फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   La vida está empezando a regresar al área del choque

दुर्घटना वाले क्षेत्र में पटरी पर लौटने लगा है जनजीवन

Fri, 09 Feb 2018 10:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत Updated Fri, 09 Feb 2018 10:22 PM IST
विज्ञापन
La vida está empezando a regresar al área del choque
राष्ट्रीय राजमार्ग में बनलेख के समीप टूटा क्रश बैरियर। - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
स्वांला में अब सामान्य जनजीवन पटरी पर लौटने लगा है। वाहन दुर्घटनाओं का पर्यायवाची बने राष्ट्रीय राजमार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए शासन प्रशासन स्तर पर विचार विमर्श तेज हो गया है। वर्तमान में टनकपुर और पिथौरागढ़ के बीच 150 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को बारहमासी सड़क में बदलने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने के लिए वर्ष 2019 की समय सीमा तय की गई है।

इस परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि बारहमासी सड़क परियोजना के पूर्ण होने से चीन सीमा क्षेत्र तक सेना के वाहनों की आवाजाही सुगम हो जाएगी। इसके अलावा टनकपुर और पिथौरागढ़ के बीच वर्ष भर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भी निश्चित तौर पर कमी आएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला के अनुसार बारहमासी सड़क के निर्धारित समय सीमा तक आसानी से पूरा होने की संभावना है, क्योंकि इस मार्ग पर कोई ओवरब्रिज या सुरंग नहीं बनाई जानी है। 12 मीटर चौड़ी बारहमासी सड़क बनने के साथ ही संवेदनशील स्थानों पर वाहन दुर्घटनाओं को रोकने के भी पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। इसके बाद सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी। इधर स्वांला में दुर्घटना स्थल के आसपास स्थिति सामान्य होती जा रही है। वाहन दुर्घटना के बाद स्वांला के दुर्गा मंदिर में वाहनों के रुकने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
विज्ञापन



संवेदनशील स्थानों पर लगने चाहिए क्रश बैरियर
चंपावत। विशेषज्ञों का कहना है कि टनकपुर से पिथौरागढ़ के बीच संभावित दुर्घटना वाले संवेदनशील स्थानों पर क्रश बैरियर लगाकर वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। इससे पूर्व तक सड़क का रखरखाव करने वाली संस्था सीमा सड़क संगठन की ओर से टनकपुर से पिथौरागढ़ के बीच कई स्थानों में क्रश बैरियर लगाए गए थे, लेकिन स्वांला सहित कई अन्य संवेदनशील स्थानों पर क्रश बैरियर नहीं होने से दुर्घटनाओं पर अंकुश नहीं लग रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन



स्वांला मंदिर क्षेत्र में क्रश बैरियर लगाने के निर्देश
चंपावत। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता को एक माह पूर्व पत्र भेजकर स्वांला मंदिर क्षेत्र में क्रश बैरियर लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्यदायी संस्था की ओर से निर्देशों का पालन नहीं किया गया तथा एक और सड़क हादसे में दस लोगों की जानें चली गई। बीते माह 15 जनवरी को स्वांला मंदिर के समीप अभिशप्त क्षेत्र में हुई एक मोटर साइकिल दुर्घटना में दो युवकों की मौत के बाद एसपी ने क्रश बैरियर लगाने के निर्देश दिए थे।



चंपावत मानेश्वर के बीच भी खराब हुई सड़क
चंपावत। स्वांला क्षेत्र के अलावा जिन स्थानों पर बारहमासी सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, उन सभी स्थानों पर भी राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। इसके साथ ही चंपावत से मानेश्वर के बीच चल रहे सड़क कटिंग कार्य के कारण सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। डंपिंग जोन दूर होने के कारण कटिंग के दौरान भारी मात्रा में मलबा सड़क पर जमा हो जा रहा है। इससे वाहनों की आवाजाही में दिक्कतें आने के साथ ही कभी भी दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed