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Champawat News: कागजों तक ही सीमित रह गई कल्जाक-अमोड़ी मोटर मार्ग
Mon, 08 Sep 2025 11:02 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 08 Sep 2025 11:02 PM IST
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चंपावत के पल्सों की गर्भवती महिला को डोली से लाते ग्रामीण। स्रोत : ग्रामीण
चंपावत। ग्राम सभा पल्सों के ग्रामीणों ने कल्जाक-अमोड़ी मोटर मार्ग निर्माण की मांग के लिए डीएम मनीष कुमार को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 में यह सड़क मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल थी। कहा कि तीन साल बीतने के बाद भी सड़क नहीं बनी है।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में तोक कल्जाक में पैदल चलने का भी कोई सुगम मार्ग नहीं है। इस कारण बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को चारपाई या कुर्सी में डंडे की डोली बनाकर उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है। स्थानीय गिरीश जोशी ने बताया कि मुख्यालय से गांव की दूरी करीब सात किमी है। जिस कारण इन रास्तों से आने-जाने में जान का भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने डीएम से जल्द इसका संज्ञान लेकर सड़क निर्माण की गुहार लगाई है। ज्ञापन देने वालों में गिरीश जोशी, मोहित, मोहन पंद्र, सतीश चंद्र आदि शामिल थे। इस मामले में डीएम ने ग्रामीणों को जल्द कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
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गर्भवती को डोली से लाए सड़क तक
चंपावत। ग्राम पंचायत पल्सों की कल्जाक तोक की गर्भवती को डोली से ग्रामीण सड़क तक लाए। जहां से उसे वाहन से जिला अस्पताल लाया गया। ग्रामीण गिरीश जोशी ने बताया कि रविवार रात गांव की गर्भवती भावना जोशी पत्नी जगदीश जोशी की प्रसव पीड़ा बढ़ गई। रात होने के कारण उसे नहीं लाया जा सका। सोमवार को ग्रामीण डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद डोली से गर्भवती को कुर्सी की डोली बनाकर पांच किमी सड़क तक लाए। इसके बाद उसे सात किमी वाहन से उपचार के लिए मुख्यालय लाए। उसके बाद महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता। बीमार, बुजुर्गों को अक्सर डोली से लाना पड़ता है।
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ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में तोक कल्जाक में पैदल चलने का भी कोई सुगम मार्ग नहीं है। इस कारण बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को चारपाई या कुर्सी में डंडे की डोली बनाकर उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है। स्थानीय गिरीश जोशी ने बताया कि मुख्यालय से गांव की दूरी करीब सात किमी है। जिस कारण इन रास्तों से आने-जाने में जान का भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने डीएम से जल्द इसका संज्ञान लेकर सड़क निर्माण की गुहार लगाई है। ज्ञापन देने वालों में गिरीश जोशी, मोहित, मोहन पंद्र, सतीश चंद्र आदि शामिल थे। इस मामले में डीएम ने ग्रामीणों को जल्द कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
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गर्भवती को डोली से लाए सड़क तक
चंपावत। ग्राम पंचायत पल्सों की कल्जाक तोक की गर्भवती को डोली से ग्रामीण सड़क तक लाए। जहां से उसे वाहन से जिला अस्पताल लाया गया। ग्रामीण गिरीश जोशी ने बताया कि रविवार रात गांव की गर्भवती भावना जोशी पत्नी जगदीश जोशी की प्रसव पीड़ा बढ़ गई। रात होने के कारण उसे नहीं लाया जा सका। सोमवार को ग्रामीण डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद डोली से गर्भवती को कुर्सी की डोली बनाकर पांच किमी सड़क तक लाए। इसके बाद उसे सात किमी वाहन से उपचार के लिए मुख्यालय लाए। उसके बाद महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता। बीमार, बुजुर्गों को अक्सर डोली से लाना पड़ता है।
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