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पुरानी खत्म नहीं हुई, 20 लाख की रेजगारी भेज दी
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Fri, 19 May 2017 10:56 PM IST
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चंपावत में रेजगारी लेकर आया वाहन
- फोटो : अमर उजाला
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भारतीय स्टेट बैंक स्थित कैश चेस्ट में बड़ी संख्या में रेजगारी का स्टाक जमा हो गया है। शुक्रवार को रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) ने 20 लाख रुपये की रेजगारी के 250 बैग और भेज दिए, जबकि बैंक के पास तकरीबन 55 लाख रुपये की रेजगारी का स्टाक पहले से ही जमा है। बैंक की सबसे बड़ी दिक्कत इस रेजगारी को खपाने की है।
शुक्रवार को कानपुर से कैश चेस्ट में रेजगारी की बड़ी खेप पहुंची। रेजगारी के 250 बैग को बैंक तक पहुंचाने में ही अच्छा खासा वक्त लग गया। इन बैग में 20 लाख रुपये के एक, दो, पांच और दस रुपये के सिक्के थे। 55 लाख रुपये की रेजगारी पहले से ही कैश चेस्ट में जमा थी। बैंक के सामने सबसे पहले तो इन बैग को चेस्ट में रखने के लिए जगह बनाना सबसे बड़ी चुनौती थी। किसी तरह चेस्ट में इन बैगों को रखवाया। बैंक अधिकारियों का कहना है कि बाजार में पर्याप्त मात्रा में रेजगारी चलन में है। ग्राहक भी रेजगारी लेने से इनकार कर रहे हैं। इस वजह से बैंक में बड़ी मात्रा में रेजगारी जमा हो गई है। एसबीआई कैश अफसर मनोज सिंह रावत का कहना है कि बैंक में रेजगारी तो बड़ी संख्या में उपलब्ध है, लेकिन करेंसी की जबरदस्त किल्लत बनी हुई है। कैश चेस्ट की क्षमता 200 करोड़ रुपये की है और वर्तमान में बैंक में तकरीबन दो करोड़ की ही करेंसी है।
कोट---
आरबीआई बिना किसी मांग के हर दो माह में रेजगारी भेज रहा है, जबकि बैंक हर माह इसकी सूचना कानपुर स्थित आरबीआई की शाखा को देता आ रहा है। -हीरा सिंह पांगती, मुख्य प्रबंधक, एसबीआई, चंपावत।
शुक्रवार को कानपुर से कैश चेस्ट में रेजगारी की बड़ी खेप पहुंची। रेजगारी के 250 बैग को बैंक तक पहुंचाने में ही अच्छा खासा वक्त लग गया। इन बैग में 20 लाख रुपये के एक, दो, पांच और दस रुपये के सिक्के थे। 55 लाख रुपये की रेजगारी पहले से ही कैश चेस्ट में जमा थी। बैंक के सामने सबसे पहले तो इन बैग को चेस्ट में रखने के लिए जगह बनाना सबसे बड़ी चुनौती थी। किसी तरह चेस्ट में इन बैगों को रखवाया। बैंक अधिकारियों का कहना है कि बाजार में पर्याप्त मात्रा में रेजगारी चलन में है। ग्राहक भी रेजगारी लेने से इनकार कर रहे हैं। इस वजह से बैंक में बड़ी मात्रा में रेजगारी जमा हो गई है। एसबीआई कैश अफसर मनोज सिंह रावत का कहना है कि बैंक में रेजगारी तो बड़ी संख्या में उपलब्ध है, लेकिन करेंसी की जबरदस्त किल्लत बनी हुई है। कैश चेस्ट की क्षमता 200 करोड़ रुपये की है और वर्तमान में बैंक में तकरीबन दो करोड़ की ही करेंसी है।
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कोट---
आरबीआई बिना किसी मांग के हर दो माह में रेजगारी भेज रहा है, जबकि बैंक हर माह इसकी सूचना कानपुर स्थित आरबीआई की शाखा को देता आ रहा है। -हीरा सिंह पांगती, मुख्य प्रबंधक, एसबीआई, चंपावत।
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