फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Mineral drain halts in Sharda, ban on private storage and crisis arising due to crushing of stock of crushers

शारदा में खनिज निकासी रुकी, निजी भंडारण पर रोक और क्रशरों का स्टॉक फुल होने से पैदा हुआ संकट

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 02 Mar 2021 11:35 PM IST
विज्ञापन
Mineral drain halts in Sharda, ban on private storage and crisis arising due to crushing of stock of crushers
तहसीलदार खुशबू पांडेय को ज्ञापन सौंपते खनन कारोबारी। - फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। खनन कारोबारियों और वाहन मालिकों की चिंता सच साबित हुई। निजी भंडारकों को आरबीएम और पत्थरों के भंडारण की अनुमति न मिलने और स्थानीय स्टोन क्रशरों की खनिज भंडारण क्षमता पूरी होने से मंगलवार से शारदा में खनिज निकासी बंद हो गई है। कारोबारियों ने आरबीएम और पत्थरों के निजी भंडारण पर रोक हटाने की मांग उठाई है।
विज्ञापन

शारदा से इस बार 4.62 लाख घनमीटर खनिज निकासी की अनुमति है। इसके सापेक्ष 1.78 लाख घनमीटर निकासी हो चुकी है। आरबीएम और पत्थरों के निजी भंडारणों पर रोक के कारण अब आरबीएम और पत्थरों की बिक्री दो स्थानीय स्टोन क्रशरों पर निर्भर है। खरीद के सापेक्ष खनिज की बिक्री कम होने से दोनों क्रशरों की भंडारण क्षमता सोमवार को पूरी हो चुकी है, जिससे अब कारोबारियों के सामने खनिज बेचने का संकट हो गया है। इसके फलस्वरूप कारोबारियों ने भी मंगलवार से खनिज की निकासी बंद कर दी है।
विज्ञापन

उनका कहना है कि जब खरीदार ही नहीं हैं तो आरबीएम और पत्थरों की निकासी कैसे होगी। शारदा स्टोन क्रशर के संचालक अमित सिंह ठाकुर ने बताया कि एक क्रशर की भंडारण क्षमता सवा नौ लाख क्विंटल है। क्रशर में खनिज की खरीद के सापेक्ष बिक्री कम होने से दोनों क्रशरों की भंडारण क्षमता पूरी हो चुकी है। अब क्रशर से जितना खनिज बिकेगा उतना ही खनिज खरीद सकते हैं। इधर कारोबारियों ने मंगलवार को तहसीलदार खुशबू पांडेय के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन भेजा। इसमें आरबीएम और पत्थरों के निजी भंडारण पर लगी रोक हटाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में यूनियन अध्यक्ष आनंद महर अन्नी, महेश सिंह, योगेंद्र ज्याल योगी, मनोज गुप्ता, पंकज सिंह, नसीब हुसैन, जगदीश कुमार, कृष्ण सिंह आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

वन निगम का स्टोन क्रशरों से एक-एक लाख घनमीटर खनिज खरीदने का अनुबंध है, यदि क्रशर मालिक अनुबंध पूरा नहीं करेंगे तो निगम की ओर से उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आरबीएम और पत्थर बेचने की समस्या पैदा हुई है, लेकिन रेता, बजरी की निकासी रोकना गलत है। रेता, बजरी की निकासी हो इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
- हरीश पाल, प्रबंधक वन निगम, शारदा खनन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed