{"_id":"5d3892d58ebc3e6ceb4313b8","slug":"officers-champawat-news-hld350201254","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्सक्लूसिव:","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्सक्लूसिव:
विज्ञापन
चंपावत के सिमल्टा कांडा में जमीन में बैठकर समस्याएं सुनते विधायक और जिलाधिकारी।
- फोटो : CHAMPAWAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आमतौर पर कुर्सी और सत्ता की हनक रखने वाले अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का आम जनता से दूरी बनाना कोई नई बात नहीं है। वहीं जिला मुख्यालय के सिमल्टा कांडा न्याय पंचायत मुख्यालय में बुधवार को आयोजित किए गए बहुउद्देशीय जन सुविधा शिविर में उस समय हैरत की स्थिति बन गई, जब शिविर में पहुंचे विधायक कैलाश गहतोड़ी और डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने मंच पर लगी कुर्सियों पर बैठने के बजाय अधिकारियों के साथ जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
सिमल्टा के प्राथमिक विद्यालय परिसर में लगाए गए बहुउद्देशीय शिविर में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए मंच का निर्माण कर सोफे और कुर्सियां लगाई गई थीं।
वहीं ग्रामीणों के जमीन पर बैठने की व्यवस्था की गई थी लेकिन जैसे ही विधायक और जिलाधिकारी स्कूल परिसर में लगाए गए विभागीय स्टॉलों के निरीक्षण के बाद मंच पर पहुंचे तो उन्होंने तत्काल मंच से सोफे और कुर्सियां हटाने का आदेश दिया और सभी अधिकारियों के साथ ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के लिए उनके साथ ही जमीन पर बैठ गए। विधायक और डीएम ने कुर्सियों में बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को बैठाने को कहा।
विज्ञापन
विधायक और जिलाधिकारी के कायल हुए ग्रामीण
चंपावत। विधायक कैलाश गहतोड़ी और जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडेय की ओर से जमीन में बैठकर समस्याएं सुनने की पहल के क्षेत्र के ग्रामीण कायल हो गए। ग्रामीण हरीश चंद्र पांडेय, कैलाश चंद्र पांडेय, दीपक चंद्र, राकेश सिंह आदि ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में होने वाले शिविरों में भी इसी तरह की परंपरा को कायम रखने की अपील की।
ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर खाना भी खाया
चंपावत। बहुउद्देशीय शिविर के बाद विधायक और जिलाधिकारी सहित अन्य सभी विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर खाना भी खाया। शिविर में मौजूद अधिकतर ग्रामीण विधायक और डीएम की पहल को लेकर काफी उत्साहित दिखे।
ग्रामीण क्षेत्र की जनता की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए उनके साथ जमीन पर बैठने से जहां आपसी आत्मीयता बढ़ती है। वहीं जमीन पर बैठकर जमीनी समस्याओं को आसानी से समझ कर उनका समाधान तलाशने में मदद मिलती है।
कैलाश गहतोड़ी, विधायक, चंपावत।
विज्ञापन
सिमल्टा के प्राथमिक विद्यालय परिसर में लगाए गए बहुउद्देशीय शिविर में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए मंच का निर्माण कर सोफे और कुर्सियां लगाई गई थीं।
विज्ञापन
वहीं ग्रामीणों के जमीन पर बैठने की व्यवस्था की गई थी लेकिन जैसे ही विधायक और जिलाधिकारी स्कूल परिसर में लगाए गए विभागीय स्टॉलों के निरीक्षण के बाद मंच पर पहुंचे तो उन्होंने तत्काल मंच से सोफे और कुर्सियां हटाने का आदेश दिया और सभी अधिकारियों के साथ ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के लिए उनके साथ ही जमीन पर बैठ गए। विधायक और डीएम ने कुर्सियों में बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को बैठाने को कहा।
विज्ञापन
विधायक और जिलाधिकारी के कायल हुए ग्रामीण
चंपावत। विधायक कैलाश गहतोड़ी और जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडेय की ओर से जमीन में बैठकर समस्याएं सुनने की पहल के क्षेत्र के ग्रामीण कायल हो गए। ग्रामीण हरीश चंद्र पांडेय, कैलाश चंद्र पांडेय, दीपक चंद्र, राकेश सिंह आदि ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में होने वाले शिविरों में भी इसी तरह की परंपरा को कायम रखने की अपील की।
ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर खाना भी खाया
चंपावत। बहुउद्देशीय शिविर के बाद विधायक और जिलाधिकारी सहित अन्य सभी विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर खाना भी खाया। शिविर में मौजूद अधिकतर ग्रामीण विधायक और डीएम की पहल को लेकर काफी उत्साहित दिखे।
ग्रामीण क्षेत्र की जनता की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए उनके साथ जमीन पर बैठने से जहां आपसी आत्मीयता बढ़ती है। वहीं जमीन पर बैठकर जमीनी समस्याओं को आसानी से समझ कर उनका समाधान तलाशने में मदद मिलती है।
कैलाश गहतोड़ी, विधायक, चंपावत।