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Champawat News: पाटन पाटनी में ऋषि तर्पण के बाद धारण की नई जनेऊ
Mon, 19 Aug 2024 11:03 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 19 Aug 2024 11:03 PM IST
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लोहाघाट के पाटन पाटनी में ऋषि तर्पण करते लोग। स्रोत: ग्रामीण
लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में रक्षाबंधन के साथ ही ऋषि तर्पण किया गया। इस दौरान लोगों ने नई जनेऊ धारण की। लोहाघाट के पाटन पाटनी गांव के कालेशन मंदिर में सामूहिक रूप से ऋषि तर्पण करने के बाद तुलसी, मिट्टी, गोबर, भस्म से स्नान कर नई जनेऊ धारण की।
पंडित कमल कुलेठा के पौरोहित्य में आयोजित कार्यक्रम में श्रावणी पूर्णिमा के मौके पर सप्त ऋषियों की विशेष पूजा अर्चना कर उनका तर्पण के बाद नए यज्ञोपवीत धारण किए । लोक परंपराओं के जानकार पंडित भगवत प्रसाद पांडेय, शशांक पांडेय ने बताया कि श्रावणी पूर्णिमा को भाई-बहिन के प्यार का प्रतीक रक्षा बंधन तो मनाया ही जाता है। इसके साथ साथ यह सनातन परंपरा के अंतर्गत पुरुषों के लिये भी महत्वपूर्ण दिन है। इस मौके पर उमेश चंद्र पाटनी, मुरलीधर पांडे, दीपक पाटनी, षष्टिबल्लभ पांडेय, शेखर चंद्र पाटनी, विनय पाटनी, महेश पाटनी, कामेश पाटनी,भुवन पाटनी,दीप पाटनी,चारु पाटनी समेत कई लोग मौजूद रहे।
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पंडित कमल कुलेठा के पौरोहित्य में आयोजित कार्यक्रम में श्रावणी पूर्णिमा के मौके पर सप्त ऋषियों की विशेष पूजा अर्चना कर उनका तर्पण के बाद नए यज्ञोपवीत धारण किए । लोक परंपराओं के जानकार पंडित भगवत प्रसाद पांडेय, शशांक पांडेय ने बताया कि श्रावणी पूर्णिमा को भाई-बहिन के प्यार का प्रतीक रक्षा बंधन तो मनाया ही जाता है। इसके साथ साथ यह सनातन परंपरा के अंतर्गत पुरुषों के लिये भी महत्वपूर्ण दिन है। इस मौके पर उमेश चंद्र पाटनी, मुरलीधर पांडे, दीपक पाटनी, षष्टिबल्लभ पांडेय, शेखर चंद्र पाटनी, विनय पाटनी, महेश पाटनी, कामेश पाटनी,भुवन पाटनी,दीप पाटनी,चारु पाटनी समेत कई लोग मौजूद रहे।
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