फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   martyr

जिले के इकलौते कारगिल शहीद खीम सिंह ने लिखी थी अदभुत शौर्य गाथा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2019 10:09 PM IST
विज्ञापन
martyr
कारगिल शहीद खीम सिंह कुंवर। - फोटो : CHAMPAWAT
कारगिल युद्ध में जीत को दो दशक पूरे हो चुके हैं। बेहद कठिन हालातों में पाकिस्तान की सेना के इरादों को नाकाम करने के लिए भारतीय सेना के कई जवानों ने युद्ध में कुर्बानी दी। चंपावत जिले से कारगिल युद्ध में जिस एकमात्र सैनिक ने शहादत दी वह बनबसा के ग्राम पचपकरिया के खीम सिंह कुंवर थे। 9 पैरा में नायक के पद पर तैनात खीम सिंह कुंवर ने कुपवाड़ा सेक्टर में शहीद होने से पूर्व पाकिस्तान के पांच दुश्मनों को मार गिराया।
विज्ञापन

अदम्य साहस का परिचय देने वाले शहीद खीम सिंह कुंवर बनबसा के ग्राम पचपकरिया में 12 फरवरी 1972 में कृषक गंगा सिंह कुंवर के घर जन्मे। इंटर की पढ़ाई के बाद वे फौज में भर्ती हुए। शहादत के वक्त गर्भवती पत्नी मंजू ने शहीद की मौत के कुछ महीनों बाद बेटे को जन्म दिया जो अब 17 वर्ष का है। शहीद की पत्नी मंजू पचपकरिया में ससुराल को छोड़ कर बरेली में शिफ्ट हो गई हैं। मंजू सिंह इस वक्त बरेली में रेलवे विभाग में कार्यरत हैं।
विज्ञापन

शहीद की स्मृति को संजोने के लिए वर्ष 2000 में बनबसा बस स्टेशन के नजदीक बने शहीद स्मारक बनाया गया। स्मारक खस्ताहालत होने के चलते नगर पंचायत उसकी मरम्मत करवा रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष रेणु अग्रवाल का कहना है कि जल्द ही शहीद स्मारक की मरम्मत पूरी हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहीद का छोटा भाई भी है सैनिक
बनबसा (चंपावत)। कारगिल युद्ध में बड़े भाई के शहीद होने के बाद भी छोटे भाई राजेंद्र सिंह ने दूसरी सेवा नहीं अपनाई। भाई की शहादत के बाद उन्होंने सेना में जाना तय किया। इन दिनों वे जम्मू कश्मीर में तैनात हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed