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एक भवन खाली, दूसरे में चल रहे दो स्कूल

Tue, 01 Aug 2017 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, रीठा साहिब/चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो, रीठा साहिब/चंपावत। Updated Tue, 01 Aug 2017 11:19 PM IST
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one building vacant, two schools running on same building
टांण में एक कमरे में चल रही हाईस्कूल की दो कक्षाएं। - फोटो : amar ujala
टांण के राजकीय जूनियर हाइस्कूल भवन में कुल पांच कमरे हैं। टपकती छत से बचने को छत के ऊपरी हिस्से पर प्लास्टिक लगाया गया है। फिर भी इस स्थिति के भवन में जूनियर हाइस्कूल की कक्षाएं तो चल ही रही हैं, अब राजकीय हाइस्कूल विद्यालय को भी यहां शिफ्ट कर दिया गया है। भवन की कमी से हाइस्कूल की दो कक्षाएं (9वीं एवं दसवीं की कक्षा) एक ही कमरे में चल रही हैं।
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राज्य बनने से पहले 1999 में टांण में राजकीय हाइस्कूल स्वीकृत हुआ। हाइस्कूल की इमारत जूनियर हाइस्कूल से करीब 600 मीटर की दूरी पर है। तबसे 9वीं और दसवीं की कक्षाएं राजकीय हाइस्कूल में चल रही थी, लेकिन राजकीय हाइस्कूल की दोनों कक्षाओं को 17 दिन पहले जूनियर हाइस्कूल में शिफ्ट कर दिया गया।
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राजकीय हाइस्कूल का अधिकांश सामान भी स्थानांतरित भवन में लाया जा चुका है। अब स्थिति यह है कि जूनियर हाइस्कूल की तीन कक्षाओं के 19 और राजकीय हाइस्कूल की दो कक्षाओं के 50 छात्र-छात्राएं एक ही भवन में पढ़ रहे हैं।
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जगह की कमी 9वीं और दसवीं के छात्र-छात्राओं को एक कमरे में पढ़ने को मजबूर कर रहे हैं। साथ ही जूनियर हाइस्कूल के पांच कमरों में से दो की हालत ठीक नहीं है। इसके चलते शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। वहीं टपकते भवन की छत को पानी से बचाने के लिए प्लास्टिक लगाई गई है।

राजकीय हाइस्कूल विद्यालय के प्रधानाध्यापक सचिन मुंडेला का कहना है कि खंड शिक्षाधिकारी के आदेश पर 15 जुलाई को विद्यालय जूनियर हाइस्कूल भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं, स्थान की कमी के बावजूद राजकीय हाइस्कूल की कक्षाओं को जूनियर हाइस्कूल भवन में संचालित करने पर गांव के लोग सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर ऐसा करने का कोई तर्क भी था, तो कम से कम पहले जूनियर हाइस्कूल में इतने कमरे बनाए जाने चाहिए थे, जिससे सभी कक्षाएं सुचारु रूप से चलाई जा सके और पढ़ाई प्रभावित न हो।

ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी 
क्षेत्र के लोगों में राजकीय हाइस्कूल को पूर्व माध्यमिक विद्यालय भवन में लाने पर नाराजगी है। उनका आरोप है कि इस कदम से न केवल कई गांवों का फासला भी बढ़ेगा, बल्कि पढ़ाई का माहौल भी बिगड़ेगा। पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में जगह की कमी के साथ शिक्षण के लिए अन्य जरूरी संसाधन भी नहीं है। इसे लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और शिक्षाधिकारी को ज्ञापन भेजा है।

भोला दत्त गड़कोटी, नवीन गड़कोटी, भवानी दत्त, धन सिंह, होशियार सिंह, देवीदत्त, विद्याधर, दीवान सिंह, भवान सिंह आदि ने 9वीं और दसवीं की कक्षाओं को राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर से संचालित नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।


राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन में चलने वाली 9वीं एवं दसवीं की कक्षाओं को विभागीय और प्रशासनिक अनुशंसा के आधार पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय भवन में शिफ्ट किया गया है। हाइस्कूल के भवन और अन्य संपत्तियों का उपयोग किया जाएगा। -उदय प्रताप मिश्र, खंड शिक्षाधिकारी, पाटी।
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