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Champawat News: अब नहीं होगा प्राथमिक विद्यालय स्कूल गुरुखोली का सुधारीकरण
Tue, 06 Feb 2024 11:02 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 06 Feb 2024 11:02 PM IST
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चंपावत के गुरखोली प्राथमिक विद्यालय की दीवार में आई दरार। संवाद
चंपावत। जिले के सीमांत क्षेत्र मंच के प्राथमिक विद्यालय गुरुखोली का सुधारीकरण कार्य अब नहीं होगा। इसके लिए कार्यदायी संस्था को भेजी गई 12 लाख से अधिक की राशि शिक्षा विभाग ने वापस ले ली है। शिक्षा विभाग की ओर से निरीक्षण के दौरान पाया गया कि विद्यालय के आसपास की भूमि में भू-धंसाव हो रहा है, इसके बाद विद्यालय का सुधारीकरण नहीं करने का निर्णय लिया गया। अब विद्यालय भवन का निर्माण अन्य जगह किया जाएगा।
मंच क्षेत्र के राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय गुरुखोली का 12.46 लाख से सुधारीकरण कार्य होना था। शिक्षा विभाग के अभियंता ने निरीक्षण के बाद पाया कि विद्यालय भवन की भूमि पर भू-धंसाव होने के कारण फर्श और दीवारों में लगातार दरारें पड़ रही है। उन्होंने इसकी जांच रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजी थी। अभिभावकों ने बताया कि विद्यालय की दीवारों में दरारें पड़ने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। विभाग ने भवन के सुधारीकरण का प्रस्ताव तैयार किया, लेकिन अब भवन सुधारीकरण के लायक नहीं रहा। सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि विद्यालय भू-धंसाव क्षेत्र में है। ऐसे में भवन का सुधारीकरण कार्य नहीं करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों की ओर से दिए गए प्रस्ताव के आधार पर विद्यालय भवन निर्माण के लिए जगह तलाशने का काम किया जाएगा। नए भवन के लिए विधिवत भू-गर्भीय जांच के बाद भूमि का चयन किया जाएगा। इसके बाद शासन को निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। संवाद
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मंच क्षेत्र के राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय गुरुखोली का 12.46 लाख से सुधारीकरण कार्य होना था। शिक्षा विभाग के अभियंता ने निरीक्षण के बाद पाया कि विद्यालय भवन की भूमि पर भू-धंसाव होने के कारण फर्श और दीवारों में लगातार दरारें पड़ रही है। उन्होंने इसकी जांच रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजी थी। अभिभावकों ने बताया कि विद्यालय की दीवारों में दरारें पड़ने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। विभाग ने भवन के सुधारीकरण का प्रस्ताव तैयार किया, लेकिन अब भवन सुधारीकरण के लायक नहीं रहा। सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि विद्यालय भू-धंसाव क्षेत्र में है। ऐसे में भवन का सुधारीकरण कार्य नहीं करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों की ओर से दिए गए प्रस्ताव के आधार पर विद्यालय भवन निर्माण के लिए जगह तलाशने का काम किया जाएगा। नए भवन के लिए विधिवत भू-गर्भीय जांच के बाद भूमि का चयन किया जाएगा। इसके बाद शासन को निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। संवाद
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