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पूर्णागिरि धाम में आफत बनकर बरसी बारिश
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पूर्णागिरि धाम में भू-स्खलन से सिद्वमोड़ में क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग।
- फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। दो दिन से लगातार रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र में आफत बरपाने लगी है। सोमवार की रात बारिश से पूर्णागिरि के सिद्धमोड़ पर एक दुकान भूस्खलन से खाई में समा गई। इससे दुकान स्वामी प्रकाश चंद्र पांडेय को करीब दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
सिद्धमोड़ में धाम का पैदल मार्ग का काफी हिससा भी भूस्खलन से क्षतिग्रस्त होकर नीचे से खोखला हो गया है। वहीं भैरव मंदिर में कासगंज धर्मशाला और उसके समीप वासुदेव पांडेय की दुकान भी खतरे की जद में आ गई है। पहाड़ी से खिसक रहा मलवा कभी धर्मशाला और दुकान को अपनी चपेट में ले सकता है। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय, उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, सचिव गिरीश पांडेय, कोषाध्यक्ष कैलाश पांडेय, पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी, नेत्र बल्लभ तिवारी, भैरव दत्त पांडेय, सुभाष पांडेय, लालमनी पांडेय आदि लोगों ने प्रशासन से क्षति का आंकलन करा प्रभावितों को उचित मुआवजा दिए जाने और आपदा से सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग उठाई है। बता दें कि इससे पूर्व हुई मूसलाधार बारिश में भी भैरव मंदिर में एक दुकान ध्वस्त हो चुकी है।
तीसरे दिन भी नहीं खुली टनकपुर पूर्णांगिरि सड़क
टनकपुर। टनकपुर- पूर्णागिरि मार्ग पर हनुमान चट्टी के पास पहाड़ी दरकने से सड़क पर आया भारी पत्थर तीसरे दिन भी नहीं हटाया जा सका। इस पत्थर को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग को एनएचआई से ब्रेकर मशीन मिल गई है। लेकिन एनएचआई की यह मशीन मौसम खराब होने से हनुमानचट्टी नहीं पहुंच पाई।
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बारिश से सुबह के समय किरोड़ा नाले के उफान और बाटनागाड़ में मलबा आने से यह मार्ग इन जगहों पर करीब तीन घंटे बाधित रहा। इस मार्ग पर हनुमान चट्टी के पास पहाड़ी दरकने से सड़क पर आया पत्थर मंगलवार को भी नहीं हटाया जा सका। लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट ने बताया कि सड़क पर आए चट्टान के पत्थर तोड़ने के लिए एनएचएआई से विभाग को ब्रेकर मशीन मिल गई है। मार्ग बंद होने और और मौसम खराब होने से मशीन हनुमान चट्टी तक नहीं पहुंच पाई है। (संवाद)
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सिद्धमोड़ में धाम का पैदल मार्ग का काफी हिससा भी भूस्खलन से क्षतिग्रस्त होकर नीचे से खोखला हो गया है। वहीं भैरव मंदिर में कासगंज धर्मशाला और उसके समीप वासुदेव पांडेय की दुकान भी खतरे की जद में आ गई है। पहाड़ी से खिसक रहा मलवा कभी धर्मशाला और दुकान को अपनी चपेट में ले सकता है। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय, उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, सचिव गिरीश पांडेय, कोषाध्यक्ष कैलाश पांडेय, पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी, नेत्र बल्लभ तिवारी, भैरव दत्त पांडेय, सुभाष पांडेय, लालमनी पांडेय आदि लोगों ने प्रशासन से क्षति का आंकलन करा प्रभावितों को उचित मुआवजा दिए जाने और आपदा से सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग उठाई है। बता दें कि इससे पूर्व हुई मूसलाधार बारिश में भी भैरव मंदिर में एक दुकान ध्वस्त हो चुकी है।
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तीसरे दिन भी नहीं खुली टनकपुर पूर्णांगिरि सड़क
टनकपुर। टनकपुर- पूर्णागिरि मार्ग पर हनुमान चट्टी के पास पहाड़ी दरकने से सड़क पर आया भारी पत्थर तीसरे दिन भी नहीं हटाया जा सका। इस पत्थर को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग को एनएचआई से ब्रेकर मशीन मिल गई है। लेकिन एनएचआई की यह मशीन मौसम खराब होने से हनुमानचट्टी नहीं पहुंच पाई।
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बारिश से सुबह के समय किरोड़ा नाले के उफान और बाटनागाड़ में मलबा आने से यह मार्ग इन जगहों पर करीब तीन घंटे बाधित रहा। इस मार्ग पर हनुमान चट्टी के पास पहाड़ी दरकने से सड़क पर आया पत्थर मंगलवार को भी नहीं हटाया जा सका। लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट ने बताया कि सड़क पर आए चट्टान के पत्थर तोड़ने के लिए एनएचएआई से विभाग को ब्रेकर मशीन मिल गई है। मार्ग बंद होने और और मौसम खराब होने से मशीन हनुमान चट्टी तक नहीं पहुंच पाई है। (संवाद)

पूर्णागिरि मार्ग में उफनाया किरोड़ा नाला।- फोटो : TANAKPUR