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पूरी हुई लोहाघाट के नगर पालिका बनने की मांग
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लोहाघाट नगर पंचायत कार्यालय जिसे शासन की ओर से उच्चीकरण कर मिला नगर पालिका का दर्जा।
- फोटो : LOHAGHAT
लोहाघाट (चंपावत)। वर्षों से नगर पंचायत को उच्चीकृत कर नगर पालिका बनाने की मांग आखिरकार पूरी हो गई है। नगर पालिका बनने के कारण लोहाघाट नगर में जहां नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा, वहीं नगर पंचायत को मिलने वाले बजट में भी बढ़ोतरी होगी। इससे नगर में विकास का पहिया और तेजी के साथ घूमेगा।
लोहाघाट नगर को वर्ष 1959 में नोटिफाइड एरिया बनाया गया था, जिसे बाद में नगर पंचायत का नाम दिया गया। वर्ष 1992 से नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा दिलाने की मांग उठती रही है। नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने बताया कि नगर पालिका बनने के बाद नगर में वार्डों की संख्या बढ़कर सात से नौ हो जाएगी। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी कमल कुमार ने बताया कि नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा मिल गया है। नगर पालिका में किसी भी नए क्षेत्र को शामिल नहीं किया गया है।
अभी नगर पंचायत क्षेत्र की आबादी 15 हजार से अधिक है। नगर पालिका का दर्जा मिलने के बाद वित्तीय ग्रांट में बढ़ोतरी होगी, जिससे विकास कार्य बढ़ेंगे, जनता को और अधिक सुविधाएं मिलेंगी। नगर पालिका क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, पथ प्रकाश, आंतरिक मार्गों का रखरखाव, कूड़ा निस्तारण आदि व्यवस्थाएं की जाती हैं। इसके एवज में नागरिकों से केवल सफाई कर और भवन कर लिया जाता है। व्यापार के लिए व्यापारियों को लाइसेंस जारी कर उनसे तहबाजारी वसूली जाती है। ईओ ने बताया कि परिसीमन के बाद नगर पालिका में नए क्षेत्र शामिल होते हैं तो उन्हें 15 वर्ष तक किसी भी प्रकार का कोई टैक्स नहीं पड़ेगा।
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लोहाघाट नगर को वर्ष 1959 में नोटिफाइड एरिया बनाया गया था, जिसे बाद में नगर पंचायत का नाम दिया गया। वर्ष 1992 से नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा दिलाने की मांग उठती रही है। नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने बताया कि नगर पालिका बनने के बाद नगर में वार्डों की संख्या बढ़कर सात से नौ हो जाएगी। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी कमल कुमार ने बताया कि नगर पंचायत को नगर पालिका का दर्जा मिल गया है। नगर पालिका में किसी भी नए क्षेत्र को शामिल नहीं किया गया है।
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अभी नगर पंचायत क्षेत्र की आबादी 15 हजार से अधिक है। नगर पालिका का दर्जा मिलने के बाद वित्तीय ग्रांट में बढ़ोतरी होगी, जिससे विकास कार्य बढ़ेंगे, जनता को और अधिक सुविधाएं मिलेंगी। नगर पालिका क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, पथ प्रकाश, आंतरिक मार्गों का रखरखाव, कूड़ा निस्तारण आदि व्यवस्थाएं की जाती हैं। इसके एवज में नागरिकों से केवल सफाई कर और भवन कर लिया जाता है। व्यापार के लिए व्यापारियों को लाइसेंस जारी कर उनसे तहबाजारी वसूली जाती है। ईओ ने बताया कि परिसीमन के बाद नगर पालिका में नए क्षेत्र शामिल होते हैं तो उन्हें 15 वर्ष तक किसी भी प्रकार का कोई टैक्स नहीं पड़ेगा।
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