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शहीद राहुल रैंसवाल को याद किया

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2020 10:48 PM IST
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Martyr
शहीद राहुल रैंसवाल। (फाइल फोटो) - फोटो : CHAMPAWAT
पुलवामा में शहीद हुए नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के रियासीबमन गांव निवासी 18 कुमाऊं के जवान राहुल रैंसवाल का शनिवार को पीपलपानी कार्यक्रम संपन्न हुआ। उनकी आत्मा की शांति के लिए त्यारकुड़ा में धार्मिक विधि-विधान से क्रिया हुई। इस दौरान क्षेत्र के लोगों ने उनकी शहादत का स्मरण किया।
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असम रायफल्स के नायक रहे वीरेंद्र सिंह रैंसवाल के बेटे राहुल रैंसवाल की जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 21 जनवरी को आतंकियों से हुई मुठभेड़ में शहादत हो गई थी। वह यहां राष्ट्रीय रायफल्स में तैनात थे।
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शहादत से पूर्व राहुल ने बहादुरी दिखाते हुए आतंकियों का मुकाबला किया लेकिन आतंकियों के घात लगाकर हुए हमले में उनकी शहादत हो गई। शहीद के पिता वीरेंद्र सिंह रैंसवाल का कहना है कि सरकार को कश्मीर सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में फैले आतंक के खात्मे के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए।
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ध्वस्त करो पाक के नापाक मंसूबे
लोहाघाट (चंपावत)। राहुल रैंसवाल की कश्मीर के पुलवामा में 21 जनवरी को हुई शहादत से यहां के लोग गमजदा हैं। पूर्व फौजी और आम लोगों का कहना है कि सेना, अर्द्ध सुरक्षा बल और पुलिस के जवानों की शहादत के लिए पाकिस्तान की नापाक हरकत जिम्मेदार है। सीमा मजबूत करने के साथ पाक को सबक सिखाना जरूरी है। लोगों का मानना है कि हमें अपनी सेना को मजबूत करने के साथ सर्जिकल और एयर स्ट्राइक की तर्ज पर ठोस कदम उठाने चाहिए।
सरकार की ढुलमुल नीतियों से पाक पोषित आतंकवाद से लड़ाई कमजोर हो रही है। सरकार को कड़े फैसले लेकर उसी की भाषा में जवाब देना चाहिए। कैप्टन पीएस देव, लोहाघाट।
हमला होते ही मौके पर तैनात फौजियों को तुरंत कार्रवाई की छूट मिलनी चाहिए। सेना के जवानों को ऐसे मौके पर उच्चाधिकारियों के आदेश का इंतजार करना पड़ता है। इस देरी से सेना को नुकसान भुगतना पड़ता है। हवलदार हेमंत राय, लोहाघाट।
लगातार हमले से फौज और देश कमजोर होता है। बगैर युद्ध के जवानों की शहादत यकीनन चिंताजनक है। इसे रोकने के लिए नए सिरे से कारगर नीतियों पर विचार करना होगा। कैप्टन एनके पुनेठा, लोहाघाट।
आतंकियों को कश्मीर में कई जगह स्थानीय संरक्षण मिलता है। इससे फौज या खुफिया तंत्र को सही सूचना नहीं मिल पाती है। इसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ता है। नायक उत्तम सिंह, लोहाघाट।
सेना की बेहतरी के लिए केंद्र सरकार अच्छा काम कर रही है। सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को हटाए जाने से आतंकवाद का खात्मा होगा। कुछ समय के लिए वहां अर्द्धसुरक्षा बल की संख्या बढ़ानी चाहिए। सुरेश ढेक, लोहाघाट।

पाक पोषित आतंकवाद से अक्सर होने वाली शहादत का जवाब देने के लिए भारत को पाकिस्तान के भीतर घुसना चाहिए। अमन के लिए पाक अधिकृत कश्मीर पर हमला कर उसे वापस लेने के प्रयास करने होंगे। नवीन ओली, लोहाघाट।
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