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Champawat News: लेंसोमीटर मशीन से आंखों के इलाज में बढ़ेगी सटीकता
Thu, 30 Apr 2026 11:23 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 30 Apr 2026 11:23 PM IST
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चंपावत। जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। अब यहां एनएचपीसी के सीएसआर मद से अत्याधुनिक लेंसोमीटर मशीन की स्थापना की जा रही है। इससे आंखों की जांच और इलाज पहले से अधिक सटीक और प्रभावी होगा।
विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सक की तैनाती के बाद अस्पताल की तस्वीर पहले ही बदल चुकी है। अब नई मशीन लगने से जटिल मामलों की पहचान और ऑपरेशन की गुणवत्ता में और सुधार आएगा। पहले मोतियाबिंद, कॉर्निया समेत गंभीर नेत्र रोगों के इलाज के लिए मरीजों को हल्द्वानी, देहरादून या दिल्ली का रुख करना पड़ता था। इससे समय, पैसा और शारीरिक परेशानी बढ़ती थी। अब आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टर की उपलब्धता से स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण इलाज संभव हो रहा है।
स्थानीय स्तर पर इलाज मिलने से मरीजों का खर्च कम हुआ है और समय की बचत भी हो रही है। परिवार के बीच रहकर इलाज मिलने से मानसिक सहारा मिलता है। वहीं सुरक्षित ऑपरेशन से मरीजों का भरोसा भी बढ़ा है। जनवरी 2026 से अब तक 180 के आंखों से संबंधित बीमारी के ऑपरेशन किए हैं।
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जिला अस्पताल में हर सोमवार को ऑपरेशन के लिए आने वाले मरीजों की जांच कर आवश्यकतानुसार मोतियाबिंद, मांस बढ़ना आदि का ऑपरेशन किया जा रहा है। लेंसोमीटर लगने के बाद जटिल मामलों में सटीकता से आंख की समस्या का पता चल सकेगा। इससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा मिलेगी। आठ से दस दिन में मशीन इंस्टॉल कर ली जाएगी। - डॉ. शौर्य सिंह, नेत्र विशेषज्ञ, जिला अस्पताल चंपावत
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विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सक की तैनाती के बाद अस्पताल की तस्वीर पहले ही बदल चुकी है। अब नई मशीन लगने से जटिल मामलों की पहचान और ऑपरेशन की गुणवत्ता में और सुधार आएगा। पहले मोतियाबिंद, कॉर्निया समेत गंभीर नेत्र रोगों के इलाज के लिए मरीजों को हल्द्वानी, देहरादून या दिल्ली का रुख करना पड़ता था। इससे समय, पैसा और शारीरिक परेशानी बढ़ती थी। अब आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टर की उपलब्धता से स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण इलाज संभव हो रहा है।
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स्थानीय स्तर पर इलाज मिलने से मरीजों का खर्च कम हुआ है और समय की बचत भी हो रही है। परिवार के बीच रहकर इलाज मिलने से मानसिक सहारा मिलता है। वहीं सुरक्षित ऑपरेशन से मरीजों का भरोसा भी बढ़ा है। जनवरी 2026 से अब तक 180 के आंखों से संबंधित बीमारी के ऑपरेशन किए हैं।
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जिला अस्पताल में हर सोमवार को ऑपरेशन के लिए आने वाले मरीजों की जांच कर आवश्यकतानुसार मोतियाबिंद, मांस बढ़ना आदि का ऑपरेशन किया जा रहा है। लेंसोमीटर लगने के बाद जटिल मामलों में सटीकता से आंख की समस्या का पता चल सकेगा। इससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा मिलेगी। आठ से दस दिन में मशीन इंस्टॉल कर ली जाएगी। - डॉ. शौर्य सिंह, नेत्र विशेषज्ञ, जिला अस्पताल चंपावत