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Champawat News: अमोड़ी बिजलीघर में अवरोध, सर्वे में खरी नहीं मिली जमीन
Mon, 24 Jul 2023 10:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 24 Jul 2023 10:48 PM IST
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चंपावत। अमोड़ी के प्रस्तावित बिजलीघर के लिए चयनित जमीन अनुपयुक्त पाई गई है। संयुक्त सर्वे के बाद इस जमीन को बिजलीघर के लिए खारिज कर दिया गया है। अब नए सिरे से जमीन की तलाश की जाएगी। बिजलीघर के अस्तित्व में आने से अमोड़ी सहित चंपावत क्षेत्र के 75 से अधिक गांवों की 17 हजार से अधिक की आबादी को लाभ मिलेगा।
नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश से लेकर नैनीताल सीमा से सटे तल्लापाल के ककनई आदि के 200 किमी क्षेत्र तक बिजली आपूर्ति चंपावत बिजलीघर के चल्थी फीडर से होती है। लंबा क्षेत्र होने के अलावा जंगल और विषम भौगोलिक हालत होने से किसी एक जगह लाइन में मामूली खामी आने पर भी पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है।
नेपाल सीमा से लगे तल्लोदश का तामली, मंच, नैनीताल सीमा से लगा डांडा, ककनई, बुड़म, सूखीढांग, अमोड़ी, वैला, खटोली, स्वांला, चल्थी, धौन, दियूरी आदि क्षेत्र इस वजह से प्रभावित होते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए अमोड़ी क्षेत्र में पिछले साल बिजलीघर मंजूर हुआ था लेकिन इस बिजलीघर के लिए तलाशी गई जमीन अनुपयुक्त पाई गई है। इस कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
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कोट
अमोड़ी में पिछले साल स्वीकृत बिजलीघर के लिए ऊर्जा निगम की ओर से खोजी गई 10 नाली जमीन को सर्वे टीम ने उपयुक्त नहीं पाया। नई जमीन तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। - उमाकांत चतुर्वेदी, ईई, ऊर्जा निगम, चंपावत खंड।
-- जिले में हैं सात बिजलीघर
चंपावत। जिले में वर्तमान में सात (टनकपुर, बनबसा, चंपावत, लोहाघाट, खेतीखान, बाराकोट और देवीधुरा) बिजलीघर हैं। जिले के सबसे बड़े ब्लॉक चंपावत के पहाड़ी हिस्से का अकेला बिजलीघर चंपावत में है।
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नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश से लेकर नैनीताल सीमा से सटे तल्लापाल के ककनई आदि के 200 किमी क्षेत्र तक बिजली आपूर्ति चंपावत बिजलीघर के चल्थी फीडर से होती है। लंबा क्षेत्र होने के अलावा जंगल और विषम भौगोलिक हालत होने से किसी एक जगह लाइन में मामूली खामी आने पर भी पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है।
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नेपाल सीमा से लगे तल्लोदश का तामली, मंच, नैनीताल सीमा से लगा डांडा, ककनई, बुड़म, सूखीढांग, अमोड़ी, वैला, खटोली, स्वांला, चल्थी, धौन, दियूरी आदि क्षेत्र इस वजह से प्रभावित होते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए अमोड़ी क्षेत्र में पिछले साल बिजलीघर मंजूर हुआ था लेकिन इस बिजलीघर के लिए तलाशी गई जमीन अनुपयुक्त पाई गई है। इस कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
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कोट
अमोड़ी में पिछले साल स्वीकृत बिजलीघर के लिए ऊर्जा निगम की ओर से खोजी गई 10 नाली जमीन को सर्वे टीम ने उपयुक्त नहीं पाया। नई जमीन तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। - उमाकांत चतुर्वेदी, ईई, ऊर्जा निगम, चंपावत खंड।
चंपावत। जिले में वर्तमान में सात (टनकपुर, बनबसा, चंपावत, लोहाघाट, खेतीखान, बाराकोट और देवीधुरा) बिजलीघर हैं। जिले के सबसे बड़े ब्लॉक चंपावत के पहाड़ी हिस्से का अकेला बिजलीघर चंपावत में है।