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चंपावत में भूखे-प्यासे कटी दो बसों के यात्रियों की रात
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत
Updated Wed, 14 Feb 2018 10:29 PM IST
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पिथौरागढ़ जिले से चली रोडवेज की दो बसें अपनी मंजिल तक पहुंचने के बजाय मंगलवार रात चंपावत में फंस गई। बारहमासी सड़क पर चल रहे काम के कारण पिथौरागढ़ से लोहाघाट के बीच कई हिस्सों में कुल तीन घंटे सड़क बंद होने से ये दोनों बसें चंपावत वक्त पर नहीं पहुंचीं। शाम सात बजे बाद पर्वतीय मार्गों पर आवाजाही प्रतिबंधित होने के कारण दो बसों के 34 यात्रियों की रात चंपावत के रैनबसेरे में कटी। अधिकतर यात्रियों को भोजन भी नहीं मिल सका। इसके चलते इनको भारी परेशानी झेलनी पड़ी। इन यात्रियों को जिस समय दिल्ली पहुंच जाना था, उस समय तक वे चंपावत में थे। बुधवार की सुबह सात बजे यह बस दिल्ली को रवाना हुई।
उत्तराखंड परिवहन निगम के पिथौरागढ़ डिपो की दिल्ली जाने वाली दो बसें मंगलवार रात यहां फंसी रही। बारहमासी सड़क की कटिंग के चलते ये बसें निर्धारित वक्त (4 से 4.30 बजे) से करीब तीन घंटे बाद देर शाम 7.40 बजे यहां पहुंचीं। स्वांला हादसे के बाद किसी भी वाहन को पर्वतीय मार्ग पर प्रतिबंधित समय (शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे के बीच) में आवाजाही करने की मनाही है। इसके चलते इन बसों को कोतवाली के बैरियर से आगे नहीं जाने दिया गया। कुछ देर तक बस के चालक-परिचालक एवं यात्री कोतवाल सलाउद्दीन खान से आगे जाने देने की मिन्नत करते रहे, लेकिन नियमों के आगे सब बेकार, कोतवाल ने उनको इजाजत नहीं दी।
अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा ने रात 8.15 बजे यात्रियों की रहने एवं भोजन की व्यवस्था करने के उप जिला मजिस्ट्रेट को फोन पर निर्देश दिए। एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने नगर पालिका के रैनबसेरे में इन यात्रियों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था कराई। राजस्व निरीक्षक हरीश जोशी, उप निरीक्षक शंकर लाल वर्मा, सुंदर नेगी ने व्यापार संघ अध्यक्ष अमरनाथ सक्टा, भाजपा नगर अध्यक्ष कैलाश अधिकारी और कुछ अन्य व्यापारियों के सहयोग से भोजन की व्यवस्था करने का प्रयास किया, मगर शिवरात्रि के चलते होटलों के जल्दी बंद होने से भोजन की व्यवस्था नहीं हो सकी। अलबत्ता, कुछ यात्रियों को व्यापार संघ अध्यक्ष ने अपने होटल में भोजन कराया।
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रैनबसेरे में यद्यपि रहने की भरपूर व्यवस्था थी, मगर बीच मंझधार में फंसे होने से इन यात्रियों की रात मुश्किल भरी रही। यात्रियों का कहना था कि उन्हें जिस वक्त दिल्ली पहुंच जाना चाहिए था, उस समय वे बुधवार सुबह चंपावत से दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं। चंपावत से दिल्ली की दूरी 413 किलोमीटर है। यहां से दिल्ली पहुंचने में करीब 10 घंटे का वक्त लगता है, लेकिन इतना वक्त उन्हें चंपावत में काटने को मजबूर होना पड़ा।
पिथौरागढ़ डिपो की ये दो बसें फंसी रहीं
यूके 07पीए/3198 धारचूला से दिल्ली 24 यात्री।
यूके 07पीए/2493 पिथौरागढ़ से दिल्ली 10 यात्री।
उप निरीक्षक ने व्रत वाली महिलाओं को भोजन कराया
दिल्ली जाने वाले 34 यात्रियों में से ज्यादातर लोगों को रात भूखे ही काटनी पड़ी, मगर राजस्व विभाग के उप निरीक्षक शंकर लाल वर्मा ने शिवरात्रि व्रत वाली तीन महिलाओं और एक छोटे बच्चे की भोजन और दूध की व्यवस्था अपने घर से की। उन्होंने इन चार यात्रियों को व्रत वाला भोजन, फल तथा छोटे बच्चे के लिए दूध व बिस्कुट उपलब्ध कराया।
रोडवेज बसों का समय बदलने पर होगी बात
चंपावत की एसडीएम सीमा विश्वकर्मा का कहना है कि बारहमासी सड़क पर कटिंग के चलते सड़क बंद होने की वजह से भविष्य में लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन जरूरी कदम उठाएगा। इसके लिए रोडवेज के पिथौरागढ़ डिपो के सहायक मंडलीय प्रबंधक को बसों के समय में आंशिक बदलाव के लिए डीएम के माध्यम से पत्र भेजा जाएगा। साथ ही बारहमासी सड़क की कटिंग में मार्ग पर कम से कम अवरोध के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग खंड को पत्र भेजा जाएगा।
रोडवेज बसों के लिए हो विशेष व्यवस्था
रोडवेज कर्मचारी नेता एनडी जोशी ने रोडवेज बसों के लिए विशेष व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि रोडवेज की बसों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचने का समय नियत होता है। बसों के फंसने से न केवल यात्रियों की मुसीबत बढ़ती है, बल्कि बस की वापसी का समय भी गड़बड़ाता है। इसके चलते परिवहन निगम की आय भी प्रभावित होगी।
उत्तराखंड परिवहन निगम के पिथौरागढ़ डिपो की दिल्ली जाने वाली दो बसें मंगलवार रात यहां फंसी रही। बारहमासी सड़क की कटिंग के चलते ये बसें निर्धारित वक्त (4 से 4.30 बजे) से करीब तीन घंटे बाद देर शाम 7.40 बजे यहां पहुंचीं। स्वांला हादसे के बाद किसी भी वाहन को पर्वतीय मार्ग पर प्रतिबंधित समय (शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे के बीच) में आवाजाही करने की मनाही है। इसके चलते इन बसों को कोतवाली के बैरियर से आगे नहीं जाने दिया गया। कुछ देर तक बस के चालक-परिचालक एवं यात्री कोतवाल सलाउद्दीन खान से आगे जाने देने की मिन्नत करते रहे, लेकिन नियमों के आगे सब बेकार, कोतवाल ने उनको इजाजत नहीं दी।
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अपर जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा ने रात 8.15 बजे यात्रियों की रहने एवं भोजन की व्यवस्था करने के उप जिला मजिस्ट्रेट को फोन पर निर्देश दिए। एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने नगर पालिका के रैनबसेरे में इन यात्रियों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था कराई। राजस्व निरीक्षक हरीश जोशी, उप निरीक्षक शंकर लाल वर्मा, सुंदर नेगी ने व्यापार संघ अध्यक्ष अमरनाथ सक्टा, भाजपा नगर अध्यक्ष कैलाश अधिकारी और कुछ अन्य व्यापारियों के सहयोग से भोजन की व्यवस्था करने का प्रयास किया, मगर शिवरात्रि के चलते होटलों के जल्दी बंद होने से भोजन की व्यवस्था नहीं हो सकी। अलबत्ता, कुछ यात्रियों को व्यापार संघ अध्यक्ष ने अपने होटल में भोजन कराया।
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रैनबसेरे में यद्यपि रहने की भरपूर व्यवस्था थी, मगर बीच मंझधार में फंसे होने से इन यात्रियों की रात मुश्किल भरी रही। यात्रियों का कहना था कि उन्हें जिस वक्त दिल्ली पहुंच जाना चाहिए था, उस समय वे बुधवार सुबह चंपावत से दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं। चंपावत से दिल्ली की दूरी 413 किलोमीटर है। यहां से दिल्ली पहुंचने में करीब 10 घंटे का वक्त लगता है, लेकिन इतना वक्त उन्हें चंपावत में काटने को मजबूर होना पड़ा।
पिथौरागढ़ डिपो की ये दो बसें फंसी रहीं
यूके 07पीए/3198 धारचूला से दिल्ली 24 यात्री।
यूके 07पीए/2493 पिथौरागढ़ से दिल्ली 10 यात्री।
उप निरीक्षक ने व्रत वाली महिलाओं को भोजन कराया
दिल्ली जाने वाले 34 यात्रियों में से ज्यादातर लोगों को रात भूखे ही काटनी पड़ी, मगर राजस्व विभाग के उप निरीक्षक शंकर लाल वर्मा ने शिवरात्रि व्रत वाली तीन महिलाओं और एक छोटे बच्चे की भोजन और दूध की व्यवस्था अपने घर से की। उन्होंने इन चार यात्रियों को व्रत वाला भोजन, फल तथा छोटे बच्चे के लिए दूध व बिस्कुट उपलब्ध कराया।
रोडवेज बसों का समय बदलने पर होगी बात
चंपावत की एसडीएम सीमा विश्वकर्मा का कहना है कि बारहमासी सड़क पर कटिंग के चलते सड़क बंद होने की वजह से भविष्य में लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन जरूरी कदम उठाएगा। इसके लिए रोडवेज के पिथौरागढ़ डिपो के सहायक मंडलीय प्रबंधक को बसों के समय में आंशिक बदलाव के लिए डीएम के माध्यम से पत्र भेजा जाएगा। साथ ही बारहमासी सड़क की कटिंग में मार्ग पर कम से कम अवरोध के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग खंड को पत्र भेजा जाएगा।
रोडवेज बसों के लिए हो विशेष व्यवस्था
रोडवेज कर्मचारी नेता एनडी जोशी ने रोडवेज बसों के लिए विशेष व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि रोडवेज की बसों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचने का समय नियत होता है। बसों के फंसने से न केवल यात्रियों की मुसीबत बढ़ती है, बल्कि बस की वापसी का समय भी गड़बड़ाता है। इसके चलते परिवहन निगम की आय भी प्रभावित होगी।