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सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण करें
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चंपावत जिला सभागार में पीएनपीसीडीटी की बैठक में मौजूद डीएम और अन्य अधिकारी।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का समय-समय पर औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी जीजीआईसी, कॉलेजों और डिग्री कॉलेजों में सैनेट्री नेपकिन के बेहतर निपटारे के लिए इंस्लेटर मशीनों की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
जिला सभागार में शुक्रवार को जिला चिकित्सा प्रबंधन की जिला सलाहकार समिति प्रसव पूर्ण निदान (पीसीपीएनडीटी) की बैठक में डीएम ने बेटी बचाव-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत लिंगानुपात में कमी वाले क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने और विभिन्न सामाजिक संगठनों से समन्वय स्थापित करने के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रसव के बाद जच्चे-बच्चे को पूरे स्वास्थ्य परीक्षण एवं निर्धारित समय के बाद ही डिस्चार्ज करें। सामान्य प्रसव पर दो दिन और ऑपरेशन से प्रसव पर जच्चे-बच्चे को पांच दिन चिकित्सकीय निगरानी में रखें।
बैठक में पाटी स्वास्थ्य केंद्र में रात्रि को गार्ड की समस्या पर युवा कल्याण अधिकारी को एक पीआरडी जवान तैनात करने के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल निगम को एक सप्ताह के भीतर अस्पताल में पेयजल संयोजन देने को कहा। जिले में विभिन्न स्वास्थ्य उपकेंद्रों तक पहुंचने के संपर्क मार्गों की मरम्मत के लिए एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव तैयार कर सीडीओ कार्यालय में देने को कहा। बैठक में सीएमओ डॉ.केके अग्रवाल, एसीएमओ डॉ.श्वेता खर्कवाल, समिति सदस्य डीजीसी रमेश चंद्र, श्याम नारायण पांडेय, नवीन चंद्र मुरारी, जिला समन्वयक जीवन चंद्र बगौली, गौरव पांडेय आदि मौजूद थे।
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जिला सभागार में शुक्रवार को जिला चिकित्सा प्रबंधन की जिला सलाहकार समिति प्रसव पूर्ण निदान (पीसीपीएनडीटी) की बैठक में डीएम ने बेटी बचाव-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत लिंगानुपात में कमी वाले क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने और विभिन्न सामाजिक संगठनों से समन्वय स्थापित करने के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रसव के बाद जच्चे-बच्चे को पूरे स्वास्थ्य परीक्षण एवं निर्धारित समय के बाद ही डिस्चार्ज करें। सामान्य प्रसव पर दो दिन और ऑपरेशन से प्रसव पर जच्चे-बच्चे को पांच दिन चिकित्सकीय निगरानी में रखें।
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बैठक में पाटी स्वास्थ्य केंद्र में रात्रि को गार्ड की समस्या पर युवा कल्याण अधिकारी को एक पीआरडी जवान तैनात करने के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल निगम को एक सप्ताह के भीतर अस्पताल में पेयजल संयोजन देने को कहा। जिले में विभिन्न स्वास्थ्य उपकेंद्रों तक पहुंचने के संपर्क मार्गों की मरम्मत के लिए एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव तैयार कर सीडीओ कार्यालय में देने को कहा। बैठक में सीएमओ डॉ.केके अग्रवाल, एसीएमओ डॉ.श्वेता खर्कवाल, समिति सदस्य डीजीसी रमेश चंद्र, श्याम नारायण पांडेय, नवीन चंद्र मुरारी, जिला समन्वयक जीवन चंद्र बगौली, गौरव पांडेय आदि मौजूद थे।
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