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नोएडा से दबोचा गया एक लाख की साइबर ठगी करने वाला

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 28 Apr 2021 12:37 AM IST
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One lakh cyber fraudster caught in Noida
चंपावत। रीठा साहिब के डाबरी के एक व्यापारी से इस साल मार्च में एक लाख रुपये की साइबर ठगी करने का आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। आरोपी उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक मेडिकल स्टोर चलाता है। नोएडा से दबोचे गए इस आरोपी को अदालत ने जेल भेज दिया है।
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साइबर ठग ने कपड़ा व्यापारी कैलाश टिटगई को फोन कर रिश्तेदार बताते हुए अपने एक संबंधी के खाते में रुपये ट्रांसफर नहीं होने की बात कही। कहा कि वह (ठग) एक क्यूआर कोड भेज रहा है, जिसको स्कैन करने पर रुपये उनके (टिटगई) खाते में आ जाएंगे। ठगी का शिकार बने टिटगई ने इस बात पर भरोसा कर लिया। ठग द्वारा चार बार भेजे गए क्यूआर कोड को टिटगई ने स्कैन किया। जिससे उनके खाते से एक लाख (25-25 हजार रुपये चार बार में) रुपये निकल गए। पीड़ित व्यापारी की तहरीर पर रीठा साहिब थाने में अज्ञात ठग के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
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एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि पुलिस कार्यालय के सर्विलांस व साइबर सेल ने फोन पे, गूगल पे, पेटीएम और ऑनलाइन बैंकों के विवरण के माध्यम से अज्ञात आरोपी की पहचान नोएडा निवासी के रूप में हुई। चंपावत से गई पुलिस टीम ने आरोपी को नोएडा से दबोचा। आरोपी फहीम अहमद (23) पुत्र शमीम अहम (स्थाई निवासी ग्राम फतेहपुर, जोया डिधौली, ज्योतिबाफुले नगर) इस वक्त नोएडा में सिटी फार्मेसी के नाम से मेडिकल स्टोर चलाता है। पुलिस आरोपी का अपराधिक इतिहास का भी पता लगा रही है।
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मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम:
विवेचक चंपावत के कोतवाल धीरेंद्र कुमार, साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह, एसओजी के प्रभारी वीएस रमोला, चल्थी चौकी प्रभारी हेमंत कठायत, मतलूब खान, मनोज बैरी, अरुण राणा, दीपक नेगी और भुवन पांडेय।

ऐसे लगाया चूना:
पुलिस के मुताबिक आरोपी फहीम स्थानीय स्तर पर साइबर ठगी करने वाले ऑनलाइन फ्राड करने वाले गैंग का सदस्य है। यह गैंग लोगों को उनका रिश्तेदार बताकर या दूसरे तरीके से विश्वास में लेकर उनके (ठगी के शिकार लोगों) बैंक खाते में रुपये भेजने का लालच देकर एक क्यूआर कोड भेजते हैं। और लोगों को इस कोड को स्कैन करने के लिए कहते हैं। जैसे ही भोले-भाले लोग क्यूआर कोड स्कैन करते हैं, तो खातेदार के खाते से रुपये निकल जाते हैं। ठग लोगों को कोड स्कैन नहीं हो पा रहा है, कहते हुए दुबारा से कोड स्कैन करने को कहते हैं।
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