{"_id":"5c7d5b5dbdec2214743f2c2c","slug":"nepal-border-opens-mortar-closes-in-police-station","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाल सीमा खुली हुई, थाने में ‘मोर्टार’ बंद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेपाल सीमा खुली हुई, थाने में ‘मोर्टार’ बंद
Mon, 04 Mar 2019 10:37 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो बनबसा (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो बनबसा (चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Mon, 04 Mar 2019 10:37 PM IST
विज्ञापन
बनबसा थाने में आयोजित बैठक में उपस्थित पूर्व सैनिक।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चार दिन पहले यहां कबाड़ में मिले मोर्टार शेल के बारे में पुलिस अभी तक यह भी तय नहीं कर पाई है कि यह शेल जिंदा है या डिफ्यूज हो चुका है। मंगलवार को सेना के विशेषज्ञों के यहां पहुंचने पर ही यह तस्वीर साफ हो पाएगी। मोर्टार शेल मिलने के बाद पुलिस की सीमा सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ गई है। सोमवार को पुलिस ने पूर्व सैनिकों के साथ बैठक कर नेपाल की खुली सीमा की सुरक्षा और अधिक पुख्ता करने के लिए सुझाव भी मांगे।
विज्ञापन
एक मार्च को देशी फार्म स्थित रेलवे क्रासिंग के पास झाड़ी में एक कबाड़ी को मोर्टार शेल मिला था। पुलिस ने मोर्टार को सुरक्षित रखा है। मोर्टार शेल कहां से आया इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस को अभी तक यह भी पता नहीं है कि यह शेल लाइव है या बेकार हो चुका है। ऐसे में पुलिस ने सेना की मदद मांगी थी। कार्यवाहक थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह मनराल ने बताया कि सेना के विशेषज्ञ मंगलवार को यहां पहुंच सकते हैं। मोर्टार शेल अगर लाइव होगा तो सेना के विशेषज्ञ ही उसे डिफ्यूज करेंगे।
विज्ञापन
उधर, मोर्टार शेल मिलने के बाद नेपाल की खुली सीमा की चौकसी को लेकर पुलिस दबाव में हैं। सोमवार को बनबसा थाने में कार्यवाहक थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह मनराल की अध्यक्षता में पुलिस की पूर्व सैनिकों के साथ बैठक हुई। बैठक में पुलिस ने भारत-नेपाल की संवेदनशील खुली सीमा की सुरक्षा उपायों में पूर्व सैनिकों की राय ली गई। पुलिस ने एक्सपर्ट पूर्व सैनिक से मोर्टार शेल के संबंध में जानकारी भी हासिल की । गौरव सेनानी कल्याण समिति अध्यक्ष कै. भानी चंद ने सुझाव दिया कि एक्सपर्ट के आने तक मोर्टार शेल को छेड़ा न जाए। हरीश कापड़ी, गोविंद बल्लभ भट्ट, कै. गोपाल कृष्ण भट्ट, पुष्कर कापड़ी, सूबेदार जगदीश पूनेठा, बीबी पांडेय, हवलदार चंद्रशेखर चंद, भूपेंद्र चंद, जगदीश कलौनी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन