{"_id":"6487561b089bd7a8f60e3168","slug":"now-black-wheat-will-be-produced-in-champawat-district-as-well-champawat-news-c-8-1-165635-2023-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: अब चंपावत जिले में भी होगा काले गेहूं का उत्पादन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: अब चंपावत जिले में भी होगा काले गेहूं का उत्पादन
Mon, 12 Jun 2023 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 12 Jun 2023 11:00 PM IST
विज्ञापन
चंपावत के मुडियानी में पहली बार उगाया गया काला गेहूं।
चंपावत। विभिन्न बीमारियों में रामवाण औषधि माने जाने वाले काले गेहूं का उत्पादन अब चंपावत जिले में भी होने लगा है। कई औषधीय गुणों से भरपूर होने से बाजार में काले गेहूं की मांग बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए जिला मुख्यालय से लगे मुडियानी ग्राम पंचायत के प्रगतिशील काश्तकार तारा दत्त पंगरिया ने पहली बार काले गेहूं का उत्पादन शुरू कर दिया है। पहले चरण में उन्होंने करीब पांच नाली भूमि में एक क्विंटल से अधिक काले गेहूं का उत्पादन किया है।
तारा दत्त पंगरिया के अनुसार काला गेहूं भी सामान्य गेहूं के आकार का होता है। इसमें कई औषधीय गुण हैं। चिकित्सकों के अनुसार हार्ट अटैक, कैंसर, मानसिक तनाव, घुटनों का दर्द, डायबिटीज सहित अन्य कई रोगों में काले गेहूं का आटा औषधि का कार्य करता है। होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. भूपेंद्र प्रसाद के अनुसार काले गेहूं में पाया जाने वाला एंथ्रोसाइनीस प्राकृतिक एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी वायोटिक है। जो विभिन्न रोगों के उपचार में काफी फायदेमंद होता है।
बाक्स
यू ट्यूब में देखकर आया काले गेहूं की खेती का विचार
चंपावत। काश्तकार तारा दत्त पंगरिया का कहना है कि उन्हें काले गेहूं की खेती का विचार यू ट्यूब देखकर आया। यू ट्यूब में काले गेहूं की खेती के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद उन्होंने 500 रुपये प्रति किलो की दर से ऑनलाइन काले गेहूं का बीज मंगाया। प्रायोगिक तौर पर पांच नाली भूमि पर बोए गए काले गेहूं का ठीकठाक उत्पादन हुआ है। अब आगे वह काले गेहूं का उत्पादन बड़े पैमाने पर करेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 600 रुपये किलो के हिसाब काला गेहूं बिक रहा है। संवाद
विज्ञापन
कोट
चंपावत जिले में पहली बार किसी काश्तकार ने काले गेहूं का उत्पादन शुरू किया है। यह सराहनीय है। कृषि विभाग की ओर से काले गेहूं की खेती के लिए अन्य काश्तकारों को भी प्रेरित किया जा रहा है। यदि काश्तकारों की ओर से काले गेहूं के बीज की मांग की जाती है तो वह उपलब्ध कराया जाएगा।
गोपाल सिंह भंडारी, मुख्य कृषि अधिकारी, चंपावत।
विज्ञापन
तारा दत्त पंगरिया के अनुसार काला गेहूं भी सामान्य गेहूं के आकार का होता है। इसमें कई औषधीय गुण हैं। चिकित्सकों के अनुसार हार्ट अटैक, कैंसर, मानसिक तनाव, घुटनों का दर्द, डायबिटीज सहित अन्य कई रोगों में काले गेहूं का आटा औषधि का कार्य करता है। होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. भूपेंद्र प्रसाद के अनुसार काले गेहूं में पाया जाने वाला एंथ्रोसाइनीस प्राकृतिक एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी वायोटिक है। जो विभिन्न रोगों के उपचार में काफी फायदेमंद होता है।
विज्ञापन
बाक्स
यू ट्यूब में देखकर आया काले गेहूं की खेती का विचार
चंपावत। काश्तकार तारा दत्त पंगरिया का कहना है कि उन्हें काले गेहूं की खेती का विचार यू ट्यूब देखकर आया। यू ट्यूब में काले गेहूं की खेती के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद उन्होंने 500 रुपये प्रति किलो की दर से ऑनलाइन काले गेहूं का बीज मंगाया। प्रायोगिक तौर पर पांच नाली भूमि पर बोए गए काले गेहूं का ठीकठाक उत्पादन हुआ है। अब आगे वह काले गेहूं का उत्पादन बड़े पैमाने पर करेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 600 रुपये किलो के हिसाब काला गेहूं बिक रहा है। संवाद
विज्ञापन
कोट
चंपावत जिले में पहली बार किसी काश्तकार ने काले गेहूं का उत्पादन शुरू किया है। यह सराहनीय है। कृषि विभाग की ओर से काले गेहूं की खेती के लिए अन्य काश्तकारों को भी प्रेरित किया जा रहा है। यदि काश्तकारों की ओर से काले गेहूं के बीज की मांग की जाती है तो वह उपलब्ध कराया जाएगा।
गोपाल सिंह भंडारी, मुख्य कृषि अधिकारी, चंपावत।