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ऐसा कानून बनाएं जिससे अपराधियों में खौफ हो

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 05 Dec 2019 10:21 PM IST
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Law should be made which will be create fear
अमर उजाला अपराजिता 100 मिलयिन स्माइल्स के तहत संवाद में हैदराबाद की घटना पर विचार रखती एमडीएम स्कू? - फोटो : TANAKPUR
हैदराबाद में डॉक्टर बेटी के साथ हुई जघन्य घटना के विरोध में बुधवार को अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के बैनर तले एमडीएम एजुकेशनल एकेडमी स्कूल के छात्र-छात्राओं और शिक्षिकाओं ने जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। कहा कि ऐसा कानून बने जिससे अपराधियों में खौफ पैदा हो।
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शिक्षिकाओं ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाना ही काफी नहीं है बल्कि कानून पर धरातलीय अमल भी जरूरी है जिससे अपराधियों में कानून का भय पैदा हो। उन्होंने कहा कि इस घटना ने मानवीयता को तार-तार किया है। दुराचारियों को कठोर सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी बेटियों की तरफ बुरी नजर से देखने की हिम्मत न जुटा पाए।
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महिला सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। बच्चों को ऐसे संस्कार दिए जाने चाहिए जिससे वे अपने सामाजिक दायित्वों को समझ सकें। बेटियों को पढ़ाई के साथ आत्मरक्षा में दक्ष बनाने की भी जरूरत है। उन्होंने दरिंदों को सबक सिखाने के लिए खुद सक्षम बनने का संकल्प लेते हुए उन्हें जल्द फांसी पर लटकाने की मांग उठाई।
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हैदराबाद की घटना पूर्व में हुई निर्भया घटना की पुनरावृत्ति है। निर्भया घटना के बाद महिला सुरक्षा कानून बनाने को खूब हल्ला मचा था। इस घटना ने और सख्त कानून बनाने की जरूरत का अहसास कराया है। अपराधियों में जब तक कानून का भय नहीं होगा ऐसी घटना पर अंकुश नहीं लग पाएगा। सुनीता चंद, प्रधानाचार्या।
- बहन-बेटियों के साथ दुराचार करने वालों पर दया करने की जरूरत नहीं है। ऐसे लोगों को सख्त सजा देकर अपराधियों में कानून के खौफ का अहसास कराना होगा। ऐसे दुराचारियों को सबक सिखाने के लिए बेटियों को भी खुद सक्षम बनने की जरूरत है। पुष्पा पाठक, शिक्षिका।
-हैदराबाद की घटना ने निर्भया घटना की तरह शर्मसार किया है। डॉक्टर बेटी के साथ जो हुआ उसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और न ही किया जाना चाहिए। दोषियों को जल्द ऐसी सजा दी जानी चाहिए कि बहन-बेटियों पर बुरी नजर रखने वालों को सबक मिल सके। रितू देउपा, शिक्षिका।
ऐसी घटनाओं पर अंकुश के लिए कड़े कानून के साथ सुरक्षा उपाय व सुरक्षात्मक निगरानी जरूरी है। केवल कानून बनाने से काम नहीं चलेगा। लोगों को जागरूक होने के साथ समाज में नैतिक मूल्यों को बढ़ाने वाले काम भी करने होंगे। बच्चों को इस योग्य बनाना चाहिए है कि वे सामाजिक दायित्वों को समझ सकें। एकता अग्रवाल, शिक्षिका।

दरिंदों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए। बेटियों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाया जाए। हैदराबाद की घटना ने महिलाओं में असुरक्षा की भावना पैदा की है। ऐसा कानून बनाया जाए जिसका ऐसे दरिंदों में खौफ पैदा हो। पूजा जोशी, शिक्षिका।
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