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मुड़ियानी नर्सरी बनेगा हार्टी टूरिज्म का केंद्र
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चंपावत। जिले में पौधशाला सिर्फ पौधे ही उपलब्ध नहीं कराएगी बल्कि पर्यटकों को भी लुभाएगी। यहां से छह किमी दूर मुड़ियानी की नर्सरी को हार्टी टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है और दो वर्ष में यहां हार्टी टूरिज्म (उद्यान से पर्यटन) शुरू हो जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत उप चुनाव जीतने के बाद पहले दौरे में 13 जुलाई को मुड़ियानी के उद्यान फार्म को नाबार्ड की मदद से चौबटिया की तर्ज पर विकसित करने का एलान किया था जिसकी उद्यान विभाग ने कवायद शुरू कर दी है।
वर्ष 1977 में एनएच के किनारे स्थापित मुड़ियानी नर्सरी 12 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है। 2.30 हेक्टेयर भूमि चाय विकास बोर्ड अल्मोड़ा को लीज पर दी गई है जबकि शेष 9.70 हेक्टेयर जमीन में सेब, अखरोट और कीवी की नर्सरी तैयार की जाएगी। साथ ही लिलीयम के फूल भी लगाए जाएंगे। यह काम अगले दो महीने से शुरू कर दिए जाएंगे। पौधे और बागवानी से न केवल औद्यानिकी गतिविधियां बढ़ेंगी बल्कि नए तरीके का पर्यटन भी विकसित किया जाएगा। संवाद
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हार्टी टूरिज्म के खास बिंदु
- मुड़ियानी की नर्सरी क्षेत्र में सैलानियों के भ्रमण की सुविधा।
- फलों और फूलों के बाग के दीदार कर सकेंगे।
- पर्यावरण के अनुकूल हट बनेंगे।
- जानकारी देने के लिए गाइड तैनात किए जाएंगे।
मुड़ियानी की नर्सरी को हार्टी टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। इस साल दिसंबर एवं अगले साल जनवरी में सेब, अखरोट और कीवी के तीन हजार पौधे लगाने के साथ इसे विकसित किया जाएगा। इस काम के लिए फिलहाल 60 लाख रुपये आवंटित हुए हैं।
-टीएन पांडेय, जिला उद्यान अधिकारी, चंपावत।
चंपावत जिले की अन्य राजकीय पौधालय
नाम क्षेत्र (हेक्टेयर) पौधों का उत्पादन
सेलाखोला 3.20 अखरोट, नींबू प्रजाति, पुलम, आड़ू, सेब।
दिगालीचौड़ 8.78 अखरोट, नींबू प्रजाति, पुलम, आड़ू, सेब (4.68 हेक्टेयर क्षेत्र चाय बागान को हस्तांतरित)।
पाटन 4.00 अखरोट, नींबू प्रजाति, पुलम, आड़ू, सेब, नाशपाती।
खतेड़ा 13.50 नींबू प्रजाति।
गोशनी 2.66 जड़ीबूटी शोध संस्था गोपेश्वर को हस्तांतरित।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत उप चुनाव जीतने के बाद पहले दौरे में 13 जुलाई को मुड़ियानी के उद्यान फार्म को नाबार्ड की मदद से चौबटिया की तर्ज पर विकसित करने का एलान किया था जिसकी उद्यान विभाग ने कवायद शुरू कर दी है।
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वर्ष 1977 में एनएच के किनारे स्थापित मुड़ियानी नर्सरी 12 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है। 2.30 हेक्टेयर भूमि चाय विकास बोर्ड अल्मोड़ा को लीज पर दी गई है जबकि शेष 9.70 हेक्टेयर जमीन में सेब, अखरोट और कीवी की नर्सरी तैयार की जाएगी। साथ ही लिलीयम के फूल भी लगाए जाएंगे। यह काम अगले दो महीने से शुरू कर दिए जाएंगे। पौधे और बागवानी से न केवल औद्यानिकी गतिविधियां बढ़ेंगी बल्कि नए तरीके का पर्यटन भी विकसित किया जाएगा। संवाद
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हार्टी टूरिज्म के खास बिंदु
- मुड़ियानी की नर्सरी क्षेत्र में सैलानियों के भ्रमण की सुविधा।
- फलों और फूलों के बाग के दीदार कर सकेंगे।
- पर्यावरण के अनुकूल हट बनेंगे।
- जानकारी देने के लिए गाइड तैनात किए जाएंगे।
मुड़ियानी की नर्सरी को हार्टी टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। इस साल दिसंबर एवं अगले साल जनवरी में सेब, अखरोट और कीवी के तीन हजार पौधे लगाने के साथ इसे विकसित किया जाएगा। इस काम के लिए फिलहाल 60 लाख रुपये आवंटित हुए हैं।
-टीएन पांडेय, जिला उद्यान अधिकारी, चंपावत।
चंपावत जिले की अन्य राजकीय पौधालय
नाम क्षेत्र (हेक्टेयर) पौधों का उत्पादन
सेलाखोला 3.20 अखरोट, नींबू प्रजाति, पुलम, आड़ू, सेब।
दिगालीचौड़ 8.78 अखरोट, नींबू प्रजाति, पुलम, आड़ू, सेब (4.68 हेक्टेयर क्षेत्र चाय बागान को हस्तांतरित)।
पाटन 4.00 अखरोट, नींबू प्रजाति, पुलम, आड़ू, सेब, नाशपाती।
खतेड़ा 13.50 नींबू प्रजाति।
गोशनी 2.66 जड़ीबूटी शोध संस्था गोपेश्वर को हस्तांतरित।

चंपावत की मुड़ियानी नर्सरी। संवाद- फोटो : CHAMPAWAT