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मां पूर्णागिरि के मुख्य मंदिर से हटेंगी वजनदार घंटियां
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 14 Feb 2016 10:35 PM IST
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मां पूर्णागिरि धाम के मुख्य मंदिर से अधिक वजन की घंटियों को हटाया जाएगा। इन घंटियों को दूसरे मंदिरों में लटकाया जाएगा। मुख्य मंदिर की पहाड़ी में दरार के चलते प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाने का निर्णय लिया है।
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मां पूर्णागिरि धाम का मेला 25 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा। इस अवधि में लाखों भक्त मां के दरबार में आकर शीश नवाते हैं, मगर इन दिनों भी काफी संख्या में श्रद्धालु दर्शन को आ रहे हैं। पंडित कमलापति का कहना है कि इन दिनों ठीक से मां के दर्शन होते हैं। इस कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रहती है।
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मुख्य मंदिर में जगह काफी कम है। साथ ही दरारों से पहाड़ी की संवेदनशीलता भी बढ़ रही है। ऐसे में मंदिर में अधिक वजन खतरे की घंटी है। मुख्य मंदिर के पास एक किलोग्राम से अधिक वजन के घंटे भी हटाए जाएंगे। इस वक्त यहां काफी संख्या में ऐसे भारी-भरकम घंटे हैं, जिसमें काफी घंटे 10 किलो से ज्यादा के हैं। इन घंटों को काली मंदिर के नीचे शिफ्ट किया जाएगा।
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पूर्णागिरि (टनकपुर) तहसील के एसडीएम नरेश दुर्गापाल का कहना है कि मां पूर्णागिरि की पहाड़ी की दरार के मद्देनजर यह कदम उठाया जाएगा। इसी तरह मुख्य मंदिर से चिपकी बैरिकेटिंग को तीन फीट पीछे की ओर खिसकाने के विकल्प पर भी विचार किया जाएगा। इन तमाम कदमों को मां पूर्णागिरि धाम के पुजारियों की सहमति से उठाया जाएगा।
पहाड़ी में है पांच इंच तक की दरार
मां पूर्णागिरि धाम की पहाड़ी की चट्टान में कई जगह तीन से पांच इंच की दरार हैं। अब दो जगह ये दरार बढ़ गई है। तीन वर्ष में ये दरार करीब एक इंच बढ़ गई है। एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने बताया कि तीन साल पहले भूगर्भ विज्ञानियों ने स्केलिंग करके पहाड़ी में गिलास लगाया था, ताकि विस्तार होने पर गिलास टूट जाए। मुख्य मंदिर के नीचे दो जगह दरार पर फैलाव (गैप) बढ़ रहा है।
आस्था के धाम मां पूर्णागिरि दरबार के मेले में अब ज्यादा वक्त नहीं है। मुख्य मंदिर की पहाड़ी में आई दरार के मद्देनजर तात्कालिक और दूरगामी सुरक्षागत कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही यह भी ध्यान में रखा जाना चाहिए कि किसी निर्णय से तीर्थयात्रियों को असुविधा न हो। -पंडित किशन तिवारी, अध्यक्ष, मां पूर्णागिरि मंदिर समिति।
मां पूर्णागिरि धाम के मेले की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए प्रशासन की तैयारी पूरी है। 25 मार्च से शुरू मेले से पहले प्रशासन, जिला पंचायत और संबंधित विभागों के अधिकारी मेला स्थल पर जाकर जायजा लेंगे। वहीं मुख्य मंदिर की दरार को पाटने के लिए सर्वे का काम किया जा रहा है। इसके बाद डीपीआर बनाई जाएगी। -दीपेंद्र कुमार चौधरी, डीएम