International Nurses Day: उत्तराखंड में धूमधाम से मनाया गया नर्सिंग डे, मरीजों को बांटे फल-दवाइयां; काटा केक
International Nurses Day: चंपावत में अंतरराष्ट्रीय नर्स डे धूमधाम से मनाया गया। सभी नर्सेज ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के पदचिन्हों में चलते हुए बेहतर सेवा भाव का निर्णय लिया।
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विश्व की पहली नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई। इस दौरान उनके सेवा भाव से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया गया। जिला एवं महिला अस्पताल में कार्यरत नर्स रविवार को देव सिंह मैदान के नीचे स्थित एक होटल में एकत्र हुईं। कार्यक्रम का शुभारंभ सेवानिवृत नर्स विनीता सिंह और माया रावल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। स्नेहलता सचान ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नाइटिंगेल ने किस तरह क्रीमियन युद्ध के दौरान लालटेन लेकर घायल बिट्रिश सैनिकों की देखभाल की थी।
कार्यक्रम में मीना गुप्ता ने तेरी आराधना करूं प्रार्थना गाई। नीलम, किरन उप्रेती, तनुजा, मेघा जोशी, हिना यास्मीन ने एकल नृत्य पेश किया। यहां विनिता राज, शिल्पा खड़ायत, मोनिका, सुमन वर्मा, स्नेहलता, सुमन शर्मा, रेखा जोशी, छाया त्रिपाठी समेत कई नर्स मौजूद रहीं।
उधर मुनस्यारी में नर्सिंग डे के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्सिंग अधिकारी ओमकार सिंह गड़बग्गी के नेतृत्व में मरीजों को फल एवं दवाइयां बांटी गईं। साथ ही एक वृद्ध मरीज के दाढ़ी-बाल भी बनवाए गए। नर्सिंग अधिकारी ओमकार ने कहा कि सीमांत के इस चिकित्सालय में नर्सिंग स्टाफ समय-समय पर अपनी ड्यूटी के इतर भी मरीजों की सेवा में तत्पर रहते हैं। यहां शाहरुख अली, निकिता गर्ब्याल, दीपिका बिष्ट, मनोज लुंठी, रवि वल्दिया आदि मौजूद रहे।
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अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस मनाया
टनकपुर उप जिला अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस धूमधाम से मनाया गया। अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने केक काटा। वक्ताओं ने कहा कि आज के दिन ही नर्सिंग की जन्मदाता फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म वर्ष 1820 में हुआ था। उनका पूरा जीवन लोगों की सेवा में गुजरा। इस दौरान सिस्टर बिंदु, प्रतिभा, रितिका, निशा, अल्पना, अनीता, कल्पना, कुणाल, ललिता, ममता, कमलेश, बलजीत आदि मौजूद रहे।
नर्सिंग डे पर नर्सिंग अधिकारियों ने लिया मरीजों की बेहतर सेवा का संकल्प
चंपावत में अंतरराष्ट्रीय नर्स डे धूमधाम से मनाया गया। सभी नर्सेज ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के पदचिन्हों में चलते हुए बेहतर सेवा भाव का निर्णय लिया। रविवार को एक निजी होटल में आयोजित नर्स डे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप बिष्ट ने कहा कि नर्स हमेशा ही स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ रही हैं। छोटे काम से लेकर बड़ी काम भी वह आसानी से और हंसकर कर लेती हैं। उनका बिना कोई भी काम अधूरा है।
डॉक्टर मरीज का इलाज तो करते हैं लेकिन एक नर्स ही होती है जो अपने शालीन व्यवहार और अपनेपन के साथ मरीज की देखभाल करती हैं। इससे मरीज को भी जल्द स्वस्थ होने में सहायता मिलती है। मैटर्न पुष्पा ने कहा कि नर्स दिवस आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल को समर्पित है। सीनियर सिस्टर सुमन विलियम्स ने कैसे न कहे नर्स खास हैं... कविता सुनाई। यहां इंचार्ज सीमा खान, सविता जोशी, मधु सपना, सोनिका, नर्सिंग अधिकारी नीलम खड़ायत, भगवती, हेमा, बबीता, प्रियंका, संगीता, अनीता, चीफ फार्मासिस्ट तानसेन विष्णु, गिरी गोस्वामी आदि थे।
22 साल निभाई कई जिम्मेदारी
चंपावत अस्पताल में 22 साल से सीनियर सिस्टर बड़ी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। शुरुआत में कई वर्षों तक उन्होंने सामान्य वार्ड, गायनो, आईसीयू की जिम्मेदारियां एकसाथ निभाई। कोविड काल में भी अपने परिवार की परवाह न करते हुए नोबल सेवा भाव को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि अब तो अस्पताल में घर का एहसास होता है और यहां आने वाले मरीजों उनके अपने हैं।
नेहा इमरजेंसी में तो मनोज, बबीता ओटी में कर रहे सेवा
चंपावत जिला अस्पताल में तैनात नर्सिंग अधिकारी नेहा बिष्ट चार साल से इमरजेंसी में मरीजों का ध्यान अपने परिवार की तरह रख रही हैं। इमरजेंसी में मरीज आने पर उनकी प्राथमिकता उनको बेहतर इलाज उपलब्ध कराना होता है। वह हंसकर मरीजों के मर्ज को कम करना नहीं भूलती हैं। उनका कहना है कि उनका काम सेवा भाव ही है। ऑपरेशन थियेटर में मनोज नेगी और बबीता खम्पा बिना रुके-थके मरीजों के ऑपरेशन कर रहे हैं। उनकी मदद के बिना ऑपरेशन की कल्पना करना थोड़ा मुश्किल है। अल्मोड़ा निवासी मनोज और पिथौरागढ़ निवासी बबीता पिछले चाल साल से ओटी में तैनात हैं। आंख, हड्डी, सर्जिकल ऑपरेशन उनके जिम्मे हैं। उनके लिए मरीजों के ऑपरेशन प्राथमिकता है। ऑपरेशन ड्यूटी के कारण कई बार उन्हें अपने घर के जरूरी कामकाज भी छोड़ने पड़ते हैं। इसके अलावा गायनो संबंधी ऑपरेशन और अन्य कार्य के लिए भी वह तैयार रहते हैं।