फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Nepalese woman caught in human trafficking, handed over to the Nepal Police

मानव तस्करी में पकड़ी गई नेपाली महिला, नेपाल पुलिस को सौंपा

Fri, 17 Jun 2016 10:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा (चंपावत)
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा (चंपावत) Updated Fri, 17 Jun 2016 10:24 PM IST
विज्ञापन

नेपाली युवतियों नौकरी दिलाने का झांसा देकर दिल्ली के रास्ते अरब देशों में भेजने वाली नेपाली महिला को बॉर्डर पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने पकड़ लिया। वह अपने साथ तीन नेपाली युवतियों को लेकर दिल्ली जा रही थी। तीनों युवतियों और आरोपी महिला को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पूछताछ में दिल्ली स्थित मुख्य सरगना का नाम प्रकाश में नहीं आया। अब नेपाल पुलिस इस मामले में पूछताछ करेगी। नेपाल पुलिस ने झांसा देकर विदेश भेजी जा रही युवतियों को गलत हाथों में पड़ने से बचाकर नेपाल संस्था टिनी हैंड्स के सुपुर्द किया है।

विज्ञापन


एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की इंचार्ज एसआई मंजू पांडे, एचसी लक्ष्मण चंद, कांस्टेबल गणेश सिंह बिष्ट, मुन्ना सिंह और रीड्स संस्था की मीरा बॉर्डर पर स्थित रीड्स कार्यालय में तैनात थे। इसी बीच दो नेपाली युवतियों को आता देख उन्हें शक हुआ। पूछताछ में उन्होंने रुद्रपुर में अपनी रिश्तेदारी में जाना बताया। वहां से काम के सिलसिले में विदेश जाने की बात कही। कुछ समय बाद एक अन्य युवती नेपाल से भारत को संदिग्धावस्था में आती दिखाई दी।
विज्ञापन


पूछताछ में उसने अपना नाम धना बस्तोला पत्नी नरेंद्र बस्तोला निवासी जिला चितवन नारायणी अंचल नेपाल बताया। कहा कि वह दिल्ली में अस्पताल में भर्ती अपने पुत्र के इलाज के लिए दिल्ली जा रही है। उसके पर्स की तलाशी लेने पर दिल्ली से बनबसा का बस का टिकट मिला, जो 16 जून का था। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट कर्मियों को शक होने पर उन्होंने उसे नेपाल पुलिस से सुपुर्द कर दिया। इसी बीच वहां पहुंची एक अन्य नेपाली किशोरी ने धना बस्तोला को पहचान लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसने धना के साथ बनबसा से दिल्ली जाने की बात कही। धना से पूछताछ के बाद एसआई मंजू पांडे ने बताया कि धना को नेपाली युवतियों को दिल्ली पहुंचाने के एवज में पांच हजार रुपये मिलते हैं। दिल्ली में एक युवक उनको दुबई, तिरगिस्तान, ईराक, सऊदी अरब जैसे देशों में भेजते हैं। बताया कि काठमांडू नेपाल में माउंटेन ग्रुप इन युवतियों के पासपोर्ट बनाता है। इस कार्य में वीर बहादुर, गोपाल जैसे एजेंटों के नामों का उसने खुलासा किया है। बताया कि जिन युवतियों का वीजा नहीं बन पाता उन्हें दिल्ली में कहीं बेच दिया जाता है। पकड़ी गई सरगना धना को तीनों नेपाली युवतियों के साथ नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed