फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   It is difficult to build a 1.25 kilometer road

Champawat News: सवा किलोमीटर सड़क बनाने में फूल रही सांस

Sat, 07 Oct 2023 11:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Sat, 07 Oct 2023 11:41 PM IST
विज्ञापन
It is difficult to build a 1.25 kilometer road
सड़क नहीं होने से पैदल रास्ता तय करते आमखर्क गांव के ग्रामीण। संवाद
चंपावत। स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के गांव तक सड़क पहुंचाने में तंत्र की सांस फूल रही है। सूखीढांग क्षेत्र के छोटे से गांव आमखर्क से चार सेनानी हैं लेकिन आजादी के 76 साल बाद भी गांव के लोग सड़क के लिए तरस रहे हैं। सड़क नहीं होने से यह गांव विकास की मुख्य धारा से ही दूर नहीं है बल्कि उत्तराखंड बनने के बाद से दो-तिहाई परिवारों ने पलायन भी कर दिया है।
विज्ञापन

आमखर्क चार सेनानी पंडित रामचंद्र चौड़ाकोटी, बेनीराम चौड़ाकोटी, पद्मादत्त चौड़ाकोटी और बची सिंह राना का गांव है। सड़क नहीं होने से बृजनगर से आमखर्क तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को सवा किमी पैदल जाना पड़ रहा है। 1960 से अनेकों बार आवाज उठाने के बावजूद सड़क नहीं पहुंची। इस साल तीन जून को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांव तक सड़क पहुंचाने का एलान किया था लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई खास कदम नहीं उठाया जा सका है। लोनिवि के एई लक्ष्मण सिंह सामंत का कहना है कि मुख्यमंत्री के एलान के बाद इस सड़क बनाने के लिए जरूरी कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन


सड़क नहीं होने का खामियाजाः उत्तराखंड बनने के बाद से आमखर्क गांव में 23 साल में 71 परिवारों में से 25 ही हैं। 46 परिवार पलायन कर चुके हैं। गांव तक जरूरी सामान पहुंचने में पांच प्रतिशत खर्च ढुलाना का बढ़ जाता है। आम समय के अलावा बरसात में यहां से आवाजाही टेड़ी खीर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
सात दशक से अधिक समय से सड़क की गुहार लगाते थक गए हैं। पैदल चलने में मुश्किल होती है। कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री ने घोषणा की लेकिन सड़क पर काम अब भी शुरू नहीं हो सका है।

बृजमोहन चौड़ाकोटी,
कोट
सड़क की कमी से आवाजाही ही नहीं अन्य विकास कार्यों पर भी मार पड़ रही है। गांव में स्कूल और स्वास्थ्य की सुविधा नहीं होने से मुश्किल हो रही है।

सेनानी पुत्र, आमखर्क।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed