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ऑल वेदर रोड निर्माण में कायदे-कानून ताख पर

Sun, 01 Oct 2017 10:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, टनकपुर (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो, टनकपुर (चंपावत)। Updated Sun, 01 Oct 2017 10:50 PM IST
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Law and order in building All Weather Road
ऑल वेदर रोड कटिंग कर सड़क से नीचे फेंका जा रहा मलबा। - फोटो : अमर उजाला

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टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑल वेदर रोड निर्माण कार्य में कायदे-कानूनों को ताख पर रखा जा रहा है। कार्यदायी एजेंसी की ठेकेदार कंपनी द्वारा सड़क चौड़ी करने के लिए पहाड़ काटकर उसका मलबा सड़क से नीचे फेंककर वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। टनकपुर से सूखीढांग तक करीब 18 किमी हिस्से पर काटी गई पहाड़ियों का मलबा सड़क से नीचे फेंकने से जहां हरे-भरे पेड़ों को भारी क्षति पहुंच रही है, वहीं सैकड़ों वन्यजीवों की मौत का भी अंदेशा है। काम कर रही कंपनी की मनमानी पर सवाल उठने के बाद अब प्रशासन हरकत में आया है। जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम अनिल चन्याल ने मामले की जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑल वेदर रोड का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। डेढ़ सौ किमी लंबी इस सड़क निर्माण के पहले चरण का काम चार हिस्सोें में बांटा गया है। सड़क के शुरुआती हिस्से पर टनकपुर से बेलखेत तक निर्माण कार्य 209 करोड़ रुपये में आरजी बिल्ड वेल कंपनी कर रही है। पहले चरण में टनकपुर से सूखीढांग के बीच लगभग 18 किमी हिस्से पर पहाड़ कटिंग का कार्य किया गया है। इस कटिंग से निकले मलबे को उक्त कंपनी द्वारा निविदा शर्तों के मुताबिक सड़क के विभिन्न हिस्सों पर निर्धारित डंपिंग यार्ड में ही एकत्र किया जाना है, लेकिन उक्त कंपनी द्वारा ऐसा न कर पहाड़ी काटकर मलबा सड़क के नीचे फेंका जा रहा है। इससे जहां एक ओर करोड़ों की वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं सैकड़ों वन्यजीवों की भी मौतें हुई है।
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उधर, इस मामले में अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास भी मामले की संदिग्धता सामने ला रही है। एनएच के ईई एलडी मथेला ने माना कि सड़क निर्माण में शर्तों का उल्लंघन हो रहा है। उनके मुताबिक काटी जा रही पहाड़ी का मलबा एकत्र करने को ठेकेदार, कंसलटेंट एजेंसी एवं वन विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर डंपिंग यार्ड बनाए जाने थे, जो नहीं बनाए गए हैं। वहीं बूम रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बीके महरा का कहना है कि मलबा डंपिंग यार्ड बनाने को एनएच के ईई को दो पत्र भेजे जा चुके हैं। उन्होंने माना कि मलबा सड़क से नीचे फेंककर वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया गया है, लेकिन अब इस पर रोक लगा दी गई है। इधर प्रशासन ने स्वीकारा है कि सड़क कटिंग का मलबा सड़क से नीचे फेंककर वन संपदा को क्षति पहुंचाई गई है। एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि जिलाधिकारी डा. अहमद इकबाल के निर्देश पर मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई है।
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सड़क निर्माण को लगाया था अवैध स्टोन क्रशर
टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑल वेदर रोड निर्माण में अवैध स्टोन क्रशर एवं अवैध खनिज सामग्री के उपयोग का मामला भी सामने आ चुका है। बता दें कि जिलाधिकारी डा. अहमद इकबाल के निर्देश पर मारे गए छापे में सूखीढांग के पास सड़क निर्माण के लिए बगैर अनुमति के लगाए गए मोबाइल स्टोन क्रशर को प्रशासन एक माह पूर्व ही सीज कर चुका है। इस दौरान मोबाइल क्रशर के पास अवैध रूप से एकत्र खनिज सामग्री को भी सीज कर क्रशर स्वामी पर लाखों रुपये का जुर्माना डाला गया है। एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि सीज किया गया मोबाइल स्टोन क्रशर एवं खनिज सामग्री अब भी सीज है। जिलाधिकारी द्वारा क्रशर स्वामी का पक्ष जानने को उसे नोटिस भेजा गया है।
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