{"_id":"60ad35d68ebc3e29b77994f2","slug":"nh-closed-in-champawat-champawat-news-hld425499726","type":"story","status":"publish","title_hn":"टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग 44 घंटे बाद फिर बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग 44 घंटे बाद फिर बंद
विज्ञापन
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) मंगलवार शाम को फिर बंद हो गया है। दो दिन के भीतर यह दूसरा मौका है, जब बाराकोट के पास भारतोली और मोकोट में मलबा आने से आवाजाही बाधित हुई है।
इससे पूर्व 20 मई की रात दस बजे से 23 मई रात आठ बजे तक यह मार्ग बंद हो गया था। अब 44 घंटे बाद एक बार फिर मार्ग बाधित हो गया है। मार्ग में दोनों तरफ दस से अधिक ट्रक और अन्य छोटे-बड़े वाहन फंसे हैं।
एनएच पर भारतोली और मोकोट पर मंगलवार शाम चार बजे एकाएक भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे (पिथौरागढ़ से टनकपुर और लोहाघाट से पिथौरागढ़ को) वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।
विज्ञापन
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड जेसीबी और पॉकलैंड से मलबा हटाने की कवायद में जुटा है। वहीं एनएच के ईई एलडी मथेला का कहना है कि मलबा हटाकर मार्ग को बुधवार सुबह तक आवाजाही लायक बना दिया जाएगा।
बंद हैं जिले की ये आठ ग्रामीण सड़कें
चंपावत। जिले मेंआठ संपर्क मार्ग अब भी बंद हैं। इनमें धौन-सल्ली, रौसाल-मटियानी, धौन-दियूरी-बजौन, मूलाकोट-कांडे-भुम्मा, तिमलागूंठ-पीपलढींग, ढोलीगांव-पारस-रिखोली, कामाज्यूला-भनार-रैघाड़ी और टाक करायत-कुंडीमहर शामिल हैं।
विज्ञापन
इससे पूर्व 20 मई की रात दस बजे से 23 मई रात आठ बजे तक यह मार्ग बंद हो गया था। अब 44 घंटे बाद एक बार फिर मार्ग बाधित हो गया है। मार्ग में दोनों तरफ दस से अधिक ट्रक और अन्य छोटे-बड़े वाहन फंसे हैं।
विज्ञापन
एनएच पर भारतोली और मोकोट पर मंगलवार शाम चार बजे एकाएक भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे (पिथौरागढ़ से टनकपुर और लोहाघाट से पिथौरागढ़ को) वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।
विज्ञापन
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड जेसीबी और पॉकलैंड से मलबा हटाने की कवायद में जुटा है। वहीं एनएच के ईई एलडी मथेला का कहना है कि मलबा हटाकर मार्ग को बुधवार सुबह तक आवाजाही लायक बना दिया जाएगा।
बंद हैं जिले की ये आठ ग्रामीण सड़कें
चंपावत। जिले मेंआठ संपर्क मार्ग अब भी बंद हैं। इनमें धौन-सल्ली, रौसाल-मटियानी, धौन-दियूरी-बजौन, मूलाकोट-कांडे-भुम्मा, तिमलागूंठ-पीपलढींग, ढोलीगांव-पारस-रिखोली, कामाज्यूला-भनार-रैघाड़ी और टाक करायत-कुंडीमहर शामिल हैं।