ है।
पंचायत की ओर से सब्जी मंडी में निर्मित 30 दुकानें किराये पर दिए जाने के बावजूद खुल नहीं सकी हैं। पेयजल किल्लत लोगों को पानी के लिए नौलों और गधेरों की दौड़ लगाने को मजबूर करती है। पेयजल की कमी से वीरान ये दुकानें जर्जर हो रही हैं। थोड़ी सी बारिश में छत टपकने लगती है। सब्जी मंडी में न स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था है और न ही शौचालय या मूत्रालय की। वार्ड की अधिकतर नालियां खुली हैं। नालियों में पटाल न होने से दुर्गंध से लोगों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। कई नालियां चोक हैं, जगह-जगह पेयजल लाइनों में लीकेज होने से पानी सड़कों पर बह कर बर्बाद हो रहा है।
चोक नाली से निकासी की दिक्कत
भुवन बोहरा का कहना है कि हनुमान मंदिर से स्टेशन को जोड़ने वाली गली की नाली चोक होने से निकासी की दिक्कत हो रही है जिससे यहां से गुजरने वालों को परेशानी होती है।
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पानी ढोना बना मजबूरी
ज्योति ओली का कहना है कि लोग नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति को तरस रहे हैं। तीन दिन बाद बमुश्किल 40 मिनट ही पानी मिल रहा है। लोग नर्सरी गधेरे, अक्कलधारे, शिवालय मंदिर के पास के स्टेंड पोस्ट से पानी ढो रहे हैं।
नालियों के ऊपर नहीं हैं पटाल
राजेंद्र राय का कहना है कि डाकबंगला रोड किनारे की नालियों के ऊपर पटाल नहीं पड़े हैं। इससे आवाजाही में परेशानी होती है। कई बार पंचायत से आग्रह किए जाने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया है।
दो मार्ग बने, कई कार्य प्रस्तावित: सभासद
सभासद दीपा गोस्वामी कहती हैं कि सवा साल में शीतला माता मंदिर से पेट्रोल पंप और चौक बाजार से अर्बन बैंक गली तक दो मार्गों का निर्माण किया गया है। कई विकास कार्य प्रस्तावित हैं। समस्याओं के हल का प्रयास किया जा रहा है।
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पंचायत की ओर से सब्जी मंडी में निर्मित 30 दुकानें किराये पर दिए जाने के बावजूद खुल नहीं सकी हैं। पेयजल किल्लत लोगों को पानी के लिए नौलों और गधेरों की दौड़ लगाने को मजबूर करती है। पेयजल की कमी से वीरान ये दुकानें जर्जर हो रही हैं। थोड़ी सी बारिश में छत टपकने लगती है। सब्जी मंडी में न स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था है और न ही शौचालय या मूत्रालय की। वार्ड की अधिकतर नालियां खुली हैं। नालियों में पटाल न होने से दुर्गंध से लोगों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। कई नालियां चोक हैं, जगह-जगह पेयजल लाइनों में लीकेज होने से पानी सड़कों पर बह कर बर्बाद हो रहा है।
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चोक नाली से निकासी की दिक्कत
भुवन बोहरा का कहना है कि हनुमान मंदिर से स्टेशन को जोड़ने वाली गली की नाली चोक होने से निकासी की दिक्कत हो रही है जिससे यहां से गुजरने वालों को परेशानी होती है।
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पानी ढोना बना मजबूरी
ज्योति ओली का कहना है कि लोग नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति को तरस रहे हैं। तीन दिन बाद बमुश्किल 40 मिनट ही पानी मिल रहा है। लोग नर्सरी गधेरे, अक्कलधारे, शिवालय मंदिर के पास के स्टेंड पोस्ट से पानी ढो रहे हैं।
नालियों के ऊपर नहीं हैं पटाल
राजेंद्र राय का कहना है कि डाकबंगला रोड किनारे की नालियों के ऊपर पटाल नहीं पड़े हैं। इससे आवाजाही में परेशानी होती है। कई बार पंचायत से आग्रह किए जाने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया है।
दो मार्ग बने, कई कार्य प्रस्तावित: सभासद
सभासद दीपा गोस्वामी कहती हैं कि सवा साल में शीतला माता मंदिर से पेट्रोल पंप और चौक बाजार से अर्बन बैंक गली तक दो मार्गों का निर्माण किया गया है। कई विकास कार्य प्रस्तावित हैं। समस्याओं के हल का प्रयास किया जा रहा है।