फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   message of drug free holi

Champawat News: नशामुक्त होली का संदेश... होली में रम नहीं, रम जाएं

Mon, 06 Mar 2023 12:46 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Mon, 06 Mar 2023 12:46 AM IST
विज्ञापन
message of drug free holi
चंपावत। एक जमाने में चंद राजवंश से जुड़ी चौबे होली जिले की पहचान देती थी। वक्त बदला तो होली मनाने का अंदाज भी बदल गया। जिले के कई हिस्सो मेंं होली के खूबसूरत रंगों को शराब और नशे ने बदरंग बना दिया है। यहां तक कि चंद राजवंश से जुड़ी चौबे होली (होली गायन की एक विधा) भी इसी बुराई की भेंट चढ़ गई। अब कुछ सामाजिक कार्यकर्ता होली पर्व को होली फेस्टिवल (पवित्र पर्व) मनाने के लिए पहल कर रहे हैं। इन छोटे-छोटे प्रयासों से वे समाज को बड़ा संदेश दे रहे हैं।
विज्ञापन



नशामुक्त परिवेश एवं स्वच्छ पर्यावरण अभियान चलाने वाले साहित्यकार प्रकाश जोशी शूल ओखलढुंगा, अमकड़िया गांव में घर-घर जाकर पोस्टरों से संदेश दे रहे हैं। कहते हैं- होलियों में रम नहीं रम जायें...। नशा है करता नाश इसको शान न समझो, लेता है ये तो फांस इसको शान ना समझो, जो भी आपसे कि त्याग दो नशा... हितैषी हैं वो आपके, इसे अपमान ना समझो...। इन संदेशों से नशे से बचाव की शानदार पहल की जा रही है। इसी तरह नशा हटाओ जीवन बचाओ संस्था के संयोजक सामश्रवा आर्य सिप्टी में, त्रिलोचन जोशी टनकपुर और प्रवक्ता ललित मोहन सीमांत रौसाल क्षेत्र में ऐसे ही अभियानों से समाज को नशे के दलदल से उबारने का नेक प्रयास कर रहे हैं। संवाद
विज्ञापन




होली पर दो दशक में हो चुकीं पांच मौतें
चंपावत। रंगों के पर्व में कई बार शराब और दूसरे नशों का रंग जिंदगी पर भारी पड़ता है। उत्तराखंड बनने के बाद से होली में इस जिले में तिलौन, चौकी सहित कई गांवों में हत्या की पांच वारदातें हो चुकी हैं जबकि मारपीट में घायल होने वालों की संख्या 30 से भी ज्यादा है।
विज्ञापन
विज्ञापन





सरकारी पहल भी असरकारी नहीं
चंपावत। चंपावत जिला नशाखोरी में काफी आगे है लेकिन नशे को रोकने की सरकारी पहल असरकारी नहीं है। 2021-22 से अब तक शराब की छह लाख से भी ज्यादा बोतलों की खपत हुई। इस तरह दो वर्ष में 300 करोड़ रुपये से अधिक की शराब लोग पी गए। जिला आबकारी अधिकारी तपन कुमार पांडेय ने बताया कि चंपावत जिले में शराब बेचने के लाइसेंस और व्यवस्थापन शुल्क से दो साल में 121 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व मिला है।

वहीं शराब से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए नशामुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत रैलियां, गोष्ठियां सहित कई कार्यक्रम कराए जाते हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत का कहना है कि 2020-21 से अब तक आवंटित दस लाख में से सात लाख रुपये नशे की रोकथाम के अभियान में खर्च हो चुके हैं।



चंपावत जिले में नशाखोरी चिंता का विषय है। इस पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। होली बाद नशाविरोधी संगठनों के साथ मिलकर प्रशासन नई पहल करेगा। ताकि समाज में इसे लेकर जागरूकता का स्तर बढ़े। होली को उल्लास से मनाएं शराब से नहीं। - नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed