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शारदा में खनिज निकासी रुकी, निजी भंडारण पर रोक और क्रशरों का स्टॉक फुल होने से पैदा हुआ संकट
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तहसीलदार खुशबू पांडेय को ज्ञापन सौंपते खनन कारोबारी।
- फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। खनन कारोबारियों और वाहन मालिकों की चिंता सच साबित हुई। निजी भंडारकों को आरबीएम और पत्थरों के भंडारण की अनुमति न मिलने और स्थानीय स्टोन क्रशरों की खनिज भंडारण क्षमता पूरी होने से मंगलवार से शारदा में खनिज निकासी बंद हो गई है। कारोबारियों ने आरबीएम और पत्थरों के निजी भंडारण पर रोक हटाने की मांग उठाई है।
शारदा से इस बार 4.62 लाख घनमीटर खनिज निकासी की अनुमति है। इसके सापेक्ष 1.78 लाख घनमीटर निकासी हो चुकी है। आरबीएम और पत्थरों के निजी भंडारणों पर रोक के कारण अब आरबीएम और पत्थरों की बिक्री दो स्थानीय स्टोन क्रशरों पर निर्भर है। खरीद के सापेक्ष खनिज की बिक्री कम होने से दोनों क्रशरों की भंडारण क्षमता सोमवार को पूरी हो चुकी है, जिससे अब कारोबारियों के सामने खनिज बेचने का संकट हो गया है। इसके फलस्वरूप कारोबारियों ने भी मंगलवार से खनिज की निकासी बंद कर दी है।
उनका कहना है कि जब खरीदार ही नहीं हैं तो आरबीएम और पत्थरों की निकासी कैसे होगी। शारदा स्टोन क्रशर के संचालक अमित सिंह ठाकुर ने बताया कि एक क्रशर की भंडारण क्षमता सवा नौ लाख क्विंटल है। क्रशर में खनिज की खरीद के सापेक्ष बिक्री कम होने से दोनों क्रशरों की भंडारण क्षमता पूरी हो चुकी है। अब क्रशर से जितना खनिज बिकेगा उतना ही खनिज खरीद सकते हैं। इधर कारोबारियों ने मंगलवार को तहसीलदार खुशबू पांडेय के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन भेजा। इसमें आरबीएम और पत्थरों के निजी भंडारण पर लगी रोक हटाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में यूनियन अध्यक्ष आनंद महर अन्नी, महेश सिंह, योगेंद्र ज्याल योगी, मनोज गुप्ता, पंकज सिंह, नसीब हुसैन, जगदीश कुमार, कृष्ण सिंह आदि थे।
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वन निगम का स्टोन क्रशरों से एक-एक लाख घनमीटर खनिज खरीदने का अनुबंध है, यदि क्रशर मालिक अनुबंध पूरा नहीं करेंगे तो निगम की ओर से उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आरबीएम और पत्थर बेचने की समस्या पैदा हुई है, लेकिन रेता, बजरी की निकासी रोकना गलत है। रेता, बजरी की निकासी हो इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- हरीश पाल, प्रबंधक वन निगम, शारदा खनन।
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शारदा से इस बार 4.62 लाख घनमीटर खनिज निकासी की अनुमति है। इसके सापेक्ष 1.78 लाख घनमीटर निकासी हो चुकी है। आरबीएम और पत्थरों के निजी भंडारणों पर रोक के कारण अब आरबीएम और पत्थरों की बिक्री दो स्थानीय स्टोन क्रशरों पर निर्भर है। खरीद के सापेक्ष खनिज की बिक्री कम होने से दोनों क्रशरों की भंडारण क्षमता सोमवार को पूरी हो चुकी है, जिससे अब कारोबारियों के सामने खनिज बेचने का संकट हो गया है। इसके फलस्वरूप कारोबारियों ने भी मंगलवार से खनिज की निकासी बंद कर दी है।
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उनका कहना है कि जब खरीदार ही नहीं हैं तो आरबीएम और पत्थरों की निकासी कैसे होगी। शारदा स्टोन क्रशर के संचालक अमित सिंह ठाकुर ने बताया कि एक क्रशर की भंडारण क्षमता सवा नौ लाख क्विंटल है। क्रशर में खनिज की खरीद के सापेक्ष बिक्री कम होने से दोनों क्रशरों की भंडारण क्षमता पूरी हो चुकी है। अब क्रशर से जितना खनिज बिकेगा उतना ही खनिज खरीद सकते हैं। इधर कारोबारियों ने मंगलवार को तहसीलदार खुशबू पांडेय के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन भेजा। इसमें आरबीएम और पत्थरों के निजी भंडारण पर लगी रोक हटाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में यूनियन अध्यक्ष आनंद महर अन्नी, महेश सिंह, योगेंद्र ज्याल योगी, मनोज गुप्ता, पंकज सिंह, नसीब हुसैन, जगदीश कुमार, कृष्ण सिंह आदि थे।
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वन निगम का स्टोन क्रशरों से एक-एक लाख घनमीटर खनिज खरीदने का अनुबंध है, यदि क्रशर मालिक अनुबंध पूरा नहीं करेंगे तो निगम की ओर से उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आरबीएम और पत्थर बेचने की समस्या पैदा हुई है, लेकिन रेता, बजरी की निकासी रोकना गलत है। रेता, बजरी की निकासी हो इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- हरीश पाल, प्रबंधक वन निगम, शारदा खनन।