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अनुमोदन के बगैर समरेखन बदलना पड़ा भारी
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No Road Cuting in Danda-Kaknai
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चंपावत। मंजूरी के बाद सड़क कटिंग का काम शुरू होने के बावजूद डांडा, ककनई गांव के लोगों की सड़क की हसरत पूरी नहीं हो पा रही है। टकनागूंठ से डांडा मल्ला की 16 किमी लंबी सड़क में से 13 किमी तक पहाड़ कटान हो चुका है। इसके आगे करीब 95 मीटर के हिस्से में बिना अनुमति समरेखन बदलने के कारण इस सड़क का काम अगस्त 2021 से रुक गया है। विभाग की इस एक चूक का खामियाजा गांव के लोग भुगत रहे हैं।
वर्ष 2015 में 8.58 करोड़ रुपये से टकनागूंठ से डांडा मल्ला की 16 किमी लंबी सड़क स्वीकृत हुई थी। वर्ष 2020 से सड़क कटिंग का काम शुरू हुआ। कुल 13 किमी सड़क कट चुकी है लेकिन पिछले साल अगस्त में 95 मीटर के हिस्से में बगैर अनुमोदन के सड़क का समरेखन (एलाइनमेंट) बदल दिया गया। उस सड़क की जद में आ रहे 37 पेड़ों को भी काटा गया। वन विभाग की आपत्ति पर पीएमजीएसवाई का जवाबतलब कर कटिंग का काम भी रोक दिया गया। कार्यदायी संस्था का कहना है कि 16 किमी लंबी सड़क की कटिंग में 95 मीटर के हिस्से में अड़चन आने पर समरेखन में मामूली बदलाव किया गया। इस वजह से दूसरी जगह के पेड़ काटे गए हैं। अब लोनिवि को इस हिस्से का भारत सरकार से फिर अनुमोदन लेना पड़ा। अभी वन अनापत्ति दूर न होने से काम रुका है। अगस्त 2021 से काम बंद होने से ग्रामीणों की सड़क से जुड़ने की आस लंबी हो रही है। केदार सिंह महरा, दिलीप सिंह, नारायण सिंह, श्याम सिंह, देवकी, शांति, दिलीप राम, दिनेश सिंह आदि का कहना है कि वे पांच किमी से अधिक पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। बुजुर्ग, बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था और प्रशासन से सड़क की अड़चन दूर करने का आग्रह किया है।
इस सड़क के 95 मीटर हिस्से के समरेखन बदलने का अनुमोदन मिल चुका है। वन अनापत्ति दूर करने के लिए पत्रावली भेजी गई है। इस अड़चन के दूर होते ही कटिंग का काम शुरू हो जाएगा। - एपी जोशी, ईई, पीएमजीएसवाई खंड, चंपावत।
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वर्ष 2015 में 8.58 करोड़ रुपये से टकनागूंठ से डांडा मल्ला की 16 किमी लंबी सड़क स्वीकृत हुई थी। वर्ष 2020 से सड़क कटिंग का काम शुरू हुआ। कुल 13 किमी सड़क कट चुकी है लेकिन पिछले साल अगस्त में 95 मीटर के हिस्से में बगैर अनुमोदन के सड़क का समरेखन (एलाइनमेंट) बदल दिया गया। उस सड़क की जद में आ रहे 37 पेड़ों को भी काटा गया। वन विभाग की आपत्ति पर पीएमजीएसवाई का जवाबतलब कर कटिंग का काम भी रोक दिया गया। कार्यदायी संस्था का कहना है कि 16 किमी लंबी सड़क की कटिंग में 95 मीटर के हिस्से में अड़चन आने पर समरेखन में मामूली बदलाव किया गया। इस वजह से दूसरी जगह के पेड़ काटे गए हैं। अब लोनिवि को इस हिस्से का भारत सरकार से फिर अनुमोदन लेना पड़ा। अभी वन अनापत्ति दूर न होने से काम रुका है। अगस्त 2021 से काम बंद होने से ग्रामीणों की सड़क से जुड़ने की आस लंबी हो रही है। केदार सिंह महरा, दिलीप सिंह, नारायण सिंह, श्याम सिंह, देवकी, शांति, दिलीप राम, दिनेश सिंह आदि का कहना है कि वे पांच किमी से अधिक पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। बुजुर्ग, बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था और प्रशासन से सड़क की अड़चन दूर करने का आग्रह किया है।
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इस सड़क के 95 मीटर हिस्से के समरेखन बदलने का अनुमोदन मिल चुका है। वन अनापत्ति दूर करने के लिए पत्रावली भेजी गई है। इस अड़चन के दूर होते ही कटिंग का काम शुरू हो जाएगा। - एपी जोशी, ईई, पीएमजीएसवाई खंड, चंपावत।
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